नई दिल्ली (PaisaKhabar News Desk): घरेलू शेयर बाजार में 23 अक्टूबर 2026 को समाप्त कारोबारी सत्र में जोरदार बिकवाली हावी रही और प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 125.56 अंकों यानी 0.17 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 73,123.83 के स्तर पर बंद हुआ। सत्र के दौरान सेंसेक्स ने 73,665.64 पर खुलकर 73,766.51 का उच्च और 72,452.37 का निचला स्तर छुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 सूचकांक 87.65 अंकों यानी 0.39 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,600.00 पर बंद हुआ, जबकि बैंक निफ्टी 638.35 अंकों यानी 1.16 प्रतिशत लुढ़ककर 54,287.35 पर बंद हुआ। ब्रेंट क्रूड ऑयल के कीमतों में उछाल आने और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों की धारणा सतर्क बनी रही। पिछले चार कारोबारी सत्रों में बाजार में आई बिकवाली से निवेशकों की संपत्ति पर भारी दबाव देखा गया है।
📌 मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 125.56 अंक टूटकर 73,123.83 के स्तर पर बंद हुआ
- नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 सूचकांक 87.65 अंक गिरकर 22,600.00 पर बंद
- एनएससी बैंक निफ्टी सूचकांक 638.35 अंक यानी 1.16 प्रतिशत फिसलकर 54,287.35 पर आया
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल कीमतें बढ़ने से बाजार का सेंटिमेंट कमजोर हुआ
सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट के साथ प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद
सप्ताह के इस कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार के सभी प्रमुख इंडेक्स दबाव में नजर आए और सत्र के अंत तक बिकवाली का दौर जारी रहा। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 125.56 अंकों की गिरावट के साथ 73,123.83 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 73,249.39 पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 73,665.64 पर शुरुआत करते हुए 73,766.51 का ऊपरी और 72,452.37 का निचला स्तर दर्ज किया। बाजार में लगातार बिकवाली के दबाव के कारण निवेशकों की पिछले चार दिनों में भारी धनहानि हुई है और व्यापक बाजार में भी कमजोरी का रुख साफ तौर पर देखा गया।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 सूचकांक भी इस मंदी से अछूता नहीं रहा और 87.65 अंकों यानी 0.39 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 22,600.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी के लिए पिछला क्लोजिंग स्तर 22,687.65 था, जबकि आज के सत्र में इसने 22,742.20 पर खुलकर 22,787.25 का उच्च और 22,372.00 का निचला स्तर बनाया। इसके अलावा, बैंकिंग शेयरों में भारी मुनाफावसूली और बिकवाली के चलते एनएसई बैंक निफ्टी 638.35 अंक यानी 1.16 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 54,287.35 पर बंद हुआ, जिसने बाजार के मूड को और अधिक नकारात्मक बना दिया।
ब्रेंट क्रूड में उछाल और सेक्टोरल बिकवाली से बाजार का सेंटिमेंट प्रभावित
वैश्विक मोर्चे पर कच्चे तेल यानी क्रेंट क्रूड कीमतों में आई भारी तेजी ने घरेलू बाजार के सेंटिमेंट को बुरी तरह प्रभावित किया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड के दाम बढ़कर 111 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल जाने से ऊर्जा आयातित अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव की आशंका बढ़ गई है। महंगे कच्चे तेल और मुद्रास्फीति के बढ़ते जोखिमों के कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों के साथ-साथ घरेलू निवेशकों ने भी जोखिम भरे शेयरों से दूरी बनानी शुरू कर दी। इसके साथ ही, ब्रॉडर मार्केट में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई, जिससे निवेशकों की संपत्ति को पिछले कुछ सत्रों में बड़ा झटका लगा है और बाजार में हाहाकार की स्थिति बन गई है।
संस्थागत निवेश प्रवाह के आंकड़ों के अनुसार, पिछले कारोबारी सत्र 22 अक्टूबर 2026 को घरेलू संस्थागत निवेशकों ने बाजार में जोरदार लिवाली करते हुए कुल 16,242.83 करोड़ रुपये की खरीदारी की और 13,351.51 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जिससे उनका शुद्ध प्रवाह 2,891.32 करोड़ रुपये सकारात्मक रहा। इसके विपरीत, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 13,627.54 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और 17,086.24 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जिससे उनका शुद्ध प्रवाह 3,458.70 करोड़ रुपये नकारात्मक दर्ज किया गया। आज 23 अक्टूबर के नए प्रोविजनल आंकड़े शाम को एनएसई द्वारा जारी किए जाएंगे, जिन पर बाजार विश्लेषकों की पैनी नजर बनी हुई है।
विदेशी संस्थागत निवेशकों के प्रवाह और व्यापक बाजार का विश्लेषणात्मक जायजा
भारतीय शेयर बाजार में जारी इस उठापटक के बीच वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक वृहद आर्थिक कारक और भू-राजनीतिक तनाव बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। ऊर्जा की बढ़ती कीमतें और मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव विदेशी निवेशकों के रुख को प्रभावित कर रहे हैं। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) द्वारा लगातार दिखाया जा रहा समर्थन बाजार को किसी बड़ी और गहरी गिरावट से बचाने में मददगार साबित हो रहा है, लेकिन उच्च मूल्यांकन वाले शेयरों में मुनाफावसूली का दौर अभी भी जारी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशकों को मौजूदा बाजार परिदृश्य में चुनिंदा और मजबूत बुनियादी फंडामेंटल वाले शेयरों पर ही फोकस करना चाहिए। छोटी अवधि के उतार-चढ़ाव से बचने के लिए एसआईपी (SIP) के जरिए अनुशासित निवेश की रणनीति अपनाना समझदारी होगी। आगामी सत्रों में कंपनियों के तिमाही वित्तीय नतीजे और वैश्विक केंद्रीय बैंकों के नीतिगत संकेत बाजार की अगली चाल तय करेंगे, इसलिए ट्रेडर्स को सख्त स्टॉप लॉस के साथ अपनी पोजीशन मैनेज करने की सलाह दी जा रही है।
आगामी कारोबारी सत्र के प्रमुख टेक्निकल लेवल्स और सपोर्ट-रेजिस्टेंस रणनीति
आगामी कारोबारी सत्र में बाजार के रुख को समझने और सुरक्षित ट्रेडिंग के लिए निवेशकों को निम्नलिखित तकनीकी और विनियामक रणनीतियों का पालन करना चाहिए:
- चरण 1: सेंसेक्स के लिए आगामी सत्र में 72,800 का स्तर मजबूत तत्काल सपोर्ट और 73,850 का स्तर अहम रेजिस्टेंस होगा
- चरण 2: निफ्टी 50 के लिए 22,500 पर तत्काल सपोर्ट और 22,850 के स्तर पर कड़ा रेजिस्टेंस मानकर ट्रेड करें
- चरण 3: बैंक निफ्टी के लिए 54,100 का सपोर्ट स्तर और 55,350 का रेजिस्टेंस स्तर बेहद महत्वपूर्ण रहेगा
- चरण 4: कमजोर वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव को देखते हुए स्ट्रिक्ट स्टॉप लॉस का उपयोग करें