नई दिल्ली (PaisaKhabar News Desk): भारतीय घरेलू शेयर बाजार में 22 अक्टूबर 2026 के कारोबारी सत्र में भारी बिकवाली देखी गई, जिसके चलते दोनों प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स 460.30 अंक यानी 0.62 प्रतिशत लुढ़ककर 73,249.39 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 50 में 123.70 अंकों यानी 0.54 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 22,687.65 पर आ गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल कीमतों में आए तेज उछाल और एशियाई बाजारों में मंदी के दबाव के बीच वित्तीय तथा ऑटो सेक्टर में बिकवाली हावी रही, जिससे निवेशकों की धारणा कमजोर हुई।
📌 मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- बीएसई सेंसेक्स 460.30 अंक गिरकर 73,249.39 पर बंद हुआ, दिन का निचला स्तर 73,005.11 रहा।
- एनएसई निफ्टी 50 सूचकांक 123.70 अंक टूटकर 22,687.65 के स्तर पर फिसला।
- निफ्टी बैंक 51.20 अंक गिरकर 54,925.70 के स्तर पर बंद हुआ।
- कच्चे तेल में उछाल और विदेशी फंडों की बिकवाली से ऑटो और बैंकिंग स्टॉक्स दबाव में रहे।
सेंसेक्स 460 अंक टूटा और निफ्टी 22,687 पर फिसला
दलाल स्ट्रीट पर आज सुबह से ही बिकवाली का दबाव देखा गया। बीएसई सेंसेक्स पिछले सत्र के 73,709.69 अंक के मुकाबले 73,343.33 पर खुला और कारोबार के दौरान 73,720.83 के उच्च स्तर को छूने के बाद 73,005.11 के निचले स्तर तक लुढ़क गया। कारोबार की समाप्ति पर सेंसेक्स 460.30 अंक यानी 0.62 प्रतिशत टूटकर 73,249.39 पर बंद हुआ। वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 पिछले बंद 22,811.35 के मुकाबले 22,687.75 पर खुलकर 22,554.85 के निचले स्तर तक चला गया और अंततः 123.70 अंक नीचे 22,687.65 पर समाप्त हुआ।
बैंकिंग शेयरों में भी मुनाफावसूली का असर दिखा और निफ्टी बैंक 51.20 अंक फिसलकर 54,925.70 के स्तर पर बंद हुआ। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल कीमतों में आई अचानक तेजी ने महंगाई की चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिसका सीधा असर घरेलू बाजार की धारणा पर पड़ा। व्यापक बाजार में मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि वोलैटिलिटी इंडेक्स यानी इंडिया विक्स में उछाल देखा गया जो आगामी कारोबारी सत्रों में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने का स्पष्ट संकेत देता है।
आज के टॉप गेनर्स और टॉप लूजर्स का विश्लेषण
बाजार में चौतरफा बिकवाली के बीच आईटी सेक्टर के चुनिंदा शेयरों में मजबूती देखने को मिली। इंफोसिस, टीसीएस और एचसीएल टेक जैसे दिग्गज आईटी शेयर 0.80 प्रतिशत से लेकर 1.45 प्रतिशत तक की बढ़त के साथ टॉप गेनर्स की सूची में रहे, जिन्हें स्थिर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल से सहारा मिला। इसके अतिरिक्त हालिया तिमाही नतीजों के दम पर स्विगी के शेयर में सुधार दिखा, जहां कंपनी का शुद्ध घाटा सालाना आधार पर घटकर 922 करोड़ रुपये रह गया और राजस्व में 36 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया।
दूसरी तरफ बिकवाली का सबसे बड़ा झटका ऑटोमोबाइल, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों को लगा। बजाज फाइनेंस, आयशर मोटर्स, ट्रेंट और एटरनल में 2 प्रतिशत से लेकर 3.5 प्रतिशत तक की भारी गिरावट दर्ज की गई और ये टॉप लूजर्स में शामिल रहे। त्योहारी सीजन के बावजूद उच्च मूल्यांकन और संभावित मार्जिन दबाव के कारण संस्थागत निवेशकों ने इन शेयरों में आक्रामक रूप से मुनाफावसूली की, जिसके चलते निफ्टी 22,700 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया।
संस्थागत निवेशकों का कैश मार्केट रुख और बाजार धारणा
शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की गतिविधियों ने बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विदेशी निवेशकों ने एशियाई बाजारों में कमजोरी और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के चलते चुनिंदा लार्ज-कैप स्टॉक्स में शुद्ध बिकवाली दर्ज की। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी कर बाजार को बहुत बड़ी गिरावट से बचाने का प्रयास किया, लेकिन डेरिवेटिव्स सेगमेंट में शॉर्ट पोजीशन बढ़ने के कारण सूचकांक दिन के निचले स्तरों के करीब ही बंद होने को मजबूर हुए।
| प्रमुख इंडेक्स / स्टॉक | पिछला क्लोजिंग स्तर | ताज़ा स्तर व बदलाव (अंक / %) | प्रमुख सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल्स |
|---|---|---|---|
| बीएसई सेंसेक्स (Sensex) | 73,709.69 | 73,249.39 (-460.30 / -0.62%) | सपोर्ट: 73,150 | रेजिस्टेंस: 74,000 |
| एनएसई निफ्टी 50 (Nifty) | 22,811.35 | 22,687.65 (-123.70 / -0.54%) | सपोर्ट: 22,600 | रेजिस्टेंस: 22,850 |
| निफ्टी बैंक (Bank Nifty) | 54,976.90 | 54,925.70 (-51.20 / -0.09%) | सपोर्ट: 54,700 | रेजिस्टेंस: 55,150 |
विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी ब्याज दर परिदृश्य और भू-राजनीतिक तनावों के कारण विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। जब तक निफ्टी 22,850 के रेजिस्टेंस जोन को पार नहीं करता, तब तक बाजार में 'सेल ऑन राइज' यानी हर उछाल पर बिकवाली की रणनीति हावी रह सकती है। खुदरा निवेशकों को इस अस्थिर माहौल में आक्रामक पोजीशन बनाने के बजाय मजबूत बैलेंस शीट वाली गुणवत्तापूर्ण कंपनियों और लार्ज-कैप शेयरों में ही चरणबद्ध तरीके से पूंजी लगानी चाहिए।
आगामी कारोबारी सत्र के लिए प्रमुख टेक्निकल लेवल्स और रणनीति
तकनीकी चार्ट पर निफ्टी और सेंसेक्स दोनों ही अपने अहम शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे फिसल चुके हैं। अगले कारोबारी सत्र के लिए ट्रेडर्स को प्रमुख सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल्स पर नजर रखनी होगी ताकि जोखिम का उचित प्रबंधन किया जा सके।
निफ्टी 50 के लिए 22,600 का स्तर तत्काल मजबूत सपोर्ट काम करेगा, जबकि ऊपरी स्तरों पर 22,850 का स्तर कड़ा रेजिस्टेंस बना हुआ है।
- निफ्टी 50 सपोर्ट: तत्काल सपोर्ट 22,600 पर स्थित है, यदि यह टूटता है तो 22,450 तक गिरावट बढ़ सकती है।
- निफ्टी 50 रेजिस्टेंस: पुलबैक रैली की स्थिति में 22,850 पहला अवरोध है, जिसके पार 23,000 का स्तर खुलेगा।
- सेंसेक्स तकनीकी दायरा: सेंसेक्स के लिए 73,150 का तत्काल सपोर्ट स्तर है तथा 74,000 पर मजबूत रेजिस्टेंस मौजूद है।
- बैंक निफ्टी आउटलुक: बैंक निफ्टी के लिए 54,700 पर महत्वपूर्ण सपोर्ट है, जबकि 55,150 पर मजबूत रेजिस्टेंस दर्ज है।