यदि आप एक वेतनभोगी कर्मचारी (Salaried Employee), फ्रीलांसर, व्यापारी या प्रोफेशनल हैं, तो आज का दिन आपके वित्तीय कैलेंडर का सबसे महत्वपूर्ण दिन है। आज 15 सितंबर 2026 चालू वित्त वर्ष (FY 2026-27) के लिए एडवांस टैक्स (Advance Tax) की दूसरी किस्त जमा करने की आधिकारिक अंतिम तारीख (Deadline) है। आयकर नियमों के अनुसार, यदि करदाता समय रहते अपनी दूसरी किस्त सरकारी खाते में जमा नहीं करते हैं, तो उन्हें इनकम टैक्स एक्ट की धारा 234B और 234C के तहत 1% प्रति माह का भारी दंडात्मक ब्याज और जुर्माना भरना पड़ सकता है। आज के इस विस्तृत और आसान गाइड में जानिए किसे एडवांस टैक्स देना है, इसकी गणना कैसे होती है और घर बैठे 5 मिनट में इसे कैसे भरा जा सकता है।
⚡ मुख्य बातें (Key Takeaways – 15 SEP 2026)
- अंतिम तिथि: 15 सितंबर 2026 तक एडवांस टैक्स की दूसरी किस्त (कुल टैक्स का 45%) जमा करना अनिवार्य है।
- किसके लिए जरूरी: यदि आपकी अनुमानित कुल टैक्स देनदारी (TDS कटने के बाद) ₹10,000 या उससे अधिक है।
- जुर्माना और ब्याज: देरी होने पर धारा 234C के तहत 1% प्रति माह का ब्याज 3 महीने के लिए देय होगा।
- किन्हें है छूट: 60 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को (जिनकी कोई व्यापारिक आय नहीं है) धारा 207 के तहत पूरी छूट है।
- पेमेंट का तरीका: इनकम टैक्स के आधिकारिक पोर्टल (incometax.gov.in) पर Challan No. / ITNS 280 (Minor Head 100) के जरिए ऑनलाइन भुगतान करें।
1. एडवांस टैक्स (Advance Tax) क्या है और ‘Pay-As-You-Earn’ नियम क्या है?
भारतीय आयकर प्रणाली में एडवांस टैक्स को ‘पे एज यू अर्न’ (Pay-As-You-Earn) स्कीम कहा जाता है। इसका सरल अर्थ है कि जैसे-जैसे आप पूरे साल पैसा कमाते हैं, वैसे-वैसे आपको किस्तों में सरकार को अपना टैक्स भी चुकाते रहना होता है, न कि साल खत्म होने पर एक साथ।
किसे भरना होता है एडवांस टैक्स?
इनकम टैक्स एक्ट की धारा 208 के अनुसार, प्रत्येक वह व्यक्ति, कंपनी, फर्म या संस्था जिसकी किसी वित्तीय वर्ष में कुल अनुमानित कर देनदारी टीडीएस (TDS) काटने के बाद ₹10,000 या उससे अधिक बनती है, उसे एडवांस टैक्स का भुगतान करना अनिवार्य है। इसमें वेतनभोगी कर्मचारी भी शामिल हैं जिनकी वेतन के अलावा अन्य स्रोतों (जैसे फिक्स्ड डिपॉजिट ब्याज, शेयर बाजार कैपिटल गेंस, रेंटल इनकम आदि) से अतिरिक्त कमाई होती है।
2. एडवांस टैक्स भुगतान का आधिकारिक 4-किस्तों का शेड्यूल
आयकर विभाग ने एडवांस टैक्स जमा करने के लिए पूरे वर्ष को चार निश्चित पड़ावों (Installments) में विभाजित किया है:
| किस्त संख्या | अंतिम तिथि (Deadline) | भुगतान का प्रतिशत (%) | स्थिति |
|---|---|---|---|
| पहली किस्त (1st Installment) | 15 जून 2026 | कुल टैक्स का कम से कम 15% | समाप्त |
| दूसरी किस्त (2nd Installment) | 15 सितंबर 2026 (आज) | कुल टैक्स का कम से कम 45% | 🚨 अंतिम दिन (Due Today) |
| तीसरी किस्त (3rd Installment) | 15 दिसंबर 2026 | कुल टैक्स का कम से कम 75% | आगामी |
| चौथी किस्त (4th Installment) | 15 मार्च 2027 | कुल टैक्स का 100% पूरा भुगतान | अंतिम किस्त |
3. देरी पर कितना लगेगा जुर्माना? (Section 234B और 234C का गणित)
यदि कोई करदाता 15 सितंबर की समय सीमा तक 45% एडवांस टैक्स जमा नहीं करता है, तो उस पर दो प्रमुख धाराओं के तहत ब्याज लगता है:
| आयकर धारा | उल्लंघन की स्थिति | ब्याज की दर (Interest Rate) | अवधि (Tenure) |
|---|---|---|---|
| Section 234C | किस्त में देरी या तय प्रतिशत (45%) से कम भुगतान | 1% प्रति माह (साधारण ब्याज) | प्रत्येक चूक पर 3 महीने के लिए |
| Section 234B | साल के अंत तक कुल टैक्स का 90% से कम भुगतान | 1% प्रति माह | 1 अप्रैल से वास्तविक भुगतान की तारीख तक |
सरल उदाहरण: मान लीजिए आपकी कुल टैक्स देनदारी ₹1,00,000 बनती है। 15 सितंबर तक आपको ₹45,000 जमा करने थे, लेकिन आपने केवल ₹20,000 जमा किए। बची हुई ₹25,000 की राशि पर 1% प्रति माह की दर से 3 महीने का यानी ₹750 का सीधा ब्याज आपकी जेब पर पड़ेगा।
4. वरिष्ठ नागरिकों और प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन वालों के लिए खास नियम
- वरिष्ठ नागरिक (Senior Citizens – धारा 207): 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के ऐसे व्यक्ति जिनकी कोई व्यावसायिक आय (Profits & Gains of Business or Profession) नहीं है, उन्हें एडवांस टैक्स देने की कोई आवश्यकता नहीं है। वे अपना टैक्स सामान्य रूप से सेल्फ-असेसमेंट के समय भर सकते हैं।
- प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन (Presumptive Scheme – धारा 44AD / 44ADA): जो छोटे कारोबारी या प्रोफेशनल्स प्रिजम्प्टिव स्कीम चुनते हैं, उन्हें 4 किस्तों में भरने की जरूरत नहीं होती। उन्हें 15 मार्च तक एकमुश्त 100% एडवांस टैक्स चुकाने की विशेष छूट मिलती है।
5. घर बैठे 5 मिनट में ऑनलाइन एडवांस टैक्स कैसे भरें? (Step-by-Step Guide)
एडवांस टैक्स भरना अब बेहद सरल और पूरी तरह डिजिटल हो चुका है। आप नीचे दिए गए 5 आसान चरणों का पालन करके तुरंत भुगतान कर सकते हैं:
- e-Filing पोर्टल खोलें: आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट
incometax.gov.inपर जाएं। - ‘e-Pay Tax’ पर क्लिक करें: होमपेज पर Quick Links सेक्शन में ‘e-Pay Tax’ का विकल्प चुनें।
- PAN और मोबाइल नंबर दर्ज करें: अपना पैन कार्ड नंबर दर्ज करें और मोबाइल पर आए OTP के जरिए सत्यापित करें।
- असेसमेंट ईयर और टैक्स प्रकार चुनें:
- Assessment Year: 2027-28 (चूंकि चालू वित्त वर्ष 2026-27 है)।
- Type of Payment (Minor Head): Advance Tax (100) चुनें।
- भुगतान पूरा करें और रसीद लें: नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या UPI के माध्यम से भुगतान करें। सफल भुगतान के बाद Challan Receipt (BSR Code व Challan No. युक्त) तुरंत डाउनलोड करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न 1: क्या सैलरीड कर्मचारियों को भी एडवांस टैक्स भरना पड़ता है?
उत्तर: यदि आपकी कंपनी आपकी पूरी सैलरी पर सही TDS काट रही है और आपकी कोई अन्य आय नहीं है, तो आपको अलग से एडवांस टैक्स भरने की जरूरत नहीं है। लेकिन यदि आपको बैंक FD से भारी ब्याज, शेयर बाजार से कैपिटल गेंस या प्रॉपर्टी रेंट मिलता है, तो आपको उस अतिरिक्त आय पर एडवांस टैक्स आज ही जमा करना होगा।
प्रश्न 2: यदि मैंने 15 जून की पहली किस्त मिस कर दी थी, तो क्या करूं?
उत्तर: आप आज ही 15 सितंबर को अपनी पहली और दूसरी किस्त मिलाकर कुल 45% हिस्सा जमा कर दें, ताकि आगे अतिरिक्त ब्याज जुड़ने से बचा जा सके।
प्रश्न 3: अगर मैंने एडवांस टैक्स ज्यादा भर दिया तो क्या होगा?
उत्तर: घबराने की कोई बात नहीं है। जब आप जुलाई में अपना ITR फाइल करेंगे, तो अतिरिक्त जमा किया गया टैक्स आयकर विभाग द्वारा ब्याज सहित आपके बैंक खाते में रिफंड (Tax Refund) कर दिया जाएगा।
⚖️ टैक्स डिस्क्लेमर: यह लेख केवल करदाताओं की जागरूकता और सामान्य सूचना हेतु प्रकाशित किया गया है। आयकर नियमों की व्याख्या और अपनी व्यक्तिगत कर देनदारी की सटीक गणना के लिए अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) या अधिकृत टैक्स कंसल्टेंट से परामर्श अवश्य लें।
