EPF और EPS वेतन सीमा में 66% का ऐतिहासिक इजाफा: कैबिनेट का बड़ा फैसला

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश के करोड़ों संगठित और अर्ध-संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को बड़ा सामाजिक सुरक्षा तोहफा देते हुए एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड (EPF) और एम्प्लॉइज पेंशन स्कीम (EPS) की अनिवार्य वेतन सीमा (Wage Ceiling) को ₹15,000 से बढ़ाकर सीधे ₹25,000 प्रति माह करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह ऐतिहासिक संशोधन 10 साल बाद (पिछला संशोधन 2014 में हुआ था) किया गया है।

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अनुसार, इस फैसले से देश के लगभग 1.14 करोड़ से अधिक नए कर्मचारी सीधे तौर पर ईपीएफओ (EPFO) के अनिवार्य पीएफ और पेंशन कवर के दायरे में आ जाएंगे। सरकार ने इस नीतिगत विस्तार के लिए ₹11,339 करोड़ के वित्तीय परिव्यय का प्रावधान किया है।

इन-हैंड सैलरी (Take-Home Pay) और PF योगदान पर क्या पड़ेगा असर?

वेतन सीमा बढ़ने से कर्मचारियों के मासिक पीएफ अंशदान (12%) और नियोक्ता के योगदान (12%) में बदलाव आएगा। यदि किसी कर्मचारी का मूल वेतन (Basic Pay) ₹25,000 है, तो उसकी सैलरी और बचत का नया गणित इस प्रकार होगा:

मद / विवरण पुरानी व्यवस्था (₹15,000 लिमिट) नई व्यवस्था (₹25,000 लिमिट) मासिक बदलाव वार्षिक बचत प्रभाव
कर्मचारी का PF अंशदान (12%) ₹1,800 / माह ₹3,000 / माह +₹1,200 (कटौती बढ़ेगी) इन-हैंड सैलरी ₹14,400 घटेगी
कंपनी/नियोक्ता का PF (3.67%) ₹550 / माह ₹917.50 / माह +₹367.50 कंपनी से अतिरिक्त ₹4,410
कंपनी का EPS पेंशन अंशदान (8.33%) ₹1,250 / माह ₹2,082.50 / माह +₹832.50 पेंशन फंड में अतिरिक्त ₹9,990
कुल मासिक PF + EPS बचत ₹3,600 / माह ₹6,000 / माह +₹2,400 / माह सालाना ₹28,800 अधिक बचत!

EPS पेंशन में 66.6% का भारी उछाल: रिटायरमेंट पर कितनी मिलेगी पेंशन?

ईपीएफओ के नियमानुसार, सेवानिवृत्ति पर मिलने वाली मासिक पेंशन की गणना निम्नलिखित आधिकारिक सूत्र से होती है:

मासिक EPS पेंशन = (पेंशन योग्य वेतन × सेवा के कुल वर्ष) ÷ 70

यदि किसी कर्मचारी की कुल सेवा 35 वर्ष है, तो पुरानी बनाम नई व्यवस्था में उसकी अधिकतम पेंशन इस प्रकार बनेगी:

  • पुरानी व्यवस्था (₹15,000 कैपिंग): (15,000 × 35) ÷ 70 = ₹7,500 प्रति माह
  • नई व्यवस्था (₹25,000 कैपिंग): (25,000 × 35) ÷ 70 = ₹12,500 प्रति माह
  • सीधा लाभ: हर महीने ₹5,000 की अतिरिक्त पेंशन (66.6% की सीधी वृद्धि) मिलेगी!

EDLI जीवन बीमा कवर भी बढ़कर होगा ₹10 लाख!

ईपीएफओ के तहत कर्मचारियों को मिलने वाले Employees’ Deposit Linked Insurance (EDLI) Scheme के तहत मिलने वाला फ्री लाइफ इंश्योरेंस कवर भी वेतन सीमा बढ़ने के साथ स्वतः बढ़ जाएगा। वर्तमान में EDLI के तहत अधिकतम क्लेम राशि ₹7 लाख है, जो अब बढ़कर ₹10 लाख तक पहुंचने का अनुमान है।

PaisaKhabar वर्डिक्ट: कर्मचारियों और कंपनियों के लिए क्या हैं मायने?

यद्यपि इस संशोधन से कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी में प्रति माह ₹1,200 की मामूली कमी आएगी, लेकिन रिटायरमेंट फंड में सालाना ₹28,800 का अतिरिक्त इजाफा होगा। 8.25% की वर्तमान चक्रवृद्धि ब्याज दर के साथ, 20-30 वर्षों की सेवा में यह अंतर ₹25 लाख से ₹45 लाख के अतिरिक्त रिटायरमेंट कॉर्पस में बदल जाएगा।

By Deepak Singh

Founder and Financial Content Writer at PaisaKhabar.in. Covering Banking, Loans, Government Schemes, and Personal Finance in simple Hindi.

2 thoughts on “EPF/EPS वेतन सीमा बढ़कर ₹25,000 हुई: 1.14 करोड़ कर्मचारियों को लाभ, इन-हैंड सैलरी व पेंशन पर कितना पड़ेगा असर? समझें पूरा गणित”

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