Paisa Khabar विशेष ईपीएफओ रिपोर्ट: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) और केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने देशभर के लाखों नियोक्ताओं (Employers), प्रतिष्ठानों और कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए एक ऐतिहासिक विवाद समाधान योजना ‘VISHWAS 2026’ (Voluntary Initiative for Speedy Hearing and Waiver of Adverse Surcharges) की घोषणा की है। इस योजना के तहत ईपीएफओ ने पुराने पीएफ अंशदान के बकाये और मुकदमों में लगने वाले दंडात्मक हर्जाने (Section 14B Damages & Penalties) में भारी कटौती की पेशकश की है।

यह योजना उन सभी कंपनियों और नियोक्ताओं के लिए एक सुनहरा अवसर है जो वर्षों से हाई कोर्ट, ट्रिब्यूनल (CGIT) या ईपीएफओ दफ्तरों में पेनाल्टी के मुकदमों में फंसे हुए थे। इस स्कीम के तहत नियोक्ता मामूली घटी हुई दरों पर हर्जाना भरकर अपने सभी पुराने कानूनी विवादों को हमेशा के लिए बंद करवा सकते हैं। आइए विस्तार से समझते हैं कि VISHWAS 2026 योजना क्या है, पेनाल्टी में कितनी छूट मिल रही है और इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें।

📌 VISHWAS 2026 स्कीम क्या है और इसका मुख्य उद्देश्य?

VISHWAS 2026 का पूरा नाम ‘Voluntary Initiative for Speedy Hearing and Waiver of Adverse Surcharges’ है। इसका मुख्य उद्देश्य ईपीएफ और एमपी अधिनियम, 1952 की धारा 14B के तहत लंबित भारी जुर्माने के मामलों का त्वरित निपटारा करना है।

  • समय सीमा (Scheme Duration): यह योजना 29 जून 2026 से 28 दिसंबर 2026 तक कुल 6 महीने की सीमित अवधि के लिए खोली गई है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि 28 दिसंबर के बाद इस डेडलाइन को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।
  • पात्रता का दायरा (Cut-off Date): यह योजना उन सभी पीएफ डिफ़ॉल्ट या देरी से जमा किए गए अंशदान पर लागू होगी जो 14 जून 2024 या उससे पहले की अवधि से संबंधित हैं।
  • 100% डिजिटल निपटान: मुकदमों के निपटारे के लिए किसी भी सरकारी दफ्तर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है; पूरी प्रक्रिया ईपीएफओ के यूनिफाइड एम्प्लॉयर पोर्टल से ऑनलाइन होगी।

⚖️ धारा 14B पेनाल्टी (Damages) में कितनी भारी छूट मिलेगी?

सामान्य नियमों के तहत पीएफ जमा करने में देरी पर सालाना 25% तक भारी दंडात्मक हर्जाना (Damages) वसूला जाता था। लेकिन VISHWAS 2026 के अंतर्गत पेनाल्टी की दरों में ऐतिहासिक कटौती की गई है:

पीएफ अंशदान जमा करने में देरी की अवधि पुरानी सामान्य पेनाल्टी दर (Section 14B) VISHWAS 2026 के तहत नई घटी हुई दरें राहत का स्तर
2 महीने तक की देरी (Up to 2 Months) 5% प्रति वर्ष तक मात्र 0.25% प्रति माह (3% प्रति वर्ष) लगभग 40% तक की बचत
2 से 4 महीने तक की देरी (2 to 4 Months) 10% से 15% प्रति वर्ष तक मात्र 0.50% प्रति माह (6% प्रति वर्ष) 60% तक भारी कटौती
4 महीने से अधिक की देरी (Above 4 Months) 25% प्रति वर्ष तक भारी जुर्माना मात्र 1.00% प्रति माह (12% प्रति वर्ष) 50% से अधिक की सीधी राहत

नोट: इस योजना के तहत धारा 7Q के अंतर्गत लागू होने वाला वैधानिक साधारण ब्याज (12% Simple Interest) देय रहेगा, लेकिन धारा 14B का दंडात्मक हर्जाना ऊपर दी गई अत्यंत रियायती दरों पर ही लिया जाएगा।

📋 कौन-कौन से विवाद और मामले इस स्कीम के दायरे में आएंगे?

VISHWAS 2026 योजना में निम्नलिखित चार श्रेणियों के विवादों को शामिल किया गया है:

  1. अदालतों में लंबित मुकदमे: वे सभी मामले जो वर्तमान में किसी भी हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट, डिस्ट्रिक्ट कोर्ट या सेंट्रल गवर्नमेंट इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल (CGIT) / ईपीएफ अपीलीय अधिकरण के समक्ष विचाराधीन हैं।
  2. आदेश पारित परंतु वसूली लंबित: वे मामले जिनमें ईपीएफओ द्वारा 14B का आदेश पहले ही जारी हो चुका है, लेकिन पूरी या आंशिक वसूली अभी बाकी है।
  3. कारण बताओ नोटिस जारी मामले: वे मामले जहां ईपीएफओ द्वारा धारा 14B का नोटिस दिया जा चुका है लेकिन अंतिम असेसमेंट ऑर्डर आना बाकी है।
  4. स्वेच्छा से समाधान (Voluntary Disclosure): जहां पूर्व में पीएफ जमा करने में देरी हुई थी लेकिन विभाग ने अभी तक कोई औपचारिक नोटिस जारी नहीं किया था, नियोक्ता स्वतः आगे आकर इस योजना का लाभ ले सकते हैं।

👥 कर्मचारियों (Employees) को इस योजना से क्या फायदा होगा?

  • अटका हुआ पीएफ पैसा तुरंत मिलेगा: कानूनी मुकदमों के कारण जिन कर्मचारियों का पीएफ अंशदान वर्षों से अटका हुआ था, इस विवाद समाधान के बाद उनके पीएफ खातों में ब्याज सहित पूरी राशि तुरंत क्रेडिट हो जाएगी।
  • पेंशन (EPS) और बीमा (EDLI) लाभ सुरक्षित: पीएफ बकाये का निपटारा होते ही संबंधित कर्मचारियों की सेवा अवधि निर्बाध (Continuous Service) मानी जाएगी, जिससे पेंशन और बीमा के अधिकार सुरक्षित रहेंगे।

💻 ऑनलाइन आवेदन और सेटलमेंट की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया

प्रतिष्ठान और नियोक्ता नीचे दिए गए आसान चरणों का पालन करके VISHWAS 2026 में ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं:

  1. पोर्टल लॉगिन: सबसे पहले ईपीएफओ के आधिकारिक नियोक्ता पोर्टल (Unified Employer Portal) पर लॉगिन करें।
  2. VISHWAS 2026 मॉड्यूल चुनें: डैशबोर्ड मेनू में जाकर ‘VISHWAS 2026’ विकल्प पर क्लिक करें।
  3. ऑटोमैटिक कैलकुलेशन: सिस्टम स्वतः पिछले बकाये और धारा 7Q ब्याज का मिलान करके घटी हुई दरों पर देय हर्जाने (Damages) की गणना स्क्रीन पर दिखाएगा।
  4. मुकदमा वापसी की अंडरटेकिंग: यदि मामला किसी कोर्ट या ट्रिब्यूनल में लंबित है, तो केस वापस लेने का घोषणापत्र अपलोड करें।
  5. डीएससी (DSC) से सबमिशन: डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) या ई-साइन (e-Sign) के माध्यम से आवेदन सबमिट करें।
  6. 15 दिन में भुगतान: आवेदन स्वीकृत होने के बाद चालान जनरेट करें और 15 दिनों के भीतर ऑनलाइन भुगतान पूरा करें।
  7. डिजिटल सेटलमेंट सर्टिफिकेट: सफल भुगतान के बाद ईपीएफओ द्वारा डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित विवाद निपटान प्रमाण पत्र (Settlement Certificate) जारी किया जाएगा, जिसके बाद मामले से जुड़े सभी आपराधिक और दंडात्मक नोटिस स्वतः समाप्त हो जाएंगे।

Paisa Khabar एक्सपर्ट सलाह: ईपीएफओ की यह योजना मुकदमों के बोझ को खत्म करने और भविष्य में कानूनी विवादों से बचने का एक बड़ा अवसर है। सभी नियोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे 28 दिसंबर 2026 की अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते अपने पुराने लंबित मामलों का निपटारा कर लें ताकि पेनाल्टी छूट का पूरा लाभ उठाया जा सके।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1: क्या VISHWAS 2026 योजना की अंतिम तिथि 28 दिसंबर के बाद बढ़ाई जाएगी?
उत्तर: नहीं, श्रम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह 6 महीने की एकमुश्त (One-Time) योजना है और 28 दिसंबर 2026 के बाद किसी भी स्थिति में तारीख नहीं बढ़ाई जाएगी।

Q2: क्या धारा 7Q के तहत ब्याज में भी छूट मिलेगी?
उत्तर: नहीं, धारा 7Q के तहत देय 12% साधारण ब्याज का भुगतान अनिवार्य है; छूट केवल धारा 14B के तहत लगने वाले दंडात्मक हर्जाने (Damages) पर दी जा रही है।

Q3: क्या कोर्ट में चल रहे केस को वापस लेना जरूरी है?
उत्तर: हाँ, यदि नियोक्ता ने ईपीएफओ के आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट या ट्रिब्यूनल में अपील दायर की हुई है, तो योजना का लाभ लेने के लिए अपील वापस लेने का प्रमाण पत्र देना होगा।

डिस्क्लेमर: यह लेख ईपीएफओ द्वारा जारी आधिकारिक VISHWAS 2026 दिशानिर्देशों के आधार पर तैयार किया गया है। सटीक कानूनी अनुपालन और गणना के लिए ईपीएफओ की आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत श्रम कानून सलाहकार से संपर्क करें।

By Deepak Singh

Founder and Financial Content Writer at PaisaKhabar.in. Covering Banking, Loans, Government Schemes, and Personal Finance in simple Hindi.

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