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बैंक-लोन • PaisaKhabar Desk • 29 अक्टूबर 2026 | 08:00 AM IST

Bank Account Death Claim: परिवार में किसी की मृत्यु के बाद बैंक खाते व FD का पैसा कैसे निकालें? नॉमिनी व वारिस नियम

Bank Account Death Claim: परिवार में किसी की मृत्यु के बाद बैंक खाते व FD का पैसा कैसे निकालें? नॉमिनी व वारिस नियम

📌 त्वरित सार (Executive Brief)

  • परिवार के किसी सदस्य के आकस्मिक निधन के बाद भावनात्मक दुख के साथ-साथ उनके बैंक खातों, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और लॉकर में जमा पूंजी को प्राप्त करना एक कठिन प्रक्रिया लग सकती है।
  • RBI का सख्त दिशानिर्देश: यदि खाते में नॉमिनी (Nominee) दर्ज है, तो बैंक बिना किसी उत्तराधिकार प्रमाण पत्र (Succession Certificate) के 15 दिनों के भीतर क्लेम का निपटारा करने के लिए बाध्य हैं।

केस 1: जब खाते में नॉमिनी दर्ज हो (With Nominee)

यह सबसे सरल प्रक्रिया है। नॉमिनी केवल ट्रस्टी होता है जिसे बैंक पूरी राशि सौंप देता है:

  • आवश्यक दस्तावेज: खाताधारक का मूल मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate), नॉमिनी का आधार व पैन कार्ड, और मृतक की बैंक पासबुक या चेकबुक।
  • बैंक ब्रांच में Deceased Claim Form (Annexure-A) भरें।
  • बैंक दस्तावेजों की जांच कर 7 से 15 दिनों में चेक या एनईएफटी के माध्यम से नॉमिनी के बैंक खाते में पूरी राशि ट्रांसफर कर देता है।

केस 2: जब खाते में कोई नॉमिनी दर्ज न हो (Without Nominee)

यदि मृतक ने नॉमिनी नहीं बनाया था, तो आरबीआई ने ₹5 लाख तक के दावों के लिए प्रक्रिया आसान की है:

  • कानूनी वारिस प्रमाण पत्र (Legal Heir Certificate): तहसील या नगर निगम द्वारा जारी कानूनी वारिस प्रमाण पत्र।
  • इंडेम्निटी बॉन्ड (Indemnity Bond) व हलफनामा: सभी कानूनी वारिस यह सहमति देते हैं कि यह राशि परिवार के किसी एक सदस्य को दे दी जाए।
  • यदि राशि ₹5 लाख से अधिक है और परिवार में विवाद है, तभी बैंक अदालत से उत्तराधिकार प्रमाण पत्र (Succession Certificate) मांगता है।
⚠️ एफडी प्री-क्लोजर पर पेनल्टी शून्य: आरबीआई के सर्कुलर के अनुसार, यदि खाताधारक की मृत्यु के कारण समय से पहले एफडी तोड़ी जाती है, तो बैंक परिजनों से कोई प्री-मैच्योर पेनल्टी नहीं काट सकता और जितने समय एफडी चली है, उस अवधि का पूरा ब्याज परिजनों को मिलेगा।
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यह विश्लेषण PaisaKhabar Financial Research Desk द्वारा आधिकारिक सरकारी अधिसूचनाओं, RBI/SEBI/IRDAI दिशानिर्देशों और बाजार के प्रमाणित आंकड़ों के आधार पर तैयार किया गया है। यह लेख केवल वित्तीय जागरूकता और शैक्षिक जानकारी के लिए है; किसी भी निवेश या बीमा निर्णय से पूर्व अपने SEBI-पंजीकृत वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।

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