सोचिए, सुबह दुकान खोलते ही UPI Failed. बैंक ऐप पर मैसेज – Your Account is Freezed. वजह? 2 महीने पहले आए ₹980 के एक पेमेंट पर किसी ने साइबर शिकायत कर दी थी। और आपके ₹2.5 लाख वाले करंट अकाउंट पर ताला लग गया। हजारों व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों के साथ यही हो रहा था, अब इस पर हाईकोर्ट ने ब्रेक लगा दिया है।

क्या हुआ था असली केस में?

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट जबलपुर में भोपाल की अर्चना शिवहरे ने याचिका दायर की थी। उनके करंट अकाउंट में सिर्फ ₹980 का एक ट्रांजेक्शन संदिग्ध बताया गया, लेकिन साइबर सेल के ई-मेल पर बैंक ने पूरा ₹2,51,72,192 वाला खाता फ्रीज कर दिया। जस्टिस हिमांशु जोशी की बेंच ने कहा – ये कार्रवाई अनुपातहीनता के सिद्धांत पर खरी नहीं उतरती।

हाईकोर्ट के 5 बड़े निर्देश जो हर खाताधारक को पता होने चाहिए:

1. सिर्फ शक वाली रकम रुकेगी, पूरा खाता नहीं – कोर्ट ने साफ कहा, जांच एजेंसियों को केवल विवादित राशि तक ही कार्रवाई सीमित रखनी चाहिए ताकि वैध कारोबार प्रभावित न हो।
2. लिखित कारण जरूरी – पूरा खाता सिर्फ असाधारण परिस्थिति में ही फ्रीज किया जा सकता है और उसके लिए कारण दर्ज करना अनिवार्य होगा।
3. सैलरी अकाउंट फ्रीज करना गलत – वेतन खाते को पूरी तरह रोकना आजीविका के अधिकार का उल्लंघन है।
4. ई-मेल से खाता बंद नहीं – अब बैंक सिर्फ साइबर सेल के ई-मेल के आधार पर पूरा खाता बंद नहीं कर सकेंगे।
5. 90 दिन की लिमिट – अगर 3 महीने में जांच एजेंसी आरोप सिद्ध नहीं करती तो रोकी गई राशि भी खाताधारक निकाल सकेगा।

सिर्फ MP नहीं, देशभर के हाईकोर्ट एकमत:

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा – पुलिस पूरे खाते को ब्लॉक नहीं कर सकती। राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा – सिर्फ लियन लगेगा, पूरा फ्रीज नहीं होगा। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने PNB को एक हफ्ते में खाता खोलने का आदेश दिया।

आपका खाता फ्रीज हो जाए तो तुरंत ये 5 काम करें:

  1. बैंक से लिखित में लें – फ्रीज किस एजेंसी के कहने पर हुआ, शिकायत नंबर क्या है
  2. संबंधित साइबर सेल को मेल करें – “Request to mark lien on disputed amount only” – साथ में अपना इनवॉइस/सैलरी स्लिप अटैच करें
  3. 15 दिन में जवाब न आए तो SP साइबर क्राइम को एस्केलेट करें
  4. फिर भी न खुले तो इस जजमेंट के साथ हाईकोर्ट में रिट फाइल करें
  5. आगे से बिजनेस और पर्सनल खाता अलग-अलग रखें

निष्कर्ष: फ्रॉड रोकना जरूरी है, लेकिन ईमानदार लोगों का पूरा खाता बंद करना न्याय नहीं है। ये फैसला करोड़ों खाताधारकों के लिए राहत है।

By Deepak Singh

Founder and Financial Content Writer at PaisaKhabar.in. Covering Banking, Loans, Government Schemes, and Personal Finance in simple Hindi.

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