नई दिल्ली (PaisaKhabar News Desk): भारतीय शेयर बाजार में 21 अक्टूबर 2026 के कारोबारी सत्र में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया और शुरुआती बढ़त गंवाकर प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स 143.21 अंक यानी 0.19 फीसदी गिरकर 73,709.69 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 50 इंडेक्स 77.60 अंक टूटकर 22,811.35 पर आ गया। बैंकिंग शेयरों में तगड़ी मुनाफावसूली से बैंक निफ्टी 511.20 अंक फिसलकर 54,976.90 पर बंद हुआ। विदेशी संस्थागत निवेशकों की सतर्कता और वैश्विक अनिश्चितता के बीच लार्जकैप में बिकवाली हावी रही, जिससे इंट्राडे हाई से दोनों सूचकांकों में तेज गिरावट दर्ज की गई।
📌 मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- सेंसेक्स 143.21 अंक (-0.19%) फिसलकर 73,709.69 के स्तर पर लाल निशान में बंद हुआ।
- निफ्टी 50 इंडेक्स 77.60 अंक (-0.34%) गिरकर 22,811.35 के स्तर पर समाप्त हुआ।
- बैंक निफ्टी में 511.20 अंक (-0.92%) की तेज गिरावट रही और यह 54,976.90 पर बंद हुआ।
- संस्थागत निवेश में 19 अक्टूबर को DII ने ₹3,201.19 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की थी।
सेंसेक्स 73,709 और निफ्टी 22,811 पर लुढ़ककर बंद
घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स 21 अक्टूबर को इंट्राडे के उच्चतम स्तरों को बनाए रखने में पूरी तरह विफल रहे। बीएसई सेंसेक्स सुबह 74,337.93 पर मजबूती के साथ खुला और कारोबार के दौरान 74,682.19 का ऊपरी स्तर छुआ। हालांकि, दोपहर बाद बैंकिंग, ऑटो और वित्तीय शेयरों में आई अचानक बिकवाली के कारण यह दिन के निचले स्तर 73,229.45 तक लुढ़क गया। अंततः सेंसेक्स पिछले बंद स्तर 73,852.90 के मुकाबले 143.21 अंक नीचे 73,709.69 पर बंद हुआ। दिन के उच्च स्तर से सेंसेक्स में करीब 972 अंकों की भारी गिरावट दर्ज की गई।
एनएसई निफ्टी 50 में भी ऐसा ही ट्रेंड देखने को मिला। इंडेक्स 23,016.00 पर गैप-अप खुलकर 23,120.90 के दिन के शिखर तक पहुंचा, लेकिन बिकवाली के भारी दबाव में 22,649.90 के निचले स्तर को छू गया। सत्र समाप्ति पर निफ्टी 77.60 अंक यानी 0.34 फीसदी की कमजोरी के साथ 22,811.35 पर बंद हुआ। ब्रॉडर मार्केट में स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों पर भी दबाव दिखा, जबकि सरकारी बैंकिंग शेयरों ने निचले स्तरों पर हल्का सपोर्ट प्रदान किया। बाजार में अनिश्चितता के कारण ट्रेडर्स ने ऊपरी स्तरों पर अपनी पोजीशन हल्की की।
बजाज फाइनेंस और ट्रेंट में बिकवाली बनाम चुनिंदा पीएसयू बैंक
आज के कारोबारी सत्र में निफ्टी के टॉप लूजर्स में बजाज फाइनेंस, ट्रेंट, आयशर मोटर्स और प्रमुख प्राइवेट बैंक शामिल रहे। बजाज फाइनेंस में गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) पर दबाव और एसेट क्वालिटी की चिंताओं के कारण 2 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। ट्रेंट और रिटेल केंद्रित शेयरों में ऊंचे वैल्यूएशन के चलते निवेशकों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी, जिससे इन शेयरों ने इंडेक्स पर नीचे की ओर भारी दबाव बनाया। इसके अलावा ऑटो सेक्टर में आयशर मोटर्स के शेयर कमजोर मांग की आशंकाओं के चलते बिकवाली का शिकार बने।
दूसरी तरफ, बाजार की इस तेज गिरावट के बीच चुनिंदा सरकारी बैंकों और आईटी काउंटर्स ने मजबूती दिखाकर इंडेक्स को सहारा दिया। पीएसयू बैंक इंडेक्स में निचले स्तरों से मजबूत रिकवरी देखी गई, जहां क्रेडिट ग्रोथ और स्थिर एनपीए के दम पर खरीदारी लौटी। टेक शेयरों में वैश्विक आईटी खर्च के सकारात्मक संकेतों और डॉलर के मुकाबले रुपये के उतार-चढ़ाव से सीमित दायरे में खरीदारी दर्ज की गई। हालांकि, लार्जकैप वित्तीय शेयरों में भारी बिकवाली के चलते बाजार की बढ़त टिक नहीं सकी और दिन का अंत कमजोरी के साथ हुआ।
संस्थागत कैश फ्लो रुझान और एफआईआई डीआईआई की स्थिति
एक्सचेंज के आधिकारिक प्रोटोकॉल के अनुसार 21 अक्टूबर के प्रोविजनल एफआईआई और डीआईआई ट्रेडिंग आंकड़े देर शाम जारी किए जाएंगे। संदर्भ के लिए पिछले कारोबारी सत्र यानी 19 अक्टूबर 2026 को घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बाजार को ठोस सहारा दिया था। उस दिन डीआईआई ने कुल ₹14,781.31 करोड़ की ग्रॉस खरीदारी की और ₹11,580.12 करोड़ की ग्रॉस बिकवाली की, जिसके परिणामस्वरूप ₹3,201.19 करोड़ का शुद्ध कैश इनफ्लो दर्ज हुआ। डीआईआई की यह निरंतर घरेलू खरीदारी भारतीय बाजारों को वैश्विक दबाव के बीच स्थिरता देने में अहम रही है।
| प्रमुख इंडेक्स / स्टॉक | पिछला क्लोजिंग स्तर | ताज़ा स्तर व बदलाव (अंक / %) | प्रमुख सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल्स |
|---|---|---|---|
| BSE Sensex | 73,852.90 | 73,709.69 (-143.21 अंक / -0.19%) | सपोर्ट: 73,450 | रेजिस्टेंस: 74,750 |
| NSE Nifty 50 | 22,888.95 | 22,811.35 (-77.60 अंक / -0.34%) | सपोर्ट: 22,750 | रेजिस्टेंस: 23,150 |
| NSE Bank Nifty | 55,488.10 | 54,976.90 (-511.20 अंक / -0.92%) | सपोर्ट: 54,850 | रेजिस्टेंस: 56,150 |
| DII कैश फ्लो (19-Oct) | ₹11,580.12 Cr बिकवाली | ₹14,781.31 Cr खरीद (+₹3,201.19 Cr शुद्ध) | संस्थागत कैश सपोर्ट मजबूत |
| FII कैश फ्लो (19-Oct) | ₹12,389.28 Cr बिकवाली | ₹11,240.64 Cr खरीद (-₹1,148.64 Cr शुद्ध) | विदेशी बिकवाली का दबाव बरकरार |
इसके विपरीत, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) का रुख पिछले सत्र में सतर्कता भरा और नकारात्मक रहा था। 19 अक्टूबर को एफआईआई ने ₹11,240.64 करोड़ के शेयर खरीदे जबकि ₹12,389.28 करोड़ के शेयर बेचे, जिससे ₹1,148.64 करोड़ की शुद्ध निकासी (Net Outflow) देखने को मिली थी। वैश्विक स्तर पर बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव और क्रूड ऑयल कीमतों में अनिश्चितता के कारण विदेशी फंड लगातार लार्जकैप से पैसा निकालकर चुनिंदा सुरक्षित परिसंपत्तियों में स्थानांतरित कर रहे हैं, जिससे घरेलू सूचकांकों में ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली बढ़ रही है।
आगामी सत्र के लिए निफ्टी और बैंक निफ्टी टेक्निकल लेवल्स
तकनीकी चार्ट्स पर निफ्टी 50 ने दैनिक समय-सीमा पर ऊपरी स्तरों से रिजेक्शन दर्शाया है। अगले कारोबारी सत्र में व्यापारियों को सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल्स पर कड़ी नजर रखनी होगी ताकि बाजार की दिशा के अनुसार अपनी ट्रेडिंग रणनीति को सुव्यवस्थित किया जा सके।
- चरण 1: निफ्टी 50 के लिए 22,750 का स्तर पहला तात्कालिक सपोर्ट रहेगा, जबकि 23,150 पर कड़ा रेजिस्टेंस है।
- चरण 2: बैंक निफ्टी में अगला मजबूत सपोर्ट 54,850 पर है और पुलबैक रैली में 56,150 अहम रेजिस्टेंस बनेगा।
- चरण 3: सेंसेक्स के लिए 73,450 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट है, जिसके टूटने पर 73,200 तक गिरावट बढ़ सकती है।
- चरण 4: सेंसेक्स का ऊपरी रेजिस्टेंस 74,750 पर स्थित है, जिसे पार करने के बाद ही नई तेजी संभव होगी।