नई दिल्ली (PaisaKhabar News Desk): भारत में चिकित्सा लागत सालाना 14 फीसदी की दर से बढ़ रही है, जिससे पारंपरिक हेल्थ इंश्योरेंस का बीमित धन गंभीर बीमारियों में अपर्याप्त साबित हो सकता है। इसी वित्तीय जोखिम से निपटने के लिए इंश्योरेंस कंपनियां 'असीमित हेल्थ इंश्योरेंस' प्लान पेश कर रही हैं। उदाहरण के लिए, नोएडा निवासी 48 वर्षीय विभाष सूर्य जैसी स्थिति में, जहां बड़ी सर्जरी और लंबे समय तक आईसीयू में रहने से मेडिकल बिल लाखों रुपये तक पहुंच जाते हैं, असीमित बीमा राशि सुरक्षा देती है। हालांकि, इसे खरीदने से पहले इसके कड़े नियमों, प्रीमियम लागत और एक्सक्लूजन को समझना बेहद जरूरी है।
📌 मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- असीमित स्वास्थ्य बीमा बड़ी बीमारियों, अंग प्रत्यारोपण और आईसीयू के खर्चों में सुरक्षा देता है।
- मणिपालसिग्ना ने असीमित बीमा राशि वाली योजना 'इनफिनिक्स' बाजार में उतारी है।
- भारत में चिकित्सा खर्चों में हर साल 14 फीसदी की दर से वृद्धि दर्ज की जा रही है।
- असीमित बीमा में कितनी भी बार क्लेम करने पर सम इंश्योर्ड खत्म होने का जोखिम नहीं रहता।
असीमित हेल्थ इंश्योरेंस का दायरा और मौजूदा स्थिति
हेल्थ इंश्योरेंस क्षेत्र में असीमित बीमा राशि वाली नीतियां एक नया मानक स्थापित कर रही हैं। भारत में मेडिकल महंगाई दर वर्तमान में 14 फीसदी के स्तर पर पहुंच चुकी है, जिसके कारण पुरानी 5 लाख या 10 लाख रुपये वाली पॉलिसी बड़ी बीमारियों के इलाज में नाकाफी साबित होती हैं। 48 वर्षीय विभाष सूर्य जैसे व्यक्ति, जो नोएडा में रियल एस्टेट क्षेत्र में कार्यरत हैं, वे इस योजना को वित्तीय सुरक्षा के एक ठोस विकल्प के रूप में देख रहे हैं। यह पॉलिसी बिना किसी अपर लिमिट के अस्पताल में भर्ती होने के पूरे खर्च को कवर करने का वादा करती है।
असीमित हेल्थ इंश्योरेंस का मुख्य लाभ यह है कि एक ही पॉलिसी वर्ष के दौरान बार-बार दावों के बावजूद बीमित राशि कभी समाप्त नहीं होती है। मणिपालसिग्ना हेल्थ इंश्योरेंस, निवा बूपा और पॉलिसीबाजार जैसे अग्रणी प्लेटफॉर्म इन असीमित कवरेज वाली योजनाओं को बढ़ावा दे रहे हैं। बड़ी सर्जरी, ऑर्गन ट्रांसप्लांट और कई हफ्तों तक आईसीयू में रहने की स्थिति में यह पॉलिसी ग्राहकों को कर्ज के जाल से बचाती है। हालांकि, बीमित राशि असीमित होने का मतलब यह कतई नहीं है कि इंश्योरेंस कंपनी हर प्रकार के बिल का आंख बंद करके भुगतान करेगी।
मणिपालसिग्ना इनफिनिक्स और असीमित कवरेज की कानूनी सीमाएं
मणिपालसिग्ना ने हाल ही में 'इनफिनिक्स' नामक एक विशेष असीमित स्वास्थ्य बीमा योजना लॉन्च की है। इस योजना का उद्देश्य उन ग्राहकों को पूर्ण वित्तीय सुरक्षा देना है जो इलाज के दौरान किसी भी वित्तीय सीमा से मुक्त रहना चाहते हैं। हालांकि, पॉलिसी दस्तावेजों के अनुसार, असीमित सम इंश्योर्ड होने के बावजूद कमरा किराया (Room Rent Sub-limits), को-पेमेंट (Co-payment) और रूम श्रेणी पर नियम लागू हो सकते हैं। यदि पॉलिसीधारक अनुमत सीमा से महंगा कमरा चुनता है, तो आनुपातिक कटौती (Proportionate Deduction) लागू होती है, जिससे जेब से खर्च करना पड़ता है।
इसके अतिरिक्त, प्री-एग्जिस्टिंग बीमारियों (Pre-existing Diseases) के लिए 2 से 4 साल का वेटिंग पीरियड लागू रहता है। कॉस्मेटिक सर्जरी, प्रायोगिक इलाज, न नकारे जाने वाले उपभोग्य उत्पाद (Consumables) और बिना चिकित्सकीय आवश्यकता के अस्पताल में भर्ती होने पर कवरेज नहीं मिलता है। बीमा अधिनियम 1938 और आईआरडीएआई (IRDAI) के नियमों के अनुसार, बीमाकर्ता केवल उन्हीं खर्चों को मंजूर करने के लिए बाध्य है जो 'उचित और सामान्य' (Reasonable and Customary Charges) की परिभाषा के तहत आते हैं। इसलिए दावों के समय अस्पताल का इनवॉइस पूरी तरह पारदर्शी होना चाहिए।
उच्च प्रीमियम लागत और ग्राहकों पर जेब पर सीधा असर
असीमित हेल्थ इंश्योरेंस का चयन करते समय सबसे बड़ा पहलू इसका प्रीमियम होता है। सामान्य 10 लाख या 25 लाख रुपये के कवर की तुलना में असीमित पॉलिसी का प्रीमियम 30 से 60 फीसदी तक अधिक हो सकता है। 45 वर्ष से अधिक आयु वाले व्यक्तियों के लिए यह वित्तीय बोझ हर साल काफी बढ़ जाता है। उपभोक्ता को यह देखना होगा कि क्या 14 फीसदी की मेडिकल महंगाई से निपटने के लिए इतनी महंगी पॉलिसी उनके वार्षिक बजट के अनुकूल है या फिर एक रीस्टोरेशन बेनिफिट वाली मानक सुपर टॉप-अप पॉलिसी बेहतर विकल्प साबित हो सकती है।
आईआरडीएआई के उपभोक्ता संरक्षण मानकों के अनुसार, ग्राहकों को पॉलिसी खरीदने से पहले 'वर्डिंग डॉक्यूमेंट' और एक्सक्लूजन सूची का ध्यानपूर्वक अध्ययन करना चाहिए। असीमित बीमा का मुख्य उद्देश्य अप्रत्याशित गंभीर चिकित्सा आपात स्थितियों में असीमित वित्तीय ढाल प्रदान करना है, लेकिन इसका उपयोग सामान्य बीमारियों के लिए अत्यधिक प्रीमियम चुकाने के औचित्य को साबित नहीं करता। वित्तीय सलाहकारों का मानना है कि उपभोक्ताओं को अपनी उम्र, पारिवारिक मेडिकल इतिहास और प्रीमियम चुकाने की क्षमता के आधार पर ही इस असीमित कवर का चयन करना चाहिए।
असीमित हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते समय अपनाएं यह आधिकारिक प्रक्रिया
यदि आप असीमित स्वास्थ्य बीमा खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो पॉलिसी जारी होने से पहले और क्लेम के समय इन 4 प्रमुख अनुपालन चरणों का पालन करें:
- चरण 1: पॉलिसी विवरण में रूम रेंट कैपिंग और को-पेमेंट शर्तों की समीक्षा करें।
- चरण 2: 48 वर्ष या उससे अधिक आयु में पहले से मौजूद बीमारियों का सही विवरण दें।
- चरण 3: मणिपालसिग्ना या निवा बूपा के नेटवर्क अस्पतालों की सूची जांचें।
- चरण 4: 14 फीसदी मेडिकल इंफ्लेशन के अनुसार प्रीमियम क्षमता का मूल्यांकन करें।