EPFO के तहत पेंशन क्लेम करने में हो रही दिक्कत? तो जान लें पहले Form 10C के बारे में… कितनी सेवा के बाद कर सकते हैं क्लेम?

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत पेंशन और पीएफ निकासी से जुड़ी प्रक्रियाएं अक्सर अंशधारकों के लिए जटिल साबित होती हैं। हाल ही में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा ईपीएफओ (EPFO) वेज सीलिंग को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये करने के निर्णय के बाद, पेंशन संबंधी दावों और फॉर्म 10C की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। कई अंशधारकों को पेंशन क्लेम करने में तकनीकी बाधाओं का सामना करना पड़ता है, जिसका मुख्य कारण ‘फॉर्म 10C’ (Form 10C) के नियमों और पात्रता शर्तों की स्पष्ट जानकारी का अभाव है। यह रिपोर्ट ईपीएफओ के नवीनतम नीतिगत बदलावों और फॉर्म 10C के तकनीकी पहलुओं का विस्तृत विश्लेषण करती है।

फॉर्म 10C क्या है और यह पेंशन निकासी में क्यों अनिवार्य है?

ईपीएफओ के नियमों के अनुसार, फॉर्म 10C का उपयोग ‘एम्प्लॉइज पेंशन स्कीम’ (EPS-95) के तहत पेंशन फंड से निकासी लाभ (Withdrawal Benefit) प्राप्त करने के लिए किया जाता है। जब कोई कर्मचारी अपनी नौकरी छोड़ता है और उसकी कुल सेवा अवधि (Service Period) 10 वर्ष से कम होती है, तो वह मासिक पेंशन का हकदार नहीं होता है। ऐसी स्थिति में, कर्मचारी अपने पेंशन फंड में जमा राशि को निकालने के लिए फॉर्म 10C का उपयोग करता है।

हालिया नीतिगत बदलावों के संदर्भ में, श्रम मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों और ईटी नाउ (ET Now) की रिपोर्ट के अनुसार, वेज सीलिंग में वृद्धि का सीधा असर पेंशन योगदान पर पड़ेगा। यदि कोई कर्मचारी 10 वर्ष की सेवा पूरी करने से पहले इस्तीफा देता है, तो फॉर्म 10C के माध्यम से वह अपनी पेंशन राशि का ‘विड्रॉल बेनिफिट’ क्लेम कर सकता है। यह फॉर्म यह सुनिश्चित करता है कि कर्मचारी का पेंशन फंड व्यर्थ न जाए और उसे उसकी सेवा अवधि के अनुपात में एकमुश्त राशि प्राप्त हो सके।

सेवा अवधि का गणित: 6 महीने से 10 साल तक के नियम

पेंशन क्लेम करने के लिए सेवा अवधि (Service Period) का निर्धारण अत्यंत महत्वपूर्ण है। ईपीएफओ के नियमों के तहत, पात्रता की शर्तें निम्नलिखित हैं:

  • 6 महीने से कम सेवा: यदि किसी कर्मचारी की कुल सेवा अवधि 6 महीने से कम है, तो वह पेंशन फंड से निकासी का पात्र नहीं होता है।
  • 6 महीने से 9.5 वर्ष तक की सेवा: इस अवधि के दौरान नौकरी छोड़ने पर कर्मचारी फॉर्म 10C भरकर पेंशन फंड में जमा राशि को निकालने के लिए आवेदन कर सकता है।
  • 10 वर्ष या उससे अधिक की सेवा: यदि कर्मचारी ने 10 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है, तो वह ‘पेंशन योग्य सेवा’ (Pensionable Service) के दायरे में आ जाता है। ऐसे में वह फॉर्म 10C के बजाय ‘पेंशन पेमेंट ऑर्डर’ (PPO) के लिए पात्र हो जाता है और सेवानिवृत्ति के बाद मासिक पेंशन प्राप्त करने का हकदार होता है।

लाइवमिंट (Livemint) की रिपोर्ट के अनुसार, वेज सीलिंग 25,000 रुपये होने से अब पेंशन फंड में योगदान की गणना भी इसी नई सीमा के आधार पर की जाएगी, जिससे भविष्य में मिलने वाली पेंशन राशि में वृद्धि की संभावना है।

वेज सीलिंग में वृद्धि: पेंशन और इन-हैंड सैलरी पर प्रभाव

21 सितंबर 2026 को घोषित ईपीएफओ वेज सीलिंग में वृद्धि (15,000 रुपये से 25,000 रुपये) का सीधा असर कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी पर पड़ा है। जागरण और अन्य वित्तीय विश्लेषकों के अनुसार, इस बदलाव से कर्मचारियों के पीएफ खाते में अधिक राशि जमा होगी, जिससे भविष्य में मिलने वाली पेंशन में इजाफा होगा। हालांकि, इसका तात्कालिक प्रभाव यह है कि कर्मचारियों की इन-हैंड सैलरी में कटौती देखी जा रही है।

यह समझना आवश्यक है कि फॉर्म 10C के तहत मिलने वाली निकासी राशि अब उच्च वेज सीलिंग के कारण पहले की तुलना में अधिक हो सकती है। जो कर्मचारी अपनी नौकरी बदलते हैं या करियर में अंतराल लेते हैं, उनके लिए यह एक महत्वपूर्ण वित्तीय सुरक्षा कवच है। मंत्रालय के अनुसार, यह कदम सामाजिक सुरक्षा के दायरे को व्यापक बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है, ताकि सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों को अधिक आर्थिक स्थिरता मिल सके।

फॉर्म 10C क्लेम करने की प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज

ईपीएफओ के पोर्टल (UAN Member Portal) के माध्यम से फॉर्म 10C को ऑनलाइन सबमिट करना अब पहले से अधिक सुगम हो गया है। प्रक्रिया को त्रुटिहीन बनाने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें:

  1. UAN पोर्टल पर लॉगिन करें: अपने यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) और पासवर्ड का उपयोग करके ईपीएफओ सदस्य पोर्टल पर लॉगिन करें।
  2. ऑनलाइन सर्विसेज टैब: ‘Online Services’ मेनू में जाकर ‘Claim (Form-31, 19, 10C & 10D)’ विकल्प का चयन करें।
  3. बैंक विवरण का सत्यापन: सुनिश्चित करें कि आपके यूएएन के साथ लिंक बैंक खाता सक्रिय है और केवाईसी (KYC) पूरी तरह अपडेटेड है।
  4. फॉर्म का चयन: ‘Only Pension Withdrawal (Form 10C)’ विकल्प चुनें।
  5. आधार ओटीपी (OTP): आवेदन को अंतिम रूप देने के लिए आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी का उपयोग करें।

ईपीएफओ के प्रशासनिक निर्देशों के अनुसार, यदि केवाईसी में कोई विसंगति है, तो क्लेम रिजेक्ट हो सकता है। इसलिए, आवेदन करने से पहले ‘Manage’ टैब में जाकर अपनी व्यक्तिगत जानकारी और बैंक विवरण का मिलान अवश्य कर लें।

पेंशन सुधारों की वर्तमान स्थिति: 1,000 से 7,500 रुपये की मांग

रेवा रियासत (Rewa Riyasat) और अन्य मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईपीएफओ पेंशनभोगियों द्वारा न्यूनतम पेंशन को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 7,500 रुपये करने की मांग लंबे समय से की जा रही है। हालांकि, सरकार ने अभी तक इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है, लेकिन वेज सीलिंग में 25,000 रुपये तक की वृद्धि को इस दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

यह स्पष्ट है कि ईपीएफओ का उद्देश्य धीरे-धीरे पेंशन ढांचे को अधिक समावेशी बनाना है। फॉर्म 10C के माध्यम से निकासी करने वाले कर्मचारियों को यह ध्यान रखना चाहिए कि वे अपनी पेंशन योग्य सेवा (Pensionable Service) को बीच में ही समाप्त कर रहे हैं। यदि संभव हो, तो लंबी अवधि के लिए ईपीएफओ में बने रहना सेवानिवृत्ति के समय एक बड़ी पेंशन राशि सुनिश्चित करने का सबसे प्रभावी तरीका है। किसी भी तकनीकी समस्या के लिए, अंशधारक ईपीएफओ के आधिकारिक ‘EPFiGMS’ पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

By Deepak Singh

Founder and Financial Content Writer at PaisaKhabar.in. Covering Banking, Loans, Government Schemes, and Personal Finance in simple Hindi.

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