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बैंक-लोन • PaisaKhabar Desk • 2 नवंबर 2026 | 04:28 PM IST

Credit Card Rules: बिना पूछे भेजा Credit Card? बैंक को देना होगा दोगुना हर्जाना

Credit Card Rules: बिना पूछे भेजा Credit Card? बैंक को देना होगा दोगुना हर्जाना

नई दिल्ली (PaisaKhabar News Desk): भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बिना ग्राहक की पूर्व सहमति के अनचाहा Credit Card जारी करने और उसका अनधिकृत एक्टिवेशन करने वाले बैंकों के खिलाफ विनियामक रुख बेहद सख्त कर दिया है। मास्टर डायरेक्शन के तहत यदि कोई बैंक या NBFC किसी नागरिक को बिना आवेदन किए Credit Card भेजता है या उसकी अनुमति के बिना उसे एक्टिवेट कर देता है, तो बैंक को न केवल उस कार्ड पर लगे सभी शुल्कों को तुरंत रद्द करना होगा, बल्कि शिकायतकर्ता को वसूले गए शुल्क का दोगुना हर्जाना (Reverse Charge plus Penalty) भी देना होगा। हाल ही में बिना आवेदन 1.07 लाख रुपये के अनधिकृत ट्रांजेक्शन बिल थमाने के मामलों के बीच RBI के इन 15 कड़े दिशानिर्देशों ने कार्ड जारीकर्ताओं की मनमानी पर रोक लगा दी है।

📌 मुख्य बिंदु (Key Highlights):

  • बिना सहमति जारी Credit Card पर शुल्क का दोगुना हर्जाना देने का RBI का सख्त निर्देश
  • कार्ड जारी होने के 30 दिनों तक ग्राहक द्वारा एक्टिवेट न करने पर बैंक बिना किसी शुल्क के 7 दिनों में खाता बंद करने को बाध्य
  • गलत Credit Card बिलिंग और अनधिकृत एक्टिवेशन पर CIBIL Score को प्रभावित करने पर बैंक पर पेनल्टी प्रावधान
  • कार्ड बंद करने की प्रक्रिया के लिए 7 कार्य दिवसों की समयसीमा तय, देरी पर ₹500 प्रति दिन का जुर्माना

RBI के मास्टर डायरेक्शन और अनचाहे Credit Card पर दोगुना हर्जाना नियम

भारतीय रिजर्व बैंक के Credit Card एवं डेबिट कार्ड नियम 2022 के मास्टर डायरेक्शन के अनुसार, कोई भी वित्तीय संस्थान किसी भी ग्राहक की लिखित या स्पष्ट डिजिटल सहमति के बिना Credit Card जारी नहीं कर सकता। यदि कोई बैंक या NBFC इस नियम का उल्लंघन करते हुए अनचाहा कार्ड जारी करता है और ग्राहक द्वारा इसका विरोध करने के बाद भी शुल्क वसूलता है, तो RBI के नियमानुसार बैंक को पूरे शुल्क की वापसी के साथ-साथ वसूले गए शुल्क का दोगुना हर्जाना भी देना होगा। यह कदम ग्राहकों को unsolicited cards के जरिए होने वाली वित्तीय धोखाधड़ी से बचाने के लिए उठाया गया है।

हालिया मामलों में देखा गया है कि ग्राहकों को बिना आवेदन किए 1.07 लाख रुपये तक के ट्रांजेक्शन का बिल थमा दिया गया, जिससे क्रेडिट स्कोर और मानसिक स्थिति पर असर पड़ा। RBI ने स्पष्ट किया है कि यदि बिना सहमति के जारी किए गए कार्ड का गलत इस्तेमाल होता है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी कार्ड जारीकर्ता बैंक की होगी और ग्राहक से किसी भी राशि की वसूली नहीं की जा सकती। इसके अलावा, Credit Card का अनधिकृत एक्टिवेशन रोकने के लिए One Time Password (OTP) आधारित सहमति अनिवार्य कर दी गई है।

बैंकिंग नियम 2022 और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम का विधिक दायरा

Banking Regulation Act की धारा 35A के तहत जारी ये दिशानिर्देश सभी कमर्शियल बैंकों, स्मॉल फाइनेंस बैंकों और नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFC) पर समान रूप से लागू होते हैं। यदि कोई ग्राहक कार्ड प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर इसे सक्रिय करने के लिए OTP दर्ज नहीं करता है, तो बैंक को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के अगले 7 कार्य दिवसों के भीतर उस Credit Card खाते को बंद करना अनिवार्य है। इसके लिए ग्राहक से कोई वार्षिक शुल्क, जॉइनिंग फीस या हिडन चार्ज नहीं लिया जा सकता।

यदि बैंक अनचाहे कार्ड की बिलिंग रिपोर्ट Credit Information Companies (CIBIL, Experian आदि) को भेजता है और ग्राहक का CIBIL Score प्रभावित होता है, तो विनियामक नियमों के तहत बैंक को CIBIL रिकॉर्ड में तुरंत सुधार करना होगा। ग्राहक को गलत क्रेडिट रिपोर्टिंग के लिए प्रति दिन के हिसाब से मुआवजा पाने का अधिकार है। Credit Card क्लोजर रिक्वेस्ट प्राप्त होने के 7 दिनों के भीतर प्रक्रिया पूरी न करने पर ₹500 प्रति दिन का विलंब शुल्क बैंक को ग्राहक को देना होगा।

अनधिकृत कार्ड एक्टिवेशन पर विनियामक समीक्षा और क्रेडिट स्कोर सुरक्षा

बैंकिंग Credit Card जारी करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए RBI ने स्पष्ट किया है कि क्रेडिट लिमिट बढ़ाने या कार्ड अपग्रेड करने से पहले ग्राहक की स्पष्ट सहमति लेना आवश्यक है। बैंक मनमाने तरीके से ग्राहक की क्रेडिट लिमिट नहीं बढ़ा सकते और न ही बिना बताए पेड कार्ड में अपग्रेड कर सकते हैं। Credit Card पर लगने वाले विभिन्न प्रकार के ब्याजों, वार्षिक शुल्कों और फाइनेंस चार्जेस का विवरण Key Fact Statement (KFS) में स्पष्ट रूप से दर्ज होना अनिवार्य है।

ग्राहकों के अधिकारों की रक्षा करते हुए रिजर्व बैंक ने निर्देश दिया है कि अनचाहे कार्डों के मामलों में बैंक का रिकवरी एजेंट किसी भी ग्राहक को परेशान नहीं कर सकता। यदि कोई बैंक अनधिकृत बिल की वसूली के लिए दबाव बनाता है, तो इसे RBI के Fair Practices Code का सीधा उल्लंघन माना जाएगा। ऐसे मामलों में ग्राहक बैंकिंग लोकपाल के पास शिकायत दर्ज कराकर मानसिक उत्पीड़न का मुआवजा और दोगुना हर्जाना प्राप्त कर सकते हैं।

अनचाहा Credit Card मिलने पर शिकायत दर्ज करने की आधिकारिक प्रक्रिया

यदि आपके पास बिना मांगे कोई Credit Card आता है या अनधिकृत बिल जारी होता है, तो अपने वित्तीय अधिकारों की सुरक्षा के लिए तुरंत इन विधिक व विनियामक चरणों का पालन करें:

  • चरण 1: कार्ड का इस्तेमाल न करें और तुरंत बैंक के कस्टमर केयर पर लिखित ईमेल भेजकर कार्ड रद्द करने का आग्रह करें
  • चरण 2: यदि 30 दिनों के भीतर बैंक प्रतिक्रिया न दे या शुल्क वसूले, तो RBI Banking Ombudsman पोर्टल (cms.rbi.org.in) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें
  • चरण 3: अपनी CIBIL रिपोर्ट जांचें और यदि अनचाहे कार्ड के कारण स्कोर प्रभावित हुआ है तो Dispute Raise करें
  • चरण 4: बैंक द्वारा दोगुना हर्जाना देने से इंकार करने पर Consumer Disputes Redressal Commission (DCDRC) में क्षतिपूर्ति याचिका दायर करें
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यह विश्लेषण PaisaKhabar Financial Research Desk द्वारा आधिकारिक सरकारी अधिसूचनाओं, RBI/SEBI/IRDAI दिशानिर्देशों और बाजार के प्रमाणित आंकड़ों के आधार पर तैयार किया गया है। यह लेख केवल वित्तीय जागरूकता और शैक्षिक जानकारी के लिए है; किसी भी निवेश या बीमा निर्णय से पूर्व अपने SEBI-पंजीकृत वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।

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