आगरा में ग्राहक को न्याय – कर्ज चुकाने के बाद भी दस्तावेज नहीं लौटाए तो बैंक को देना पड़ा हर्जाना
अगर आपने होम लोन, जमीन का लोन या कोई भी गिरवी वाला लोन पूरा चुका दिया है और बैंक आपके मूल कागज – बैनामा / टाइटल डीड वापस नहीं कर रहा है, तो यह खबर आपके लिए है।
आगरा में ऐसा ही एक मामला सामने आया जहाँ ऋण पूर्ण रूप से चुका देने के बावजूद, बैंक ने तय समय यानी 30 दिनों में उनके जमीन से जुड़े दस्तावेज उन्हें नहीं सौंपे। इस पर जिला उपभोक्ता आयोग की अध्यक्ष सुजाता जसवाल, सदस्य आलोक कुमार दुबे और सीमा गोलछा की संयुक्त पीठ ने सख्त फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा दस्तावेज समय पर न लौटाकर बैंक ने उपभोक्ताओं के साथ सेवा में कमी और व्यवसायिक कदाचार किया।
कोर्ट ने क्या आदेश दिया?
कोर्ट ने बैंक को निर्देश दिए कि वह 30 दिनों की समयसीमा के बाद हुई देरी के हर दिन पर ₹5,000 रुपये की दर से जुर्माना अदा करे। इस हिसाब से कुल जुर्माना ₹2.30 लाख से ₹2.50 लाख तक बैठा। यह आदेश अमर उजाला में 26 अगस्त 2026 को प्रकाशित हुआ था।
RBI का नियम क्या कहता है? हर ग्राहक को पता होना चाहिए
इस तरह के मामलों को रोकने के लिए RBI ने 13 सितंबर 2023 को एक सर्कुलर जारी किया था, जो कहता है कि लोन बंद होने के बाद मूल दस्तावेज वापस करने में देरी के लिए ₹5,000 प्रति दिन का मुआवजा देना होगा।
और बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी साफ कहा है – “एक बार पूरा लोन चुक जाने के बाद बैंक के पास टाइटल डीड पर जनरल लीन का कोई अधिकार नहीं है।”
ये सिर्फ आगरा का मामला नहीं है:
- नॉर्थ गोवा में SBI को प्रॉपर्टी पेपर न लौटाने पर ₹2 लाख का हर्जाना देना पड़ा।
- NCDRC ने तो कोलकाता में एक ग्राहक का टाइटल डीड खोने पर SBI को ₹5 लाख का मुआवजा देने का आदेश दिया था।
- उड़ीसा हाईकोर्ट ने कहा था कि बैंक अधिकारी ग्राहक के साथ लुका-छिपी का खेल खेल रहे हैं, जबकि लोन अकाउंट बंद होने पर बंधक का कोई मतलब नहीं रहता।
अगर आपके साथ ऐसा हो तो क्या करें?
1. लिखित में मांगें: लोन क्लोजर के दिन ही बैंक से No Dues Certificate (NOC) और Original Documents Return Acknowledgement लें।
2. 30 दिन का अल्टीमेटम: RBI के अनुसार बैंक को 30 दिन के अंदर बैनामा लौटाना ही है। 30 दिन के बाद हर दिन का ₹5000 जुर्माना आपका हक है।
3. कहां शिकायत करें?
- पहले बैंक के नोडल ऑफिसर को
- फिर RBI के CMS Portal (cms.rbi.org.in) पर
- और आखिर में जिला उपभोक्ता आयोग में। 2023 के बाद ऐसे केसों में ग्राहकों की जीत 90% से ज्यादा है।
FAQs
Q. बैंक कहता है दूसरा लोन बाकी है इसलिए बैनामा नहीं देंगे, क्या यह सही है?
बिल्कुल गलत। एक लोन का बैनामा दूसरे लोन के लिए नहीं रोका जा सकता। हाईकोर्ट ने इसे गैरकानूनी माना है।
Q. अगर बैंक कहे कि बैनामा खो गया है तो?
तो बैंक को डुप्लीकेट बैनामा बनवाकर देना होगा और उसका पूरा खर्च + ₹2 से ₹5 लाख तक का मुआवजा भी देना होगा, जैसा SBI के केस में हुआ।
निष्कर्ष:
कर्ज चुकाना आपका कर्तव्य है, लेकिन बैनामा वापस करना बैंक की कानूनी जिम्मेदारी है। अगर बैंक आनाकानी करे तो डरें नहीं, यह फैसला आपके पक्ष में है।
