सोना तस्करी (Gold Smuggling) के खिलाफ भारत सरकार की प्रमुख खुफिया व जांच एजेंसी डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने एक बड़ी देशव्यापी कार्रवाई को अंजाम दिया है। खुफिया सूचनाओं के आधार पर चलाए गए इस व्यापक अभियान में डीआरआई ने ₹65 करोड़ से अधिक मूल्य का 42 किलोग्राम से ज्यादा विदेशी मूल का सोना (Foreign-Origin Gold) और लगभग 10 किलोग्राम चांदी जब्त की है। इस पूरे ऑपरेशन में 5 विदेशी नागरिकों सहित कुल 25 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह सिंडिकेट अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों, सड़क मार्गों और आवासीय ठिकानों का इस्तेमाल करके बेहद चालाकी से सोने की तस्करी कर रहा था। आइए जानते हैं इस महा-कार्रवाई की पूरी इनसाइड स्टोरी और तस्करों के चौंकाने वाले तौर-तरीके (Modus Operandi)।

1. मुंबई एयरपोर्ट से लेकर पश्चिम बंगाल तक फैला था जाल

डीआरआई के अधिकारियों ने सटीक खुफिया इनपुट के आधार पर देश के कई राज्यों और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर एक साथ छापेमारी की:

  • मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (CSMIA) पर भंडाफोड़: मुंबई एयरपोर्ट पर दुबई, बैंकॉक और माले (मालदीव) से आने वाले ट्रांजिट यात्रियों के जरिए सोने की तस्करी का एक बड़ा रैकेट पकड़ा गया। यहाँ जांच के दौरान 16 विशेष कैप्सूल बरामद किए गए, जिनमें मोम (Wax) के रूप में 6.85 किलोग्राम सोने की धूल (Gold Dust) छिपाई गई थी।
  • पश्चिम बंगाल (नादिया जिला): पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में एक आवासीय परिसर में की गई छापेमारी में 15.61 किलोग्राम सोना (125 सोने की छड़ें / Gold Bars) बरामद की गईं, जिसे सीमा पार से अवैध रूप से भारत लाया गया था।
  • अन्य शहरों में जब्ती: दिल्ली, चेन्नई और गुजरात समेत कई अन्य तटीय व जमीनी रास्तों पर वाहनों की तलाशी लेकर भारी मात्रा में विदेशी सोना बरामद किया गया।

2. तस्करी के 4 हैरान करने वाले तौर-तरीके (Modus Operandi)

जांच में खुलासा हुआ कि इस अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट ने सुरक्षा एजेंसियों और कस्टम स्कैनिंग से बचने के लिए कई हाई-टेक और अनोखे तरीके अपनाए थे:

तस्करी का तरीकाकैसे दिया जाता था अंजाम?
1. मोम और कैप्सूल फॉर्म (Wax Paste)सोने को बारीक पाउडर बनाकर मोम में मिलाया जाता था और कैप्सूल बनाकर शरीर के अंदर छिपाकर लाया जाता था ताकि मेटल डिटेक्टर में आसानी से न पकड़ा जाए।
2. गाड़ियों में सीक्रेट कैविटी (Vehicle Cavities)वाहनों की चेसिस, इंजन कंपार्टमेंट और सीटों के नीचे विशेष गुप्त लॉकर बनाए गए थे।
3. एयरपोर्ट स्टाफ की मिलीभगतट्रांजिट एरिया में ग्राउंड स्टाफ और वेंडर्स की मदद से माल को डोमेस्टिक एग्जिट की तरफ ट्रांसफर कराया जाता था।
4. समुद्री व सीमावर्ती रास्तेपड़ोसी देशों की सीमाओं से सटी नदियों और गैर-चिह्नित रास्तों से खेप को भारतीय सीमा में दाखिल कराया जाता था।

3. भारत में क्यों बढ़ रही है सोने की तस्करी?

विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत में सोने की तस्करी बढ़ने के पीछे मुख्य रूप से निम्नलिखित कारण हैं:

  1. कस्टम ड्यूटी और टैक्स का अंतर: भारत में आयात शुल्क (Customs Duty) और 3% GST होने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाज़ार (जैसे दुबई या बैंकॉक) और घरेलू बाज़ार के भाव में बड़ा अंतर रहता है, जिसे भुनाने के लिए तस्कर सक्रिय रहते हैं।
  2. त्योहारी और शादियों का सीजन: भारत में आगामी फेस्टिव सीजन और शादियों के दौरान सोने की मांग में भारी उछाल आता है, जिसकी आड़ में अवैध सप्लाई की कोशिशें तेज हो जाती हैं।
  3. हवाला नेटवर्क और ब्लैक मनी: अवैध तरीके से कमाए गए काले धन को सोने में खपाने के लिए संगठित हवाला सिंडिकेट सोने की तस्करी में निवेश करते हैं।

DRI का कड़ा संदेश: वित्त मंत्रालय के अधीन काम करने वाली राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने साफ किया है कि देश की आर्थिक सुरक्षा और राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट्स पर सर्विलांस और तेज की जाएगी।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1: DRI क्या है और इसका क्या काम है?
उत्तर: DRI (Directorate of Revenue Intelligence) भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के तहत शीर्ष खुफिया एजेंसी है, जो तस्करी, विदेशी मुद्रा उल्लंघन और अवैध व्यापार की रोकथाम के लिए काम करती है।

Q2: क्या विदेश से सोना लाना कानूनी है?
उत्तर: हाँ, विदेश से लौटने वाले भारतीय नियमों के तहत तय सीमा और लागू कस्टम ड्यूटी चुकाकर वैध रूप से सोना ला सकते हैं। बिना घोषणा (Declaration) के छिपाकर लाना गैरकानूनी व दंडनीय अपराध है।


सोर्स: यह रिपोर्ट प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) और डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) के आधिकारिक बयानों के आधार पर जनहित व वित्तीय जागरूकता के लिए तैयार की गई है।

By Deepak Singh

Founder and Financial Content Writer at PaisaKhabar.in. Covering Banking, Loans, Government Schemes, and Personal Finance in simple Hindi.

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