नई दिल्ली (PaisaKhabar News Desk): भारतीय शेयर बाजार में पिछले कारोबारी सत्र 08 अक्टूबर 2026 को भारी बिकवाली के चलते ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों में चिंता का माहौल है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 1,045.46 अंक यानी 1.44 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 71,593.24 के स्तर पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 सूचकांक भी 371.25 अंक यानी 1.64 प्रतिशत टूटकर 22,231.80 के महत्वपूर्ण स्तर पर आ गया। इसके अलावा, एन.एस.ई. बैंक निफ्टी में भी 540.50 अंक यानी 0.98 प्रतिशत की कमजोरी आई और यह 54,515.05 के स्तर पर बंद हुआ। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और घरेलू स्तर पर बिकवाली के दबाव के कारण निवेशकों की संपत्ति में भारी कमी आई है, जिससे आज के आगामी सत्र में सतर्क रहने की आवश्यकता है।
📌 मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- सेंसेक्स 08 अक्टूबर 2026 को 1,045.46 अंक (-1.44%) लुढ़ककर 71,593.24 पर बंद हुआ।
- निफ्टी 50 सूचकांक 371.25 अंक (-1.64%) की गिरावट के साथ 22,231.80 के स्तर पर आया।
- बैंक निफ्टी में 540.50 अंक (-0.98%) की कमजोरी दर्ज हुई और यह 54,515.05 पर बंद हुआ।
- अगले कारोबारी सत्र में निफ्टी के लिए 22,200 का सपोर्ट और 22,800 का रेजिस्टेंस महत्वपूर्ण है।
सेंसेक्स और निफ्टी में भारी भूचाल और गिरावट के प्रमुख कारण
भारतीय शेयर बाजार में 08 अक्टूबर 2026 को आए जबरदस्त भूचाल ने निवेशकों की नींद उड़ा दी है, जिसमें सेंसेक्स 71,593.24 के स्तर पर सिमट गया। बाजार के जानकारों के अनुसार इस बड़ी गिरावट के पीछे मुख्य रूप से कमजोर वैश्विक संकेत, विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली और मेटल तथा हेल्थकेयर शेयरों में भारी मुनाफावसूली रही। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के इतिहास में यह सत्र निवेशकों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहा, क्योंकि दिन के कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 72,668.00 का उच्च स्तर छूने के बाद 71,327.75 के निचले स्तर को छुआ। इस भारी उठापटक के बीच बाजार का सेंटिमेंट पूरी तरह से नकारात्मक हो गया है और निवेशकों को सतर्क रुख अपनाने की सलाह दी जा रही है।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी 50 में भी जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली, जो पिछले सत्र में 22,603.05 से लुढ़ककर 22,231.80 पर बंद हुआ। निफ्टी के लिए दिन का दायरा 22,179.90 से 22,599.05 के बीच रहा, जो यह दर्शाता है कि खरीदार निचले स्तरों पर टिकने में नाकाम रहे। साथ ही, बैंकिंग शेयरों के दबाव के कारण बैंक निफ्टी भी 54,515.05 पर बंद हुआ, जिसमें 540.50 अंकों की भारी गिरावट दर्ज की गई। इस व्यापक बिकवाली ने बाजार के सभी प्रमुख सेक्टर्स को अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स और लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर्स दोनों के लिए ही जोखिम प्रबंधन बेहद जरूरी हो गया है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और सूचकांकों के पिछले कारोबारी आंकड़े
भारतीय पूंजी बाजार का इतिहास काफी समृद्ध रहा है, जहाँ एशिया का सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज बीएसई 1875 में स्थापित हुआ था और इसका मानक सूचकांक सेंसेक्स 1 जनवरी 1986 को लॉन्च किया गया था, जिसका आधार वर्ष 1978-79 बराबर 100 अंक है। इसके बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की स्थापना 1992 में हुई और इसका प्रमुख सूचकांक निफ्टी 50 22 अप्रैल 1996 को शुरू किया गया, जिसका आधार वर्ष 1995 बराबर 1,000 अंक तय किया गया था। इन दशकों के सफर में बाजार ने कई आर्थिक संकटों और उतार-चढ़ाव का सामना किया है, लेकिन हर बार मजबूत कॉर्पोरेट अर्निंग्स और अर्थव्यवस्था की बुनियादी ताकतों के बल पर बाजार ने नई ऊंचाइयों को छुआ है।
मौजूदा परिदृश्य में पिछले सत्र 08 अक्टूबर 2026 के आंकड़ों पर नजर डालें तो सेंसेक्स का पिछला बंद स्तर 72,638.70 था, जिससे यह 1,045.46 अंक गिरकर बंद हुआ। इसी प्रकार निफ्टी 50 का पिछला बंद 22,603.05 था जो अब 22,231.80 पर आ चुका है, और बैंक निफ्टी 55,055.55 से घटकर 54,515.05 पर बंद हुआ है। ऐतिहासिक रूप से जब भी बाजार में इस तरह का तीव्र दबाव बनता है, तो तकनीकी रूप से मजबूत शेयरों में एसआईपी के जरिए चरणबद्ध निवेश करने से निवेशकों को लंबी अवधि में बेहतर औसत रिटर्न मिलने की संभावना रहती है, बशर्ते वे बाजार के उतार-चढ़ाव से घबराएं नहीं।
प्रमुख इंडेक्स के क्लोजिंग स्तर और टेक्निकल लेवल्स की तुलना
विभिन्न प्रमुख सूचकांकों के पिछले सत्र के बंद स्तरों और आगामी कारोबारी सत्र के लिए निर्धारित तकनीकी सपोर्ट व रेजिस्टेंस लेवल्स का विश्लेषण करना हर निवेशक के लिए बेहद आवश्यक है। नीचे दी गई तालिका में सेंसेक्स, निफ्टी और बैंक निफ्टी के हालिया प्रदर्शन का पूरा डेटा प्रस्तुत किया गया है:
उपरोक्त तालिका से यह स्पष्ट होता है कि तीनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए हैं और अपने तात्कालिक सपोर्ट स्तरों के बेहद करीब ट्रेड कर रहे हैं। यदि आगामी सत्र में बाजार इन सपोर्ट लेवल्स को बनाए रखने में असफल रहता है, तो बिकवाली का यह दौर कुछ और समय तक जारी रह सकता है।
आगामी कारोबारी सत्र के प्रमुख टेक्निकल लेवल्स और एक्शन प्लान
आज के आगामी कारोबारी सत्र में निवेश और ट्रेडिंग के लिहाज से तकनीकी लेवल्स पर पैनी नजर रखना बेहद जरूरी है। बाजार विश्लेषकों के अनुसार निवेशकों को किसी भी नए पोजीशन को बनाने से पहले निम्नलिखित रणनीतिक कदमों का पालन करना चाहिए:
आगामी कारोबारी सत्र के प्रमुख टेक्निकल लेवल्स और एक्शन प्लान इस प्रकार हैं:
- चरण 1: सेंसेक्स के लिए आगामी सत्र में तात्कालिक सपोर्ट 71,450 और रेजिस्टेंस 73,300 पर है।
- चरण 2: निफ्टी 50 के लिए 22,200 का महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर और 22,800 का रेजिस्टेंस तय किया गया है।
- चरण 3: बैंक निफ्टी में 54,450 के सपोर्ट और 55,350 के रेजिस्टेंस स्तर पर विशेष नजर रखें।
- चरण 4: कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच लॉन्ग पोजीशन लेते समय स्टॉपलॉस का सख्ती से पालन करें।
