नई दिल्ली (PaisaKhabar News Desk): सप्ताह के पहले कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिसके चलते प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। बंबई स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 547.65 अंक यानी 0.76% की गिरावट के साथ 71,924.68 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 सूचकांक 157.10 अंक या 0.70% टूटकर 22,363.35 के स्तर पर आ गया। सत्र के दौरान बाजार में चौतरफा दबाव रहा और आईटी तथा बैंकिंग शेयरों में सबसे अधिक बिकवाली दर्ज की गई। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और कच्चे तेल कीमतों में तेजी के कारण निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई, जिससे डे हाई से बाजार में करीब 950 अंकों की तेज गिरावट आई और निवेशकों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा।
📌 मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- सेंसेक्स 547.65 अंक गिरकर 71,924.68 पर और निफ्टी 157.10 अंक टूटकर 22,363.35 पर बंद हुआ।
- बैंक निफ्टी सूचकांक 338.65 अंक यानी 0.61% की कमजोरी के साथ 54,918.00 के स्तर पर बंद हुआ।
- सत्र के दौरान सेंसेक्स ने 72,884.25 का उच्च और 71,676.10 का निचला स्तर छुआ था।
- निफ्टी 50 के लिए आगामी सत्र में महत्वपूर्ण समर्थन स्तर 22,350 और प्रतिरोध 22,750 पर है।
सप्ताह के पहले दिन बाजार में भारी बिकवाली और प्रमुख सूचकांकों का हाल
भारतीय शेयर बाजार के लिए हफ्ते का पहला कारोबारी दिन बेहद निराशाजनक रहा और प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स भारी गिरावट के साथ बंद हुए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स पिछले सत्र के 72,472.33 के बंद स्तर से 547.65 अंक लुढ़ककर 71,924.68 के स्तर पर सिमट गया। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी 22,520.45 के पिछले बंद से 157.10 अंक की कमजोरी दर्शाते हुए 22,363.35 के स्तर पर बंद हुआ। बैंकिंग सेक्टर का प्रमुख इंडेक्स बैंक निफ्टी भी 338.65 अंक या 0.61 प्रतिशत की गिरावट के साथ 54,918.00 के स्तर पर बंद हुआ, जिससे निवेशकों में चिंता का माहौल बन गया।
कारोबारी सत्र के दौरान बाजार में अत्यधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिला और बिकवाली के भारी दबाव के कारण सेंसेक्स अपने दिन के उच्चतम स्तर 72,884.25 से करीब 950 अंक नीचे फिसलकर 71,676.10 के निचले स्तर तक चला गया था। निफ्टी 50 ने भी 22,593.20 पर खुलने के बाद 22,651.10 का ऊपरी और 22,304.45 का निचला स्तर छुआ। विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक बाजारों में सुस्ती और क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों ने घरेलू बाजार की धारणा को बुरी तरह प्रभावित किया, जिसके चलते चुनिंदा हेवीवेट शेयरों में बिकवाली हावी रही और बाजार लाल निशान में बंद हुआ।
आईटी और बैंकिंग सेक्टर में बिकवाली से बाजार पर बना दबाव
सोमवार के कारोबारी सत्र में बाजार के प्रमुख सेक्टर्स जैसे आईटी, बैंकिंग और एफएमसीजी में सबसे अधिक बिकवाली का सामना करना पड़ा। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की तरफ से लगातार बिकवाली और वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता के माहौल ने बाजार की चाल को धीमा कर दिया है। जानकारों का कहना है कि छोटी बिकवाली के बावजूद बाजार में तेज गिरावट देखने को मिल रही है, क्योंकि उच्च स्तर पर मुनाफावसूली हावी हो जाती है। निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है क्योंकि वैश्विक आर्थिक आंकड़ों और आय के मोर्चे पर आने वाली खबरों से बाजार में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
संस्थागत निवेशक (FII और DII) का कैश मार्केट डेटा (12 अक्टूबर 2026)
12 अक्टूबर 2026 के कारोबारी सत्र में घरेलू और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs और DIIs) के रुख में स्पष्ट भिन्नता देखने को मिली। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने प्रमुख आईटी और बैंकिंग काउंटरों में मुनाफावसूली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भारी लिवाली कर बाजार को निचले स्तरों पर मजबूत सहारा दिया।
संस्थागत प्रवाह विश्लेषण: आधिकारिक कैश मार्केट आंकड़ों के अनुसार, विदेशी निवेशकों (FIIs) ने 12 अक्टूबर को ₹1,708.48 करोड़ की शुद्ध बिकवाली की। इसके विपरीत, घरेलू म्यूचुअल फंड और डीआईआई (DIIs) ने ₹3,045.02 करोड़ का मजबूत शुद्ध निवेश कर विदेशी बिकवाली के दबाव को पूरी तरह संभाल लिया और कुल संस्थागत नेट प्रवाह ₹1,336.54 करोड़ पॉजिटिव रहा।
प्रमुख सूचकांकों के पिछले बंद और वर्तमान तकनीकी लेवल्स की सीधी तुलना
नीचे दी गई तालिका में सेंसेक्स, निफ्टी और बैंक निफ्टी के पिछले सत्र के क्लोजिंग स्तर, ताज़ा बदलाव और आगामी सत्र के तकनीकी लेवल्स का सटीक विवरण दिया गया है।
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि बाजार फिलहाल दबाव में ट्रेड कर रहा है और निवेशकों को किसी भी नई पोजीशन को बनाते समय निर्धारित सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल्स का सख्ती से पालन करना चाहिए।
आगामी कारोबारी सत्र के लिए प्रमुख तकनीकी लेवल्स और रणनीति
आगामी सत्र में बाजार के उतार-चढ़ाव से निपटने और जोखिम प्रबंधन के लिए निवेशकों को निम्नलिखित रणनीतिक कदमों का पालन करना चाहिए ताकि पोर्टफोलियो सुरक्षित रह सके:
- चरण 1: 1. निफ्टी 50 के लिए तत्काल समर्थन स्तर 22,350 पर नजर रखें और इस स्तर के टूटने पर अतिरिक्त सावधानी बरतें।
- चरण 2: 2. सेंसेक्स के लिए आगामी सत्र में 71,800 का स्तर मजबूत सपोर्ट के रूप में कार्य कर सकता है।
- चरण 3: 3. बैंकिंग शेयरों में ट्रेड करते समय बैंक निफ्टी के 54,800 के समर्थन और 55,600 के रेजिस्टेंस लेवल्स का ध्यान रखें।
- चरण 4: 4. बाजार की अनिश्चितता को देखते हुए स्टॉपलॉस का कड़ाई से पालन करें और केवल मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों में ही निवेश करें।