आजकल साइबर अपराध और बैंकिंग धोखाधड़ी के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं। अक्सर देखा गया है कि साइबर ठग आम लोगों के आधार कार्ड की कॉपी का गलत इस्तेमाल करके उनके नाम पर फर्जी सिम कार्ड (Fake SIM Cards) निकलवा लेते हैं और उससे बैंक खातों में सेंधमारी या फ्रॉड करते हैं। बाद में जब पुलिस जांच होती है, तो बेकसूर नागरिक मुश्किल में पड़ जाते हैं।
भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) ने इस समस्या से निपटने के लिए ‘संचार साथी पोर्टल (Sanchar Saathi)’ की शुरुआत की है, जहाँ आप अपने मोबाइल से सिर्फ 2 मिनट में चेक कर सकते हैं कि आपके आधार नंबर पर कुल कितने मोबाइल नंबर एक्टिव हैं।
आपके नाम पर कितने सिम हैं, ऐसे करें ऑनलाइन चेक (Step-by-Step)
- सबसे पहले दूरसंचार विभाग की आधिकारिक वेबसाइट sancharsaathi.gov.in पर जाएं।
- होमपेज पर नीचे स्क्रॉल करें और ‘Know Your Mobile Connections (TAFCOP)’ विकल्प पर क्लिक करें।
- अपना 10 अंकों का सक्रिय मोबाइल नंबर और स्क्रीन पर दिया गया कैप्चा (Captcha) कोड दर्ज करें।
- ‘Validate Captcha’ पर क्लिक करें और आपके मोबाइल पर आए OTP को दर्ज करके लॉगिन करें।
- स्क्रीन पर उन सभी मोबाइल नंबरों की सूची आ जाएगी जो आपके आधार कार्ड/आईडी पर जारी किए गए हैं।
यदि कोई अनजान नंबर दिखे तो तुरंत क्या करें?
अगर लिस्ट में कोई ऐसा नंबर दिखता है जिसे आपने कभी नहीं खरीदा या जिसे आप अब इस्तेमाल नहीं करते, तो आप पोर्टल से ही उसे तुरंत बंद करवा सकते हैं:
- उस अनजान नंबर के आगे बने चेकबॉक्स को टिक करें।
- यदि नंबर आपका नहीं है, तो ‘Not My Number’ विकल्प चुनें।
- यदि नंबर आपका था लेकिन अब उपयोग में नहीं है, तो ‘Not Required’ चुनें।
- इसके बाद ‘Report’ बटन पर क्लिक कर दें। दूरसंचार विभाग उस नंबर का सत्यापन करेगा और उसे तुरंत ब्लॉक कर देगा।
नियम क्या कहते हैं? (DoT Regulations)
दूरसंचार विभाग के नियमों के अनुसार, भारत में एक व्यक्ति के नाम पर अधिकतम 9 सिम कार्ड (जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों में अधिकतम 6 सिम) जारी हो सकते हैं। इससे अधिक सिम पाए जाने पर सभी नंबरों का पुनः सत्यापन (Re-verification) अनिवार्य हो जाता है।
साइबर सुरक्षा के लिए 3 जरूरी सावधानियां
- मास्क्ड आधार (Masked Aadhaar) का इस्तेमाल करें: होटल या सिम की दुकान पर हमेशा मास्क्ड आधार दें जिसमें केवल अंतिम 4 अंक दिखते हैं।
- mAadhaar ऐप से बायोमेट्रिक लॉक रखें: जब AEPS या फिंगरप्रिंट की जरूरत न हो, तो आधार बायोमेट्रिक को लॉक रखें।
- हर 3 महीने में TAFCOP चेक करें: नियमित रूप से चेक करते रहें कि कोई नया फर्जी नंबर तो नहीं जुड़ा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. क्या संचार साथी पोर्टल पर रिपोर्ट करने का कोई शुल्क है?
नहीं, भारत सरकार की यह सेवा आम नागरिकों के लिए 100% निशुल्क है।
Q2. रिपोर्ट करने के बाद सिम कितने दिन में बंद होता है?
टेलीकॉम कंपनी उस नंबर के धारक को री-वेरिफिकेशन का नोटिस भेजती है। जवाब न मिलने पर नंबर आमतौर पर 15 से 30 दिनों में हमेशा के लिए ब्लॉक कर दिया जाता है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (Department of Telecommunications) के आधिकारिक पोर्टल sancharsaathi.gov.in पर आधारित है। किसी भी साइबर फ्रॉड की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
