कार खरीदने से पहले समझें 20/4/10 का गोल्डन फाइनेंशियल फॉर्मूला
भारत में नई कार खरीदना परिवार के लिए एक बड़ा मील का पत्थर होता है, लेकिन बिना वित्तीय योजना के लिया गया कार लोन भविष्य के बजट को पटरी से उतार सकता है। ऑटोमोबाइल फाइनेंसिंग और वेल्थ मैनेजमेंट के वरिष्ठ विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी खरीदार को ’20/4/10′ फॉर्मूला का सख्ती से पालन करना चाहिए। इस नियम के तहत: (1) कार की कुल ऑन-रोड कीमत का कम से कम 20% नकद डाउन पेमेंट के रूप में देना चाहिए, (2) कार लोन की अवधि अधिकतम 4 साल (48 महीने) से ज्यादा नहीं होनी चाहिए, और (3) कार की मासिक ईएमआई, फ्यूल व इंश्योरेंस का कुल खर्च आपकी इन-हैंड सैलरी के 10% से कम होना चाहिए।
कार लोन EMI कैलकुलेशन टेबल: ₹5 लाख से ₹15 लाख के लोन पर कितना बनेगा ब्याज?
यदि आप 5 वर्ष (60 माह) के लिए 8.75% की औसत ब्याज दर पर कार लोन लेते हैं, तो विभिन्न लोन राशियों पर मासिक किस्त और कुल ब्याज का विवरण नीचे दी गई तालिका में स्पष्ट है:
| लोन राशि (Principal) | ब्याज दर (P.A.) | लोन अवधि (Tenure) | मासिक EMI | कुल ब्याज (Total Interest) | कुल भुगतान राशि |
|---|---|---|---|---|---|
| ₹5,00,000 | 8.75% | 5 वर्ष (60 माह) | ₹10,319 | ₹1,19,163 | ₹6,19,163 |
| ₹8,00,000 | 8.75% | 5 वर्ष (60 माह) | ₹16,511 | ₹1,90,660 | ₹9,90,660 |
| ₹10,00,000 | 8.75% | 5 वर्ष (60 माह) | ₹20,638 | ₹2,38,326 | ₹12,38,326 |
| ₹15,00,000 | 8.75% | 5 वर्ष (60 माह) | ₹30,957 | ₹3,57,489 | ₹18,57,489 |
शोरूम में छिपे हुए 4 बड़े खर्चे: ऐसे बचाएं ₹25,000 से ₹40,000 तक की रकम
नई कार की डिलीवरी लेते समय अक्सर डीलर ऐसे चार्जेस कोटेशन में जोड़ देते हैं जो पूरी तरह वैकल्पिक या अनुचित होते हैं:
- 1. इंश्योरेंस में सीधी बचत: डीलर से पॉलिसी लेने के बजाय ऑनलाइन इंश्योरेंस पोर्टल्स (जैसे PolicyBazaar, Digit, Acko) से तुलना करें। समान 1+3 ईयर जीरो-डेप कवर पर ₹15,000 से ₹25,000 तक का अंतर मिल जाता है।
- 2. अवैध हैंडलिंग/लॉजिस्टिक्स चार्ज: सुप्रीम कोर्ट और परिवहन मंत्रालय के सख्त निर्देशों के अनुसार कोई भी डीलर ‘हैंडलिंग या लॉजिस्टिक्स चार्ज’ नहीं ले सकता। कोटेशन से इसे तुरंत हटवाएं।
- 3. अनिवार्य एक्सेसरीज किट: डीलर अक्सर ₹20,000-₹30,000 का एक्सेसरीज पैकेज अनिवार्य बताकर जोड़ देते हैं। केवल आवश्यक सामान (जैसे फ्लोर मैट, मड फ्लैप) ही चुनें।
- 4. एक्सटेंडेड वारंटी और फास्टैग: एक्सटेंडेड वारंटी सीधे कार निर्माता (OEM) से लें और फास्टैग किसी भी बैंकिंग एप से खुद एक्टिवेट करें।
PaisaKhabar स्मार्ट बायर चेकलिस्ट: लोन अप्रूवल से पहले 3 जरूरी बातें
1. CIBIL स्कोर 750 से ऊपर: 750+ क्रेडिट स्कोर होने पर सरकारी व निजी बैंक 0.50% तक कम ब्याज दर और शून्य प्रोसेसिंग फीस का विशेष ऑफर देते हैं।
2. प्री-पेमेंट नियम: आरबीआई नियमों के तहत फ्लोटिंग रेट वाले ऑटो लोन पर कोई प्री-पेमेंट या फोरक्लोजर पेनाल्टी नहीं वसूली जा सकती। बोनस या अतिरिक्त आय आने पर लोन को जल्दी खत्म करें।
3. डिप्रिसिएशन का सच: कार शोरूम से बाहर निकलते ही पहले वर्ष में अपनी 15% से 20% वैल्यू खो देती है। इसलिए 7 साल का लंबा लोन न लें, क्योंकि जब तक लोन खत्म होगा तब तक कार की रीसेल वैल्यू लोन राशि से भी कम हो सकती है।
