नई दिल्ली (PaisaKhabar News Desk): शेयर बाजार में पिछले कारोबारी सत्र 09 अक्टूबर 2026 को जोरदार खरीदारी का तूफान देखा गया, जिसमें BSE सेंसेक्स 879.09 अंक या 1.23% की जबरदस्त छलांग के साथ 72,472.33 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 50 ने 288.65 अंकों यानी 1.30% की मजबूती दर्ज करते हुए 22,520.45 के स्तर को पार किया। बैंक निफ्टी भी 741.60 अंक या 1.36% की तेजी के साथ 55,256.65 के स्तर पर बंद हुआ। कच्चे तेल कीमतों में नरमी और आईटी तथा एफएमसीजी शेयरों में भारी लिवाली के चलते निवेशकों की संपत्ति में करीब 4 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। बाजार के इस शानदार प्रदर्शन ने पिछले दो दिनों की बिकवाली के दबाव को पूरी तरह धो दिया है।
📌 मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- BSE सेंसेक्स पिछले कारोबारी सत्र में 879.09 अंक या 1.23% उछलकर 72,472.33 के स्तर पर बंद हुआ।
- NSE निफ्टी 50 सूचकांक 288.65 अंक यानी 1.30% की तेजी के साथ 22,520.45 के स्तर पर पहुंचा।
- NSE बैंक निफ्टी ने 741.60 अंक या 1.36% की मजबूती दिखाते हुए 55,256.65 पर कारोबार समाप्त किया।
- कच्चे तेल में गिरावट और आईटी-एफएमसीजी शेयरों की बदौलत निवेशकों की संपत्ति में ₹4 लाख करोड़ का मुनाफा हुआ।
Sensex और Nifty में शानदार तेजी और प्रमुख इंडेक्स प्रदर्शन
दलाल स्ट्रीट पर पिछले कारोबारी सत्र में चौतरफा लिवाली के कारण भारतीय शेयर बाजार ने एक मजबूत वापसी दर्ज की है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 71,593.24 के पिछले बंद स्तर से छलांग लगाते हुए 72,472.33 के स्तर पर बंद हुआ। सत्र के दौरान सेंसेक्स ने 71,776.67 का निचला स्तर और 72,669.20 का उच्च स्तर छुआ। इसी प्रकार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 सूचकांक 22,231.80 से बढ़कर 22,520.45 के स्तर पर बंद हुआ, जिसमें इंट्राडे कारोबार के दौरान 22,580.75 का उच्च और 22,294.75 का निचला स्तर दर्ज किया गया।
बैंकिंग सेक्टर के प्रमुख सूचकांक बैंक निफ्टी में भी जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली, जो 54,515.05 के पिछले बंद से 741.60 अंक मजबूत होकर 55,256.65 पर बंद हुआ। बैंक निफ्टी का इंट्राडे दायरा 54,746.25 के शुरुआती स्तर से लेकर 55,419.30 के उच्च स्तर तक फैला रहा। विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और कच्चे तेल कीमतों में नरमी के कारण घरेलू संस्थागत निवेशकों ने वित्तीय, आईटी और एफएमसीजी शेयरों में आक्रामक खरीदारी की है, जिससे बाजार की धारणा बेहद मजबूत हो गई है।
आईटी और एफएमसीजी शेयरों की अगुवाई में बाजार का सेक्टोरल एक्शन
इस जोरदार तेजी के पीछे आईटी और एफएमसीजी सेक्टर के शेयरों का सबसे बड़ा योगदान रहा है। टीसीएस और आईटीसी जैसी दिग्गज कंपनियों के शानदार तिमाही नतीजों और सकारात्मक कारोबारी दृष्टिकोण ने निवेशकों का भरोसा काफी हद तक बढ़ा दिया है। पिछले दो सत्रों में जारी बिकवाली के बाद निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी का फायदा उठाया, जिससे बाजार में हरियाली लौट आई। मेटल और ऑटो सेक्टर के शेयरों में भी लिवाली का समर्थन मिला, जिससे सूचकांकों को लगातार ऊपर की ओर बनाए रखने में मदद मिली और निवेशकों की कुल वेल्थ में करीब 4 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ।
वैश्विक मोर्चे पर भू-राजनीतिक तनावों के बीच कच्चे तेल (Crude Oil) कीमतों में आई नरमी ने भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी राहत काम किया है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, ऐसे में कच्चे तेल के दाम घटने से राजकोषीय घाटे और मुद्रास्फीति के दबाव कम होने की उम्मीद है। इसी का परिणाम है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) दोनों ने भारतीय बाजार में अपनी स्थिति मजबूत की है, जिससे तकनीकी चार्ट पर बाजार का रुझान पूरी तरह से सकारात्मक हो गया है।
प्रमुख सूचकांकों के पिछले क्लोजिंग स्तर और तकनीकी आंकड़ों की तुलना
शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों के पिछले सत्र के प्रदर्शन और तकनीकी आंकड़ों का विश्लेषण करने से निवेशकों को आगामी कारोबारी सत्र की रणनीति तैयार करने में मदद मिलती है। नीचे दी गई तालिका में सेंसेक्स, निफ्टी 50 और बैंक निफ्टी के पिछले क्लोजिंग स्तर, बदलाव और आगामी तकनीकी लेवल्स को स्पष्ट रूप से दर्शाया गया है।
तालिका के आंकड़ों से स्पष्ट है कि सभी प्रमुख सूचकांकों ने एक से डेढ़ प्रतिशत की मजबूत बढ़त दर्ज की है। निवेशकों को इन तकनीकी लेवल्स को ध्यान में रखते हुए अपने पोर्टफोलियो में स्टॉप लॉस का सख्ती से पालन करना चाहिए और चुनिंदा शेयरों में ही निवेश करना चाहिए।
आगामी कारोबारी सत्र के लिए तकनीकी सपोर्ट, रेजिस्टेंस और एक्शन प्लान
आगामी कारोबारी सत्र के लिए तकनीकी विश्लेषकों ने निफ्टी 50 और सेंसेक्स के लिए महत्वपूर्ण सपोर्ट और रेजिस्टेंस जोन तय किए हैं। बाजार की इस तेजी को बनाए रखने के लिए निवेशकों को निम्नलिखित रणनीतियों और तकनीकी लेवल्स का कड़ाई से पालन करना चाहिए ताकिसी भी अचानक उतार-चढ़ाव से सुरक्षा मिल सके।
आगामी सत्र के लिए बाजार के तकनीकी मोर्चे पर निम्नलिखित 4 प्रमुख बिंदुओं का विशेष ध्यान रखें:
- चरण 1: निफ्टी 50 के लिए आगामी सत्र में 22,400 का स्तर तत्काल सपोर्ट और 22,750 का स्तर प्रमुख रेजिस्टेंस रहेगा।
- चरण 2: BSE सेंसेक्स के लिए 72,100 पर मजबूत सपोर्ट और 73,200 के स्तर पर कड़ा रेजिस्टेंस दिखाई दे रहा है।
- चरण 3: NSE बैंक निफ्टी के लिए 54,950 का सपोर्ट और 55,850 का रेजिस्टेंस स्तर बेहद महत्वपूर्ण माना गया है।
- चरण 4: इंट्राडे ट्रेडर्स किसी भी पोजीशन को बनाते समय स्ट्रिक्ट स्टॉप लॉस का उपयोग करें और ओवरलेवरेजिंग से बचें।
