नई दिल्ली (PaisaKhabar News Desk): आज 05 अक्टूबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली का माहौल देखा गया, जिससे Sensex और Nifty दोनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान पर बंद हुए। आज के कारोबार में Sensex लगभग 570 अंक टूटकर बंद हुआ, जबकि Auto और Metal जैसे सेक्टर्स में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। बाजार में इस अचानक आई हलचल के पीछे ग्लोबल मार्केट के कमजोर संकेत और FIIs (Foreign Institutional Investors) द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली मुख्य वजह रहे, जिससे निवेशकों के पोर्टफोलियो को तगड़ा झटका लगा है।
📌 मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- आज के कारोबार में Sensex करीब 570 अंकों की भारी गिरावट के साथ बंद हुआ।
- Nifty में भी जोरदार बिकवाली दर्ज की गई और इंडेक्स अहम सपोर्ट लेवल से नीचे फिसल गया।
- Auto और Metal शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली से निवेशकों के Wealth में गिरावट आई।
- Gold ETF और सुरक्षित एसेट्स में निवेशकों का रुझान तेजी से शिफ्ट हो रहा है।
Sensex और Nifty में आज 570 अंकों की गिरावट के मुख्य कारण
आज के कारोबारी सत्र की शुरुआत से ही बाजार पर बेअर्स (Bears) हावी रहे। वैश्विक बाजारों से मिले सुस्त संकेतों और एशियाई बाजारों में बिकवाली के दबाव ने घरेलू निवेशकों की धारणा को कमजोर कर दिया। इसके अलावा, हालिया महंगाई के आंकड़ों और कंपनियों के तिमाही नतीजों से पहले निवेशकों ने जोखिम भरे शेयरों से दूरी बनानी शुरू कर दी। Auto सेक्टर के शेयरों में मांग सुस्त रहने की आशंका और Metal शेयरों में ग्लोबल कमोडिटी कीमतों की नरमी के कारण भारी मुनाफावसूली देखने को मिली।
विशेषज्ञों के अनुसार, Nifty का अपने अहम टेक्निकल सपोर्ट से नीचे फिसलना यह दर्शाता है कि शॉर्ट-टर्म में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। इस माहौल में रिटेल निवेशकों को अपने Portfolio में अत्यधिक जोखिम वाले स्टॉक्स से बचने और क्वालिटी लार्ज-कैप शेयरों पर फोकस करने की सलाह दी जा रही है। इसके साथ ही, डेरिवेटिव मार्केट में लॉन्ग पोजीशन रखने वाले ट्रेडर्स को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है क्योंकि Stop-Loss ट्रिगर होने से बिकवाली का दबाव और बढ़ गया।
Auto और Metal सेक्टर में बिकवाली से निवेशकों के Portfolio पर असर
आज की गिरावट का सबसे ज्यादा असर Auto और Metal सेक्टर की कंपनियों के शेयरों पर पड़ा। टाटा मोटर्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा और मारुति सुजुकी जैसी ऑटो कंपनियों के शेयरों में 2% से 4% तक की कमजोरी दर्ज की गई। वहीं, मेटल इंडेक्स में हिंडाल्को, टाटा स्टील और जिंदल स्टील जैसे दिग्गज शेयर बिकवाली के शिकार हुए। इस व्यापक बिकवाली के कारण निवेशकों की कुल संपत्ति (Market Capitalization) में एक ही दिन में हजारों करोड़ रुपये की कमी आ गई है।
यदि किसी निवेशक का Portfolio इन दोनों सेक्टर्स में 5 लाख रुपये से अधिक का निवेश रखता है, तो आज के सत्र में उसे औसतन 3% से 4% यानी करीब 15,000 से 20,000 रुपये तक के सांकेतिक नुकसान का सामना करना पड़ा होगा। हालांकि, मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों के शेयरधारक इस बात से राहत महसूस कर सकते हैं कि यह गिरावट मुख्य रूप से सेंटीमेंटल और ग्लोबल कारणों से है, न कि कंपनियों के आंतरिक प्रदर्शन में किसी बड़ी कमजोरी के कारण।
05 अक्टूबर 2026 को प्रमुख सेक्टर्स और इंडेक्स का परफॉर्मेंस
उपरोक्त आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि मेटल और ऑटो सेक्टर्स में बिकवाली का दबाव सबसे तीव्र रहा है, जिसके चलते इन सेक्टर्स के निवेशकों को प्रति लाख निवेश पर अन्य लार्ज-कैप स्टॉक्स की तुलना में अधिक घाटा उठाना पड़ा है।
बाजार की इस उठापटक के बीच निवेशकों को क्या कदम उठाने चाहिए
इस प्रकार के वोलेटाइल बाजार में घबराहट में आकर अपने क्वालिटी शेयरों को बेचने से बचना चाहिए। यदि आपने लंबी अवधि के नजरिए से निवेश किया है, तो ऐसी गिरावट आपके लिए अच्छी कंपनियों को कम कीमत पर खरीदने का अवसर प्रदान करती है। अपने Portfolio में डायवर्सिफिकेशन बनाए रखें और इक्विटी के साथ-साथ Gold ETF जैसे सुरक्षित एसेट्स में भी आनुपातिक निवेश रखें ताकि कुल जोखिम को नियंत्रित किया जा सके।
- अपने हर ट्रेड में स्ट्रिक्ट Stop-Loss का उपयोग करें ताकि अचानक आने वाली गिरावट से बड़ा नुकसान न हो।
- SIP के जरिए म्यूचुअल फंड्स में निवेश जारी रखें, क्योंकि मार्केट करेक्शन के दौरान यूनिट्स सस्ती मिलती हैं।
- हाई-बीटा और अत्यधिक कर्ज वाली कंपनियों के शेयरों से दूर रहें और मजबूत बैलेंस शीट वाली ब्लू-चिप कंपनियों को चुनें।
- शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग पोजीशन लेने से पहले ग्लोबल मार्केट्स और तकनीकी लेवल्स की पूरी समीक्षा अवश्य कर लें।
