विदेश में पढ़ाई के लिए Education Loan लेना अब पहले जैसा नहीं रहा। 2026 में बैंक सिर्फ आपके Marks नहीं, बल्कि आप किस देश में जा रहे हैं, इसका Country Risk भी देख रहे हैं।
सबसे बड़ी गलतफहमी यही है कि विदेश के लिए सिर्फ 7.5 लाख तक ही Loan मिलता है। सच्चाई कुछ और है।
7.5 लाख की सीमा का सच – ये Total Limit नहीं है
असल में दो अलग-अलग Limits होती हैं:
1. Total Loan Limit: IBA (Indian Banks’ Association) Model Scheme के अनुसार भारत के लिए 10 लाख और विदेश के लिए 20 लाख तक का Loan Priority Sector में आता है।
2. Collateral-Free Limit: 7.5 लाख तक का Loan CGFSEL Scheme के तहत बिना किसी गिरवी के मिलता है। इसका मतलब 7.5 लाख तक बैंक आपसे घर या FD नहीं मांगेगा।
असल में कितना मिलता है? SBI Global Ed-Vantage Scheme में 7.5 लाख से 1.5 करोड़ तक का Loan मिल रहा है। और सबसे बड़ी Update – Top University होने पर SBI अब बिना Collateral के 50 लाख तक का Loan भी दे रहा है।
Country Risk क्या होता है?
Country Risk का मतलब है – उस देश में पढ़ाई करने पर बैंक का पैसा कितना Safe है। बैंक तीन चीजें देखता है:
- Visa Rejection Ratio
- Job Market और Currency Stability
- University Ranking (Tier-1 है या नहीं)
देश के अनुसार Loan पर असर:
Low Risk Country – USA, UK, Canada, Australia, Germany: इनके Tier-1 College में Admission पर 50 लाख तक बिना Collateral के, कम Interest Rate (8.65% से) और Fast Approval मिलता है।
Medium Risk Country – Ireland, New Zealand, Singapore: यहाँ Co-applicant की 50 हजार से ज्यादा Income देखी जाती है।
High Risk Country: जहाँ Visa Uncertainty ज्यादा है, वहाँ Collateral अनिवार्य हो जाता है।
2025 के बाद USA और Canada के लिए Loan में 45% और 35% की गिरावट आई है, जबकि Europe और Australia के लिए Applications में 150% की बढ़ोतरी हुई है।
Interest Rate और Repayment 2026
Interest Rate 8.65% से शुरू होता है, छात्राओं को 0.50% की छूट मिलती है। 7.5 लाख तक No Margin और पढ़ाई पूरी होने के 1 साल के Moratorium के बाद 15 साल तक Repayment का समय मिलता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न 1. क्या 7.5 लाख से ज्यादा बिना गिरवी के Loan मिल सकता है?
हाँ, SBI Global Ed-Vantage में Low Risk Country (USA, UK) और Top University होने पर 50 लाख तक बिना Collateral के मिल रहा है।
प्रश्न 2. Country Risk से Interest Rate पर क्या असर पड़ता है?
Low Risk देशों के लिए Interest सबसे कम लगता है, High Risk के लिए बैंक ज्यादा Interest और Collateral मांगता है।
