नई दिल्ली (PaisaKhabar News Desk): केंद्र सरकार नेशनल पेंशन सिस्टम यानी NPS के तहत आने वाले कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए ओल्ड पेंशन स्कीम यानी OPS में शिफ्टिंग को लेकर संशोधित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के तहत स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सेवा के दौरान असामयिक मृत्यु या गंभीर दिव्यांगता (Disability) की स्थिति में कर्मचारियों के आश्रितों को CCS पेंशन रूल्स 2021 के तहत पारिवारिक पेंशन का वैधानिक विकल्प प्रदान किया गया है। इसके अलावा 22 दिसंबर 2003 से पहले विज्ञापित पदों पर 1 जनवरी 2004 के बाद नियुक्त कर्मियों को एकमुश्त विकल्प के जरिए OPS में ट्रांसफर की व्यवस्था दी गई है।
📌 मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- CCS पेंशन रूल्स 2021 के तहत ऑन-ड्यूटी मृत्यु या दिव्यांगता परिवार को 50% अंतिम वेतन की OPS पेंशन गारंटी
- 22 दिसंबर 2003 से पूर्व विज्ञापित सरकारी भर्ती वाले कर्मियों को NPS से OPS स्विच का एकमुश्त वैधानिक अधिकार
- NPS से OPS में शिफ्टिंग पर सरकारी अंशदान और उस पर अर्जित ब्याज सीधे सरकारी कंसोलिडेटेड फंड में होगा जमा
- कर्मचारी का व्यक्तिगत 10% अंशदान और उस पर मिला रिटर्न नए जनरल प्रोविडेंट फंड यानी GPF खाते में ट्रांसफर
मृत्यु और दिव्यांगता मामलों में OPS लाभ हेतु संशोधित SOP के स्पष्ट नियम
पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग यानी DoP&PW द्वारा जारी ताज़ा दिशा-निर्देशों के मुताबिक NPS कवर वाले केंद्रीय कर्मचारियों की सेवाकाल में मृत्यु या मेडिकल इनवैलिडेशन की स्थिति में OPS के तहत पारिवारिक पेंशन का दावा किया जा सकता है। सेंट्रल सिविल सर्विसेज पेंशन रूल्स 2021 के नियम 10 के तहत प्रत्येक कर्मचारी को सेवा में शामिल होते समय फॉर्म 1 और फॉर्म 2 भरकर अपने पेंशन विकल्प और पारिवारिक ब्योरे की विधिवत घोषणा करनी होती है। यदि किसी कर्मचारी ने पहले से यह विकल्प दर्ज नहीं किया था, तब भी मृत्यु की दशा में उसके कानूनी वारिस को OPS के तहत निर्धारित पेंशन चुनने का अधिकार दिया गया है।
संशोधित SOP के तहत यदि आश्रित परिवार OPS पेंशन का चयन करता है, तो पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी PFRDA के पास जमा संपूर्ण सरकारी अंशदान सरकारी राजस्व खाते में वापस ट्रांसफर कर दिया जाता है। मृतक कर्मचारी को मिलने वाला अंतिम मूल वेतन (Last Drawn Basic Pay) का 50% हिस्सा पारिवारिक पेंशन के रूप में और लागू महंगाई राहत यानी DR की दर से नियमित भुगतान किया जाता है। इसके साथ ही ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 25% वृद्धि के साथ ₹25 लाख तक मान्य होती है, जिससे प्रभावित परिवार को तुरंत व्यापक सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक संबल प्राप्त होता है।
वर्ष 2003 की भर्ती अधिसूचना और GPF खाता समायोजन का वैधानिक ढांचा
कार्मिक मंत्रालय के 3 मार्च 2023 के ऐतिहासिक कार्यालय ज्ञापन के तहत उन सभी कर्मचारियों को NPS से OPS में शिफ्ट होने की पात्रता दी गई थी, जिनकी भर्ती प्रक्रिया का विज्ञापन 22 दिसंबर 2003 से पहले जारी हुआ था। भले ही इन कर्मचारियों की औपचारिक जॉइनिंग 1 जनवरी 2004 या उसके बाद हुई हो, वे केंद्रीय सिविल सेवा पेंशन नियम 1972 (अब नियम 2021) के दायरे में आने के पात्र माने गए हैं। यह नीतिगत फैसला विभिन्न प्रशासनिक ट्रिब्यूनल और उच्च न्यायालयों के फैसलों के आधार पर लागू किया गया, जिससे हज़ारों सेवारत अधिकारियों व कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का सुनिश्चित लाभ मिला।
NPS से OPS में शिफ्टिंग की वित्तीय प्रक्रिया के अंतर्गत कर्मचारी के प्रान (PRAN) खाते में जमा 10% मूल वेतन और डीए के कर्मचारी अंशदान को नए GPF खाते में जमा किया जाता है। इस जमा राशि पर सामान्य भविष्य निधि यानी GPF की वर्तमान 7.1% की अधिसूचित ब्याज दर के अनुसार ब्याज गणना की जाती है। वहीं नियोक्ता का 14% सरकारी अंशदान और उसका संचित कॉर्पस सरकारी खाते में समायोजित हो जाता है। इसके पश्चात कर्मचारी का NPS खाता स्थायी रूप से बंद कर दिया जाता है और उसकी आगामी भविष्य निधि कटौती GPF नियमों के तहत 6% न्यूनतम दर पर शुरू होती है।
पेंशन संवितरण और प्रशासनिक अनुपालन पर विनियामक व जेब पर सीधा असर
NPS से OPS में शिफ्टिंग की यह प्रशासनिक व्यवस्था पेंशनरों और कर्मचारियों को बाजार के जोखिमों से पूरी तरह सुरक्षित करती है। NPS में जहां पेंशन फंड की एन्युइटी खरीद और मार्केट रिटर्न पर पेंशन राशि निर्भर करती है, वहीं OPS में सेवाकाल के न्यूनतम 10 वर्ष पूरे होने पर अंतिम आहरित वेतन के 50% की गारंटीकृत पेंशन मिलती है। इसके अलावा वर्ष में दो बार केंद्र सरकार द्वारा घोषित महंगाई राहत (DR) का स्वतः संशोधन भी पेंशन में जुड़ता है, जिससे जीवन यापन की लागत बढ़ने पर भी सेवानिवृत्त कर्मचारी की क्रय शक्ति और वित्तीय स्थिति सुरक्षित रहती है।
प्रशासनिक स्तर पर इस शिफ्टिंग से आहरण एवं संवितरण अधिकारी यानी DDO और मुख्य लेखा नियंत्रक (CCA) की वैधानिक जवाबदेही काफी बढ़ गई है। सभी संबंधित विभागों को यह सुनिश्चित करना अनिवार्य किया गया है कि सेवा पुस्तिका में दर्ज विकल्पों और PRAN डी-रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी हो। यदि कोई कर्मचारी निर्धारित तिथि तक विकल्प प्रस्तुत करने में विफल रहता है, तो उसे स्वतः डिफ़ॉल्ट रूप से NPS के दायरे में माना जाता है। अतः वित्तीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से कर्मचारियों के लिए समय पर दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत करना अनिवार्य कर दिया गया है।
NPS से OPS शिफ्टिंग के लिए आधिकारिक आवेदन और क्लेम निपटान प्रक्रिया
संशोधित SOP और सेवा नियमों के तहत पात्र सेवारत कर्मचारी या दिवंगत कर्मी के आश्रितों को अपने मूल प्रशासनिक विभाग के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से आवेदन पूरा करना होता है।
- पहला चरण: कर्मचारी या आश्रित द्वारा CCS पेंशन रूल्स 2021 के तहत फॉर्म 1 और फॉर्म 2 में विधिवत पेंशन विकल्प भरकर DDO कार्यालय में जमा करना
- दूसरा चरण: भर्ती विज्ञापन की 22 दिसंबर 2003 से पूर्व की मूल तिथि और नियुक्ति पत्र के वैधानिक दस्तावेजों का प्रशासनिक सत्यापन कराना
- तीसरा चरण: संबंधित नोडल अधिकारी द्वारा PFRDA और NSDL पोर्टल पर PRAN क्लोजर व कॉर्पस ट्रांसफर हेतु आधिकारिक्विजिशन सबमिट करना
- चौथा चरण: सरकारी 14% अंशदान की सरकारी खाते में वापसी के बाद कर्मचारी का GPF खाता खोलकर सेवा पुस्तिका में 50% OPS पेंशन का स्थायी अंकन