भारत के शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs/FPIs) की हिस्सेदारी अब 10 साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। Jio BlackRock Asset Management ने अपनी अगस्त रिपोर्ट में कहा है कि अब भारतीय बाजार में एक बड़ा Contrarian Setup बन रहा है।
Jio BlackRock ने क्या कहा?
Jio BlackRock ने अपने August outlook में कहा कि विदेशी निवेशकों की पोजीशनिंग अब ऐतिहासिक निचले स्तर पर है और अब रिकवरी शुरू हो गई है। रिपोर्ट में 3 बड़े कारण बताए गए हैं:
- घरेलू निवेश मजबूत: SIP के जरिए हर महीने 3 अरब डॉलर से ज्यादा पैसा आ रहा है
- विदेशी बिकवाली कम: लगातार बिकवाली के बाद अब बिकवाली थम गई है
- वैल्यूएशन सस्ता: बाजार का वैल्यूएशन अब लॉन्ग-टर्म एवरेज के करीब आ गया है
आंकड़े क्या कहते हैं?
- पिछले 2 साल में FIIs ने भारत से करीब 60 अरब डॉलर निकाले थे
- पिछले 4 महीनों में ही 11 अरब डॉलर वापस डाले हैं
- जुलाई 2026 में 20,200 करोड़ और अगस्त के पहले 15 दिन में ही 16,621 करोड़ की खरीदारी की है
- पिछले साल FIIs ने 1.6 लाख करोड़ से ज्यादा के शेयर बेचे थे
Contrarian Setup क्या होता है और आम निवेशक को क्या करना चाहिए?
जब FIIs सबसे कम स्तर पर होते हैं, तब बाजार अक्सर बॉटम पर होता है। Jio BlackRock के CIO ऋषि कोहली ने कहा है – “FPI flows को ज्यादा analyze मत करो, earnings पर ध्यान दो।”
मतलब अब कंपनियों की कमाई ही बाजार को चलाएगी, सिर्फ विदेशी पैसा नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q1: FII होल्डिंग कम होने से मुझे क्या फायदा?
जब विदेशी निवेशक कम होते हैं तो शेयर सस्ते मिलते हैं। घरेलू निवेशक बाजार को संभाले हुए हैं, इसलिए गिरावट का खतरा कम है।
Q2: क्या अब भारत में FIIs वापस आ रहे हैं?
हां, जुलाई और अगस्त में लगातार खरीदारी हो रही है। Jio BlackRock के अनुसार ये sentiment turnaround का पहला संकेत है।
Q3: क्या अभी निवेश करने का सही समय है?
ये Contrarian मौका है। जब सब बेच रहे हों तब खरीदने वाले अक्सर फायदा कमाते हैं, लेकिन अपनी रिसर्च जरूर करें।
Source: Economic Times
