PM-SETU Yojana: केंद्र सरकार ने देश के युवाओं के भविष्य और तकनीकी शिक्षा को नया पंख देने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) को आधुनिक और हाई-टेक बनाने के लिए ₹735.70 करोड़ के कुल परिव्यय के साथ PM-SETU (प्रधानमंत्री कौशल एवं रोजगार संवर्धन योजना) को औपचारिक मंजूरी दे दी है।

इस योजना का मुख्य मकसद देश के पुराने पारंपरिक ITI को आधुनिक उद्योग 4.0 (Industry 4.0) की जरूरतों के अनुसार अपग्रेड करना है, ताकि वहां से निकलने वाले युवाओं को तुरंत उच्च वेतन वाली नौकरियां मिल सकें।

⚡ PM-SETU योजना की 5 बड़ी मुख्य बातें:

  • कुल बजट आवंटन: ₹735.70 करोड़ का रणनीतिक निवेश।
  • फोकस एरिया: ITI लैब्स में रोबोटिक्स, AI, IoT, ड्रोन तकनीक और EV मेंटेनेंस की ट्रेनिंग।
  • उद्योग जगत से सीधा जुड़ाव: प्राइवेट कंपनियों और मैन्युफैक्चरिंग हब के साथ ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग (OJT) पार्टनरशिप।
  • मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्चर: राज्य स्तरीय ITIs में विश्वस्तरीय सिमुलेटर और स्मार्ट वर्कशॉप की स्थापना।
  • सीधा लाभ: हर साल लाखों डिप्लोमा और सर्टिफिकेट धारक युवाओं को पक्की नौकरी और स्वरोजगार।

PM-SETU योजना की जरूरत क्यों पड़ी?

आजकल भारतीय उद्योग तेजी से ऑटोमेशन, रोबोटिक्स और डिजिटल तकनीकों को अपना रहे हैं। लेकिन हमारे कई पुराने ITIs में अभी भी पारंपरिक मशीनों पर ही ट्रेनिंग दी जा रही थी। इस वजह से कंपनियों को कुशल कर्मचारी नहीं मिल पाते थे और युवाओं को अच्छी सैलरी वाली नौकरी पाने में दिक्कत आती थी।

जैसे किसी स्मार्टफोन के सॉफ्टवेयर को अपडेट किए बिना नए ऐप्स नहीं चल सकते, वैसे ही नई फैक्ट्रियों में काम करने के लिए छात्रों को पुरानी नहीं बल्कि आधुनिक तकनीकों की ट्रेनिंग जरूरी है। PM-SETU योजना इसी स्किल गैप को पूरी तरह खत्म करने का काम करेगी।

इस योजना के तहत ITIs में क्या-क्या बदलाव होंगे?

PM-SETU के अंतर्गत चुनिंदा और रणनीतिक ITI क्लस्टर्स को आधुनिक बनाया जाएगा:

  1. स्मार्ट क्लासरूम और रोबोटिक्स लैब्स: छात्रों को आधुनिक कंप्यूटर न्यूमेरिक कंट्रोल (CNC) मशीनें, 3D प्रिंटिंग और रोबोटिक आर्म्स चलाने का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा।
  2. इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और ग्रीन एनर्जी कोर्सेज: भारत में तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक वाहन और सोलर पावर सेक्टर के लिए नए वोकेशनल ट्रेड शुरू होंगे।
  3. ट्रेनर्स का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपस्किलिंग: ITI के शिक्षकों और प्रशिक्षकों को आधुनिक तकनीकों पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

छात्रों और युवाओं को क्या सीधा फायदा मिलेगा?

इस योजना के लागू होने के बाद ITI से पास होने वाले छात्रों को निम्न लाभ मिलेंगे:

  • हाई पैकेज प्लेसमेंट: मॉडर्न स्किल्स होने के कारण छात्रों को सीधे कोर मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल और टेक कंपनियों में अच्छे पैकेज पर जॉब मिलेगी।
  • ग्लोबल सर्टिफिकेशन: छात्रों को ऐसे सर्टिफिकेट मिलेंगे जिनकी मान्यता विदेशों में भी तकनीकी नौकरियों के लिए होगी।
  • आंत्रप्रेन्योरशिप और स्टार्ट-अप सपोर्ट: जो युवा अपना खुद का वर्कशॉप या सर्विस सेंटर खोलना चाहते हैं, उन्हें मुद्रा योजना और सरकारी लोन स्कीमों से जोड़ा जाएगा।

PM-SETU योजना से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

1. PM-SETU योजना का पूरा नाम और उद्देश्य क्या है?

PM-SETU का उद्देश्य देश के सरकारी ITI संस्थानों का कायाकल्प करना और भारतीय युवाओं को इंडस्ट्री 4.0 के अनुकूल तकनीकी रूप से दक्ष बनाना है।

2. क्या इस योजना के तहत नए कोर्स में कोई अतिरिक्त फीस लगेगी?

सरकार का लक्ष्य सरकारी ITIs में इन आधुनिक कोर्सेज को किफायती और सुलभ बनाना है ताकि ग्रामीण और मध्यम वर्गीय छात्र भी आधुनिक तकनीकों का लाभ ले सकें।

3. यह योजना कब से लागू होगी?

कैबिनेट की मंजूरी के बाद कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय (MSDE) द्वारा राज्यों के साथ मिलकर क्लस्टर स्तर पर इसका क्रियान्वयन तत्काल प्रभाव से शुरू किया जाएगा।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी भारत सरकार के केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति और कौशल विकास मंत्रालय के दिशानिर्देशों पर आधारित है। विस्तृत अधिसूचना के लिए आधिकारिक सरकारी पोर्टल देखें।

By Deepak Singh

Founder and Financial Content Writer at PaisaKhabar.in. Covering Banking, Loans, Government Schemes, and Personal Finance in simple Hindi.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *