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बैंक-लोन • PaisaKhabar Desk • 1 नवंबर 2026 | 09:42 PM IST

CIBIL Score सुधारें: लोन सेटलमेंट के बाद तुरंत करें ये 5 काम, नहीं तो बैंक नहीं देंगे लोन!

CIBIL Score सुधारें: लोन सेटलमेंट के बाद तुरंत करें ये 5 काम, नहीं तो बैंक नहीं देंगे लोन!

नई दिल्ली (PaisaKhabar News Desk): आर्थिक संकट या नौकरी छूटने के कारण जब कोई उधारकर्ता कर्ज चुकाने में असमर्थ होता है, तब बैंक एकमुश्त निपटान यानी Loan Settlement का विकल्प देते हैं। हालांकि लोन सेटलमेंट होते ही सिबिल रिपोर्ट में खाता 'Settled' श्रेणी में दर्ज हो जाता है, जिससे CIBIL Score तेजी से गिरकर 600 के नीचे पहुंच सकता है। बैंक इसे वित्तीय अनुशासनहीनता मानते हैं और अगले 7 वर्षों तक नए पर्सनल लोन या Credit Card के आवेदन खारिज कर सकते हैं। क्रेडिट प्रोफाइल को दोबारा सुधारने और भविष्य में नए कर्ज की पात्रता बहाल करने के लिए सेटलमेंट के तुरंत बाद तय वित्तीय रणनीति अपनाना अनिवार्य है।

📌 मुख्य बिंदु (Key Highlights):

  • लोन सेटलमेंट के बाद क्रेडिट ब्यूरो रिकॉर्ड में खाता 7 वर्षों तक 'Settled' के रूप में रहता है दर्ज
  • बैंकों द्वारा साप्ताहिक आधार पर क्रेडिट ब्यूरो को भेजी जाती है पुनर्भुगतान और डिफॉल्ट रिपोर्ट
  • बकाया मूलधन व ब्याज का पूर्ण भुगतान कर बैंक से No Dues Certificate लेना सबसे जरूरी कदम
  • ₹20,000 से ₹50,000 की Fixed Deposit पर सिक्योर्ड Credit Card लेकर स्कोर सुधारने का मजबूत विकल्प

लोन सेटलमेंट का CIBIL Score पर तत्काल असर और जेब पर सीधा असर

जब कोई ग्राहक अपनी EMI चुकाने में पूरी तरह असमर्थ हो जाता है, तो बैंक शेष बकाया राशि में से कुछ हिस्सा माफ करके लोन सेटलमेंट का प्रस्ताव देते हैं। आम तौर पर ग्राहक इसे कर्ज मुक्ति मान लेते हैं, लेकिन क्रेडिट ब्यूरो की नजर में यह पूर्ण भुगतान नहीं होता। बैंक इस खाते की स्थिति को 'Closed' के बजाय 'Settled' या 'Written Off' के रूप में TransUnion CIBIL, Experian और Equifax को रिपोर्ट करते हैं। इसके चलते उधारकर्ता का CIBIL Score 750 के सुरक्षित स्तर से गिरकर 550 से 600 के दायरे में आ जाता है।

वर्तमान बैंकिंग व्यवस्था में लेंडर्स हर सप्ताह क्रेडिट ब्यूरो को रीपेमेंट डेटा साझा करते हैं। लोन सेटलमेंट का यह नकारात्मक फ्लैग अगले 7 वर्षों तक क्रेडिट हिस्ट्री में दर्ज रहता है। परिणामस्वरूप जब भी ग्राहक किसी नए होम लोन, ऑटो लोन या अनसिक्योर्ड पर्सनल लोन के लिए आवेदन करता है, तो जोखिम प्रबंधन प्रणाली उसे उच्च जोखिम वाला प्रोफाइल मानकर आवेदन तुरंत अस्वीकार कर देती है। यदि लोन स्वीकृत भी होता है, तो बैंक सामान्य दर से 3% से 5% तक अधिक ब्याज वसूलते हैं।

सेटलमेंट को क्लोजर में बदलने और एनडीसी हासिल करने का नियम

लोन सेटलमेंट के प्रभाव से बाहर निकलने का सबसे ठोस और पहला कानूनी कदम 'Settled' स्टेटस को 'Closed' में बदलवाना है। जब भी आपकी वित्तीय स्थिति में सुधार हो, संबंधित बैंक शाखा से संपर्क करें और सेटलमेंट के दौरान माफ की गई शेष राशि तथा उस पर लगे वाजिब ब्याज का पूरा ब्योरा मांगें। बैंक को शेष धनराशि का पूर्ण भुगतान करके औपचारिक खाता बंदी का अनुरोध करें। इस पूरी प्रक्रिया के बाद बैंक से आधिकारिक No Dues Certificate यानी NDC और No Objection Certificate यानी NOC लेना अनिवार्य है।

पूर्ण भुगतान के बाद बैंक को एक पत्र लिखकर क्रेडिट ब्यूरो में संशोधन रिपोर्ट भेजने का आग्रह करें। भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार बैंकों को बकाया निपटान के 30 दिनों के भीतर क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनियों को संशोधित डेटा भेजना होता है। एक बार जब बैंक स्टेटस को 'Settled' से हटाकर 'Closed' दर्ज कर देता है, तो CIBIL Score में सुधार की गति स्वतः तेज हो जाती है। यह प्रमाणपत्र भविष्य में किसी भी वित्तीय संस्थान में ऋण आवेदन के समय कानूनी ढाल काम करता है।

क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो और क्रेडिट मिक्स का संतुलन प्रबंधन

खराब CIBIL Score को सुधारने के लिए क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो यानी CUR को 30% से नीचे रखना अनिवार्य माना जाता है। यदि आपके पास कोई सक्रिय Credit Card बचा है, तो उसकी कुल स्वीकृत सीमा का केवल 20% से 25% ही खर्च करें। बार-बार क्रेडिट लिमिट के 80% से 90% तक खर्च करने से लेंडर्स आपको 'क्रेडिट हंग्री' मानते हैं। इसके अलावा बार-बार नए लोन या Credit Card के लिए आवेदन करने से बचें, क्योंकि प्रत्येक आवेदन पर होने वाली हार्ड इन्क्वायरी CIBIL Score को 5 से 10 अंक और नीचे खींच लेती है।

क्रेडिट स्कोर के पुनर्निर्माण में सिक्योर्ड और अनसिक्योर्ड लोन का सही अनुपात होना अत्यंत आवश्यक है। सेटलमेंट के बाद अनसिक्योर्ड पर्सनल लोन मिलना लगभग नामुमकिन होता है। ऐसे में बैंक FD पर आधारित सिक्योर्ड Credit Card लेना सबसे सुरक्षित उपाय है। इस कार्ड से छोटे-छोटे बिलों का नियमित भुगतान करने और देय तिथि से पहले 100% राशि चुकाने से 6 से 12 महीनों के भीतर CIBIL Score में 60 से 100 अंकों तक का उल्लेखनीय सुधार देखा जा सकता है।

CIBIL स्कोर दोबारा 750 पार ले जाने की आधिकारिक प्रक्रिया

लोन सेटलमेंट के नकारात्मक प्रभाव को मिटाने और क्रेडिट प्रोफाइल को दोबारा ए-ग्रेड बनाने के लिए उधारकर्ताओं को एक अनुशासित समयबद्ध कार्ययोजना पर अमल करना पड़ता है। आधिकारिक क्रेडिट पोर्टल पर समय-समय पर निगरानी रखकर आप अपने स्कोर को तेजी से सुधार सकते हैं।

  • स्टेप 1: बैंक में ₹20,000 की FD कराकर 80% से 90% लिमिट वाला सिक्योर्ड Credit Card जारी करवाएं
  • स्टेप 2: कार्ड की स्वीकृत सीमा का अधिकतम 30% ही खर्च करें और बिल का 100% भुगतान समय पर करें
  • स्टेप 3: माफ की गई शेष राशि चुकाकर बैंक से विधिवत No Dues Certificate प्राप्त करें
  • स्टेप 4: हर 30 दिन में cibil.com पर रिपोर्ट जांचें और गलत प्रविष्टि दिखने पर ऑनलाइन Dispute दर्ज करें
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यह विश्लेषण PaisaKhabar Financial Research Desk द्वारा आधिकारिक सरकारी अधिसूचनाओं, RBI/SEBI/IRDAI दिशानिर्देशों और बाजार के प्रमाणित आंकड़ों के आधार पर तैयार किया गया है। यह लेख केवल वित्तीय जागरूकता और शैक्षिक जानकारी के लिए है; किसी भी निवेश या बीमा निर्णय से पूर्व अपने SEBI-पंजीकृत वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।

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