SGB Premature Redemption: सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (Sovereign Gold Bond – SGB) में पैसा लगाने वाले निवेशकों की बल्ले-बल्ले हो गई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने SGB 2020-21 Series VI के प्री-मैच्योर रिडेम्पशन (समय पूर्व निकासी) के लिए आधिकारिक एग्जिट प्राइस ₹15,384 प्रति ग्राम तय कर दी है। इस सीरीज में 5 साल पहले निवेश करने वालों का पैसा 3 गुना से भी ज्यादा बढ़ चुका है, यानी ₹1 लाख का निवेश सीधे ₹3,03,611 बन गया है।

📌 SGB रिडेम्पशन की मुख्य बातें (Key Highlights)

  • इश्यू प्राइस (सितंबर 2020): ₹5,067 प्रति ग्राम (ऑनलाइन डिस्काउंट के बाद)।
  • RBI एग्जिट प्राइस (सितंबर 2026): ₹15,384 प्रति ग्राम।
  • पूंजीगत मुनाफा (Capital Gains): 5 वर्षों में +203.6% की भारी बढ़त।
  • अतिरिक्त 2.5% वार्षिक ब्याज: 5 वर्षों तक हर 6 महीने में निवेशकों के बैंक खाते में 2.5% की दर से ब्याज भी अलग से मिला।
  • 100% टैक्स फ्री रिटर्न: RBI की आधिकारिक रिडेम्पशन विंडो के तहत मिलने वाला पूरा मुनाफा पूरी तरह Long-Term Capital Gains (LTCG) Tax-Free है।

1. रिटर्न का पूरा गणित: ₹1 लाख कैसे बना ₹3.04 लाख?

आइए इसे आसान भाषा में समझें। मान लीजिए सितंबर 2020 में किसी निवेशक ने ₹1,00,000 लगाकर लगभग 19.73 ग्राम गोल्ड बॉन्ड खरीदे थे:

विवरण (Particulars) सितंबर 2020 (खरीद) सितंबर 2026 (रिडेम्पशन)
गोल्ड बॉन्ड भाव (प्रति ग्राम) ₹5,067 ₹15,384
कुल निवेश मूल्य (19.73 ग्राम) ₹1,00,000 ₹3,03,611 (+203.6%)
5 साल में मिला कुल ब्याज – ₹12,500 (2.5% सालाना)
कुल हासिल रकम ₹1,00,000 ₹3,16,111 (3.16 गुना)

2. क्या इस मुनाफे पर टैक्स लगेगा?

इनकम टैक्स कानून की धारा 47(viic) के अनुसार, जब कोई व्यक्तिगत निवेशक 5 साल पूरे होने के बाद RBI की आधिकारिक रिडेम्पशन विंडो के जरिए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड भुनाता है, तो मिलने वाला पूरा कैपिटल गेन 100% टैक्स-फ्री (Tax Exempt) होता है। यानी ₹2.03 लाख के शुद्ध मुनाफे पर सरकार को एक भी रुपया टैक्स नहीं देना होगा। हालांकि, हर साल मिलने वाले 2.5% ब्याज पर निवेशक के इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स लागू होता है।

3. रिडेम्पशन के लिए आवेदन कैसे करें?

  1. बैंक / पोस्ट ऑफिस से खरीदे बॉन्ड: यदि आपने फिजिकल फॉर्म में बैंक या डाकघर से SGB लिया था, तो आपको ब्याज भुगतान की तारीख से कम से कम 30 दिन पहले संबंधित बैंक शाखा में जाकर प्री-मैच्योर रिडेम्पशन फॉर्म जमा करना होगा।
  2. डीमैट (Demat) फॉर्म में रखे बॉन्ड: यदि बॉन्ड आपके Zerodha, Groww या अन्य डीमैट खाते में हैं, तो आप अपने ब्रोकर के कॉर्पोरेट एक्शन पोर्टल या ऑनलाइन कंसोल के माध्यम से रिडेम्पशन रिक्वेस्ट सबमिट कर सकते हैं।
  3. सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर: रिडेम्पशन प्रोसेस पूरा होते ही तय रकम सीधे आपके लिंक्ड बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।

4. क्या अभी पैसा निकालें या 8 साल तक रुके रहें?

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की कुल अवधि 8 वर्ष होती है, लेकिन 5वें साल के बाद हर ब्याज भुगतान तिथि पर बाहर निकलने का विकल्प मिलता है। यदि आपको तत्काल पैसों की जरूरत है या आप मुनाफा बुक (Profit Booking) करना चाहते हैं, तो यह ₹15,384 प्रति ग्राम का भाव काफी आकर्षक है। वहीं यदि आप सोने में लंबी अवधि का निवेश बनाए रखना चाहते हैं, तो अगले 3 साल और रुककर 2.5% ब्याज का फायदा भी उठा सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1: RBI एग्जिट प्राइस कैसे तय करता है?
RBI रिडेम्पशन की तारीख से पहले के तीन कारोबारी दिनों के दौरान 999 शुद्धता वाले सोने के IBJA (India Bullion and Jewellers Association) के क्लोजिंग रेट के साधारण औसत के आधार पर यह कीमत तय करता है।

Q2: क्या स्टॉक एक्सचेंज (NSE/BSE) पर बेचने पर भी टैक्स छूट मिलती है?
नहीं। यदि आप मैच्योरिटी या RBI रिडेम्पशन विंडो के बाहर शेयर बाजार में बॉन्ड बेचते हैं, तो उस पर सामान्य कैपिटल गेन टैक्स नियम लागू होते हैं। 100% टैक्स छूट केवल RBI रिडेम्पशन में ही मिलती है।


डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट वित्तीय साक्षरता और निवेशकों की जानकारी के लिए तैयार की गई है। किसी भी वित्तीय निर्णय या रिडेम्पशन से पहले अपने टैक्स सलाहकार या अधिकृत वित्तीय प्लानर से परामर्श लें।

By Deepak Singh

Founder and Financial Content Writer at PaisaKhabar.in. Covering Banking, Loans, Government Schemes, and Personal Finance in simple Hindi.

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