debit card block without notice 1.25 lakh compensation

दोस्तों, सोचिए आप विदेश में एयरपोर्ट लाउंज पर खड़े हैं, आपके खाते में पूरा पैसा है, फिर भी आपका कार्ड डिक्लाइन हो जाए। ऐसा ही हुआ केरल के एक NRI ग्राहक के साथ और अब कोर्ट ने बैंक पर ही 1.25 लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया है।

क्या हुआ है पूरा मामला?

ये मामला फेडरल बैंक का है। पॉल नाम के एक ग्राहक जो 2015 से बैंक के ग्राहक थे, उनके पास बैंक का World Debit Card था जिस पर International Lounge Access फ्री मिलता था।

अगस्त 2021 में जब वो अपने परिवार के साथ कुवैत से कोच्चि आ रहे थे, तो कुवैत एयरपोर्ट के लाउंज में उनका कार्ड काम नहीं किया। खाते में बैलेंस पूरा था, फिर भी एंट्री नहीं मिली, जिससे पूरे परिवार को असुविधा हुई।

बाद में पता चला कि बैंक ने 10 अगस्त 2021 को ही उनका कार्ड ब्लॉक कर दिया था। बैंक का कहना था कि Mastercard की तरफ से सिक्योरिटी अलर्ट आया था, इसलिए ग्राहक की सुरक्षा के लिए कार्ड ब्लॉक किया गया।

लेकिन गलती यहाँ हुई – बैंक ने कार्ड ब्लॉक करने से पहले या बाद में ग्राहक को SMS, कॉल या ईमेल से कोई भी सूचना नहीं दी।

एर्नाकुलम जिला कंज्यूमर कोर्ट ने 14 जुलाई 2026 को अपने फैसले में इसे बैंक की सर्विस में बड़ी कमी माना। कोर्ट ने बैंक को आदेश दिया कि वो ग्राहक को मानसिक परेशानी के लिए 1 लाख रुपये और केस खर्च के लिए 25,000 रुपये, कुल 1.25 लाख रुपये का मुआवजा दे।

RBI का नियम क्या कहता है?

RBI के Master Circular on Customer Service के अनुसार, बैंक ऐसे ही आपका कार्ड ब्लॉक नहीं कर सकता।

  1. पहले बताना जरूरी है: अगर बैंक को आपका कार्ड ब्लॉक करना है, तो पहले आपको SMS और Email से बताना होगा।
  2. फ्रॉड होने पर भी सूचना: अगर बहुत बड़ा फ्रॉड का खतरा है, तो बैंक तुरंत कार्ड ब्लॉक कर सकता है, लेकिन उसके 24 घंटे के अंदर आपको कारण बताना ही होगा और नया कार्ड फ्री में जारी करना होगा।
  3. फ्री कार्ड भी सर्विस है: कोर्ट ने साफ कहा कि चाहे कार्ड फ्री में दिया हो, वो भी बैंकिंग सर्विस का हिस्सा है। इसलिए बैंक ये नहीं कह सकता कि फ्री कार्ड की जिम्मेदारी नहीं है।

आप पर इसका क्या असर होगा?

1. बिना नोटिस कार्ड ब्लॉक नहीं होगा: अब किसी भी बैंक को आपका डेबिट कार्ड बंद करने से पहले आपको सूचना देनी होगी।

2. परेशानी पर मुआवजा मिल सकता है: अगर आप एटीएम पर या विदेश में फंस गए और बैंक ने बिना बताए कार्ड बंद किया, तो आप इसके सबूतों के साथ कंज्यूमर फोरम में जाकर मुआवजे का दावा कर सकते हैं।

3. आपकी जीत का आधार मजबूत हुआ: इस फैसले के बाद अब बैंकों पर दबाव रहेगा कि वो कस्टमर को पहले सूचित करें।

अगर आपके साथ ऐसा हो तो क्या करना चाहिए?

1. सबूत तुरंत सेव करें: कार्ड डिक्लाइन की स्लिप, लाउंज का फोटो, लोकेशन और समय का स्क्रीनशॉट ले लें।

2. बैंक में लिखित शिकायत करें: कस्टमर केयर पर कॉल करने के साथ-साथ ब्रांच में या ईमेल पर लिखित में शिकायत जरूर दें और Complaint Number लें।

3. 30 दिन में Ombudsman में जाएं: अगर बैंक 30 दिन में जवाब नहीं देता या आप जवाब से संतुष्ट नहीं हैं, तो RBI के CMS Portal (cms.rbi.org.in) पर Banking Ombudsman में ऑनलाइन शिकायत करें।

4. कंज्यूमर हेल्पलाइन: आप National Consumer Helpline 1915 पर भी कॉल कर सकते हैं या अपने जिले के कंज्यूमर फोरम में आवेदन दे सकते हैं।

ध्यान देने वाली बात
हमेशा सफर में एक ही कार्ड पर भरोसा न करें। अपने पास हमेशा एक दूसरा डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड बैकअप में रखें, ताकि एक कार्ड में दिक्कत आने पर दूसरा काम आ सके। साथ ही बैंक में आपका मोबाइल नंबर और ईमेल हमेशा अपडेट रखें।

FAQ

सवाल 1: क्या बैंक बिना बताए डेबिट कार्ड ब्लॉक कर सकता है?
जवाब: नहीं। RBI के नियम के अनुसार, सुरक्षा कारणों को छोड़कर बैंक को पहले आपको SMS/Email से बताना जरूरी है। फ्रॉड के केस में भी 24 घंटे के अंदर बताना होता है।

सवाल 2: कार्ड ब्लॉक होने पर कहां शिकायत करनी चाहिए?
जवाब: पहले अपने बैंक में लिखित शिकायत करें। अगर 30 दिन में समाधान नहीं होता, तो RBI Banking Ombudsman के CMS पोर्टल पर शिकायत करें।

सवाल 3: फ्री में मिले डेबिट कार्ड पर भी मुआवजा मिलता है?
जवाब: हां। एर्नाकुलम कोर्ट ने कहा है कि फ्री कार्ड भी बैंकिंग सर्विस का हिस्सा है, इसलिए बैंक की पूरी जिम्मेदारी बनती है।

Disclaimer: यह जानकारी सामान्य बैंकिंग जागरूकता के लिए है। किसी भी कानूनी कार्रवाई से पहले अपने बैंक या कानूनी सलाहकार से संपर्क करें। Source: District Consumer Forum, Ernakulam Order July 2026pya SEBI registered advisor se salah lein. Source: ndtv.in

By Deepak Singh

Founder and Financial Content Writer at PaisaKhabar.in. Covering Banking, Loans, Government Schemes, and Personal Finance in simple Hindi.

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