Paisa Khabar विशेष वित्तीय रिपोर्ट: भारत सरकार के वित्त मंत्रालय और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने छोटे करदाताओं को राहत देने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए Foreign Assets of Small Taxpayers – Disclosure Scheme Rules, 2026 (FAST-DS, 2026) को आधिकारिक रूप से अधिसूचित (Notify) कर दिया है। यह योजना उन मध्यमवर्गीय पेशेवरों, टेक कर्मचारियों, एनआरआई और छोटे निवेशकों के लिए एक जीवनदान की तरह है, जिन्होंने विदेशों में छोटी संपत्ति, ईएसओपी (ESOP), विदेशी बैंक खाता या म्यूचुअल फंड रखा हुआ है और पूर्व में अज्ञानतावश आईटीआर के शेड्यूल एफए (Schedule FA) में इसकी जानकारी नहीं दे पाए थे।
पारंपरिक रूप से विदेशी संपत्ति की घोषणा न करने पर Black Money (Undisclosed Foreign Income and Assets) and Imposition of Tax Act, 2015 के तहत ₹10 लाख का भारी जुर्माना और गंभीर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान था। लेकिन FAST-DS 2026 के अंतर्गत छोटे टैक्सपेयर्स को एक निश्चित समय सीमा के भीतर स्वेच्छा से अपनी संपत्तियों का खुलासा करके भारी दंडात्मक मुकदमों से पूर्ण प्रतिरक्षा (Immunity) प्राप्त करने का मौका दिया गया है।
📌 FAST-DS 2026 स्कीम क्या है और इसके मुख्य बिंदु?
इस योजना का मुख्य उद्देश्य बड़े टैक्स चोरों और अनजाने में गलती करने वाले छोटे करदाताओं के बीच अंतर स्पष्ट करना है। इसके प्रमुख प्रावधान निम्नलिखित हैं:
- छोटे टैक्सपेयर्स को सीधा संरक्षण: विदेशी कंपनियों के शेयर (RSUs/ESOPs), छोटे विदेशी बचत बैंक खाते और विदेश में किए गए सीमित निवेश को बिना डर के घोषित करने की सुविधा।
- ब्लैक मनी एक्ट के मुकदमों से राहत: योजना के तहत निर्धारित टैक्स और मामूली शुल्क जमा करने पर करदाता पर ब्लैक मनी एक्ट के कठोर दंडात्मक मुकदमे नहीं चलाए जाएंगे।
- समयबद्ध विंडो (Time-bound Window): यह योजना एक सीमित समय के लिए खोली गई है, जिसके भीतर ऑनलाइन आवेदन कर घोषणा प्रमाण पत्र प्राप्त किया जा सकता है।
- डिजिटल और गोपनीय प्रक्रिया: पूरी प्रक्रिया आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन और अत्यंत गोपनीय रखी जाएगी।
📋 FAST-DS 2026 के तहत कौन-कौन सी संपत्तियां आती हैं? (विस्तृत विवरण)
| विदेशी संपत्ति का प्रकार | सामान्य स्रोत / कारण | FAST-DS के तहत लाभ | शेड्यूल FA में रिपोर्टिंग |
|---|---|---|---|
| विदेशी कंपनियों के शेयर्स (ESOPs/RSUs) | MNCs में काम करने वाले आईटी व टेक कर्मचारी | बिना दंडात्मक जुर्माने के वैधीकरण | भविष्य के ITR में अनिवार्य |
| विदेशी बैंक बचत खाते | विदेश में अध्ययन या अल्पकालिक नौकरी के दौरान खुले खाते | खाता बैलेंस और ब्याज का नियमितिकरण | अनिवार्य प्रविष्टि |
| विदेशी म्यूचुअल फंड व स्टॉक्स | ग्लोबल ट्रेडिंग ऐप्स के जरिए छोटा निवेश | पूंजीगत लाभ पर सामान्य कर भुगतान | स्वैच्छिक घोषणा |
| विदेशी जीवन बीमा या वार्षिकी | अनिवासी भारतीय (NRI) रहते समय खरीदी गई पॉलिसी | प्रीमियम व सरेंडर वैल्यू का खुलासा | पारदर्शिता व राहत |
📲 FAST-DS 2026 के तहत घोषणा कैसे करें? स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
यदि आपके पास कोई अघोषित विदेशी संपत्ति या आय है, तो इन चरणों का पालन करके राहत प्राप्त करें:
- ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करें: आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (incometax.gov.in) पर अपने पैन (PAN) और पासवर्ड से लॉगिन करें।
- FAST-DS फॉर्म का चयन करें: ‘e-File’ मेन्यू में जाकर ‘Income Tax Forms’ टैब से ‘Declaration under FAST-DS Rules 2026’ फॉर्म का चयन करें।
- संपत्ति का विवरण भरें: विदेशी बैंक का नाम, देश, खाता संख्या, अधिग्रहण की तिथि (Date of Acquisition) और मूल्यांकन (Valuation) का सही विवरण दर्ज करें।
- लागू टैक्स व शुल्क का भुगतान: गणना किए गए टैक्स चालान का भुगतान ई-पे टैक्स (e-Pay Tax) सुविधा के माध्यम से करें।
- डिजिटल हस्ताक्षर से सबमिट करें: फॉर्म को आधार ओटीपी (Aadhaar OTP) या डिजिटल सिग्नेचर (DSC) द्वारा सत्यापित करके सबमिट करें और रसीद डाउनलोड करें।
⚠️ करदाताओं के लिए 4 जरूरी सावधानियां
यह योजना केवल छोटे और वास्तविक करदाताओं के लिए है। आवेदन करते समय इन बातों का ध्यान रखें:
- सटीक मूल्यांकन (Fair Valuation): विदेशी मुद्रा में दर्ज संपत्ति का भारतीय रुपये में सही विनिमय दर (SBI TT Buying Rate) पर मूल्यांकन करें।
- अंतिम तिथि से पहले आवेदन: योजना की समय सीमा समाप्त होने के बाद यदि आयकर विभाग को जांच में विदेशी संपत्ति का पता चलता है, तो ब्लैक मनी एक्ट के तहत 300% तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
- सच्ची घोषणा: केवल वैध और ज्ञात स्रोतों से अर्जित संपत्तियों की ही घोषणा मान्य होगी। किसी भी प्रकार की अवैध संपत्ति इस योजना के दायरे से बाहर है।
- सीए अथवा टैक्स एक्सपर्ट की सलाह: जटिल विदेशी प्रतिभूतियों के मूल्यांकन के लिए प्रमाणित चार्टर्ड अकाउंटेंट की सहायता अवश्य लें।
Paisa Khabar टैक्स सलाह: विदेशी संपत्तियों को लेकर वैश्विक स्तर पर कॉमन रिपोर्टिंग स्टैंडर्ड (CRS) और FATCA के तहत सूचनाओं का आदान-प्रदान अब पूरी तरह स्वचालित हो चुका है। सरकार के पास विदेशी खातों का डेटा पहले से मौजूद है। ऐसे में FAST-DS 2026 का लाभ उठाकर स्वेच्छा से घोषणा करना ही कानूनी और वित्तीय रूप से सबसे बुद्धिमानी भरा कदम है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: क्या यह स्कीम केवल MNC कर्मचारियों के लिए है?
उत्तर: नहीं, कोई भी भारतीय निवासी करदाता जिसके पास किसी भी स्रोत से छोटी विदेशी संपत्ति या बैंक खाता है, वह इस योजना का लाभ उठा सकता है।
Q2: यदि पहले से आयकर विभाग का नोटिस आ चुका है, तो क्या आवेदन कर सकते हैं?
उत्तर: सामान्य मामलों में यदि जांच प्रक्रिया प्रारंभ नहीं हुई है तो पात्रता मिल सकती है, परंतु विशिष्ट परिस्थितियों के लिए जारी दिशा-निर्देशों और टैक्स कंसलटेंट से परामर्श लेना अनिवार्य है।
Q3: क्या भविष्य के ITR में विदेशी संपत्ति दिखाना जारी रखना होगा?
उत्तर: हां, एक बार संपत्ति वैध घोषित हो जाने के बाद, आगामी सभी वित्तीय वर्षों के ITR में Schedule FA के अंतर्गत उसकी नियमित रिपोर्टिंग करनी होगी।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचनात्मक एवं वित्तीय जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है। किसी भी कानूनी अथवा कर निर्णय से पूर्व आयकर अधिनियम और अधिकृत कर सलाहकारों से परामर्श अवश्य लें।
