उत्तर प्रदेश के कन्नौज से एक बेहद चौंकाने वाला साइबर फ्रॉड सामने आया है। यहाँ ठगों ने लोगों के अंगूठे के निशान का क्लोन बनाकर बैंक खातों से ₹44.92 लाख रुपये उड़ा दिए। इस बार ठगों ने नया तरीका अपनाया – एपाक्सी कम्पाउंड पर जेल लगाकर इतना साफ क्लोन बनाया कि बायोमेट्रिक मशीन भी उसे असली समझ बैठी।

मैं Deepak Singh, एक बैंकर होने के नाते पिछले 10+ सालों से ऐसे फ्रॉड देख रहा हूँ। इस पोस्ट में मैं आपको बताऊंगा कि यह फ्रॉड आखिर हुआ कैसे और आप अपने परिवार को कैसे बचा सकते हैं।

1. कन्नौज में आखिर हुआ क्या?

पीड़ित ज्यादातर ग्रामीण और बुजुर्ग थे जो सरकारी योजना का पैसा लेने बैंक सेवा केंद्र (Jan Suvidha Kendra) जाते थे। वहाँ मौजूद बैंक मित्रों ने उनके आधार कार्ड की कॉपी और सादे कागज पर अंगूठे का निशान ले लिया। बाद में उसी निशान से नकली अंगूठा बनाकर AEPS के जरिए उनके खातों से 20-20 हजार रुपये करके पूरी रकम निकाल ली गई। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि ऐसे पैसे पहले लाभार्थियों के खाते में आते हैं, पर बाद में जन सुविधा केंद्रों के जरिए निकाल लिए जाते हैं।

यह कोई पहला मामला नहीं है। अलीगढ़ में एक ठग ने यूट्यूब से क्लोनिंग सीखकर इसी तरह ₹35 लाख की ठगी की थी।

2. एपाक्सी और जेल से क्लोन कैसे बनता है? – ठगों का पूरा तरीका

पुलिस और साइबर सेल की जांच में जो तरीका सामने आया है वह बहुत ही शातिर है:

ठग थर्मल स्कैनर, बटर पेपर, मिरर, थिनर जेल, ग्लू और इमेज बूस्टर केमिकल का इस्तेमाल करके रबर पर अंगूठे का निशान बनाते हैं। एक आरोपी तो ग्लू-गन और एडहेसिव से ₹5 से भी कम लागत में क्लोन बना लेता था।

फिर इन नकली फिंगरप्रिंट को NPCI और UIDAI से जुड़ी बायोमेट्रिक मशीनों के स्कैनर पर लगाया जाता है। मशीन उसे असली समझकर ऑथेंटिकेट कर देती है और पैसा विड्रॉ या ट्रांसफर हो जाता है।

पुराने तरीके में ठग उंगली पर फिश ऑयल लगाकर उसे गरम मोम पर दबाते थे, फिर उस उल्टे निशान पर फेविकोल की फिल्म लगाकर सूखने पर क्लोन निकाल लेते थे। कन्नौज में पकड़ा गया एपाक्सी + जेल वाला तरीका इसी का एडवांस वर्जन है जो ज्यादा टिकाऊ और 99% असली जैसा दिखता है।

3. AEPS क्या है और यह सबसे ज्यादा टारगेट क्यों हो रहा है?

AEPS यानी Aadhaar Enabled Payment System। इसमें सिर्फ आधार नंबर और अंगूठा लगाकर पैसे निकाले जा सकते हैं। OTP की जरूरत नहीं होती। इसी का फायदा ठग उठा रहे हैं। वे बटर पेपर से लेकर रजिस्ट्री के कागजों तक से अंगूठे का निशान कॉपी कर डुप्लीकेट सिलिकॉन अंगूठा बना रहे हैं।

4. बचने के 7 पक्के उपाय

1. सादे कागज पर कभी अंगूठा न लगाएं: यह सबसे बड़ा नियम है। PM आवास, राशन, पेंशन किसी भी योजना के नाम पर कोई सादे कागज पर अंगूठा मांगे तो साफ मना कर दें।
2. आधार बायोमेट्रिक लॉक करें: तुरंत myaadhaar.uidai.gov.in पर जाएं और Aadhaar Biometric Lock ON कर दें। जब पैसे निकालने हों तभी 10 मिनट के लिए अनलॉक करें। इससे AEPS अपने आप ब्लॉक हो जाता है।
3. जनसेवा केंद्र पर सतर्क रहें: अपना आधार नंबर जोर से न बोलें, बायोमेट्रिक मशीन पर खुद अंगूठा लगाएं, किसी को अपना आधार कार्ड WhatsApp पर न भेजें।
4. SMS अलर्ट और लिमिट सेट करें: अपने खाते में AEPS लिमिट ₹5000 तक सेट करने के लिए बैंक में आवेदन दें।
5. रजिस्ट्री के कागजों का ध्यान रखें: हरियाणा पुलिस ने खुद चेतावनी दी है कि रजिस्ट्री पेपर से भी क्लोन बनाए जा रहे हैं।
6. सीनियर सिटिजन को जागरूक करें: यह फ्रॉड सबसे ज्यादा बुजुर्गों के साथ हो रहा है।
7. फिंगरप्रिंट की फोटो न लें: अपने अंगूठे की साफ फोटो सोशल मीडिया पर न डालें।

5. फ्रॉड हो जाए तो तुरंत क्या करें?

  1. पहले 2 घंटे गोल्डन ऑवर्स हैं – तुरंत 1930 पर कॉल करें।
  2. cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
  3. बैंक में जाकर AEPS ट्रांजैक्शन को डिस्प्यूट करें और खाता फ्रीज कराएं।

FAQs

Q. क्या बैंक पैसा वापस करेगा?
अगर आपने अपनी गलती से OTP/अंगूठा नहीं दिया है और 3 दिन के अंदर रिपोर्ट की है तो RBI के Zero Liability नियम से पैसा वापस मिलने की पूरी संभावना है।

Q. क्या सभी बैंक सेवा केंद्र फ्रॉड हैं?
नहीं, 99% ईमानदार हैं। लेकिन कुछ बैंक मित्र ही इस तरह के गिरोह में शामिल पाए गए हैं।

निष्कर्ष
आपका अंगूठा ही आपकी बैंक तिजोरी की चाबी है। एपाक्सी-जेल वाला यह नया तरीका बताता है कि फ्रॉड कितना हाई-टेक हो गया है। आधार को लॉक रखना ही सबसे बड़ा बचाव है।

Disclaimer: यह लेख जागरूकता के लिए लिखा गया है। सभी आंकड़े पुलिस रिपोर्ट और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं। किसी भी निवेश या कानूनी सलाह के लिए अपने बैंक से संपर्क करें।

By Deepak Singh

Founder and Financial Content Writer at PaisaKhabar.in. Covering Banking, Loans, Government Schemes, and Personal Finance in simple Hindi.

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