LIVE BAZAAR: NIFTY 50: 23,960.60 (+149.75) SENSEX: 77,301.40 (+383.55) GOLD (24K): ₹1,42,490 (+₹3,760) USD/INR: ₹94.64
₹
PAISAKHABAR.in
📸 👍
🔥 होम 🧮 स्मार्ट कैलकुलेटर 📈 आज का बाजार 🏛️ सरकारी योजना 📋 वैकेंसी 💰 बचत-SIP 🏦 बैंक-लोन 🛡️ फ्रॉड अलर्ट 💼 बिजनेस 🌐 सभी
← होमपेज पर वापस जाएं
News • PaisaKhabar Desk • 4 नवंबर 2026 | 04:06 PM IST

NPS Scheme Naming Rules: PFRDA ने बदले नियम, जानिए सब्सक्राइबर्स पर क्या असर होगा

NPS Scheme Naming Rules: PFRDA ने बदले नियम, जानिए सब्सक्राइबर्स पर क्या असर होगा

नई दिल्ली (PaisaKhabar News Desk): पेंशन फंड नियामक PFRDA ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के तहत मल्टीपल स्कीम फ्रेमवर्क (MSF) के नामकरण नियमों और प्वाइंट्स ऑफ प्रेजेंस (PoP) द्वारा स्कीमों के प्रदर्शन से जुड़े दिशानिर्देशों में बड़े बदलाव का ऐलान किया है। यह नया ढांचा 1 दिसंबर 2026 से प्रभावी होने जा रहा है। पेंशन रेगुलेटर का मुख्य उद्देश्य पेंशन फंड प्रबंधकों द्वारा दी जाने वाली विभिन्न स्कीमों के नामों को सरल, स्पष्ट और पारदर्शी बनाना है ताकि आम सब्सक्राइबर्स आसानी से अपने निवेश विकल्पों का चयन कर सकें। नए नियमों के लागू होने से गलतफहमियां दूर होंगी और निवेशकों को अपनी जोखिम क्षमता के अनुसार निर्णय लेने में आसानी होगी।

📌 मुख्य बिंदु (Key Highlights):

  • 1 दिसंबर 2026 से लागू होंगे PFRDA के NPS स्कीम नामकरण और डिस्प्ले के नए सख्त नियम।
  • मल्टीपल स्कीम फ्रेमवर्क (MSF) के तहत स्कीमों का नामकरण अब अत्यधिक पारदर्शी और मानकीकृत होगा।
  • Points of Presence (PoP) को अपनी वेबसाइट और ऐप्स पर पेंशन स्कीमों को स्पष्ट रूप से दिखाना होगा।
  • सब्सक्राइबर्स को मिलेगी विभिन्न पेंशन फंड्स की तुलना करने में आसानी और पारदर्शिता।

PFRDA NPS Scheme Naming Rules: जानिए 1 दिसंबर से क्या बदलेगा

पेंशन फंड नियामक PFRDA द्वारा जारी ताजा दिशानिर्देशों के अनुसार, 1 दिसंबर 2026 से नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) की विभिन्न स्कीमों के नामकरण का ढांचा पूरी तरह बदल जाएगा। वर्तमान व्यवस्था में कई पेंशन फंड मैनेजर अपनी स्कीमों के नाम ऐसे रखते थे, जिनसे आम निवेशकों को उनकी मूल परिसंपत्ति श्रेणी का पता लगाने में भ्रम होता था। नए नियमों के तहत मल्टीपल स्कीम फ्रेमवर्क (MSF) के अंतर्गत सभी स्कीमों के लिए मानकीकृत नामकरण अनिवार्य कर दिया गया है।

इस बदलाव से पेंशन सब्सक्राइबर्स को यह तुरंत स्पष्ट हो जाएगा कि संबंधित स्कीम का एसेट एलोकेशन क्या है और उसमें कितना जोखिम शामिल है। नियामक ने स्पष्ट किया है कि प्वाइंट्स ऑफ प्रेजेंस (PoP), जैसे बैंक और डिजिटल फिनटेक प्लेटफॉर्म, को अपने यूजर इंटरफेस पर स्कीमों का नाम और उनके ऐतिहासिक रिटर्न का ब्योरा एक समान प्रारूप में प्रदर्शित करना होगा। इससे सब्सक्राइबर्स के लिए गलत स्कीम चुनने की गुंजाइश खत्म होगी।

PFRDA Act 2013 और पेंशन फंड गाइडलाइंस का वैधानिक ढांचा

PFRDA Act 2013 की धारा 14 के तहत मिले अधिकारों का प्रयोग करते हुए नियामक ने पेंशन फंड्स और डिस्ट्रीब्यूशन मध्यस्थों के लिए यह नया परिपत्र जारी किया है। वर्तमान में NPS के तहत 10 प्रमुख पेंशन फंड मैनेजर्स काम कर रहे हैं, जो Tier-I और Tier-II खातों के माध्यम से करोड़ों निवेशकों की पेंशन निधि का प्रबंधन करते हैं। पूर्व के फ्रेमवर्क में एसेट क्लास E (इक्विटी), C (कॉर्पोरेट बॉन्ड), G (सरकारी प्रतिभूतियां) और F (अल्टरनेटिव एसेट्स) के नामकरण में भिन्नता देखी जाती थी।

नए एमएसएफ दिशानिर्देशों के तहत पेंशन फंड कंपनियों को अपनी प्रत्येक योजना के नाम में एसेट आवंटन और रिस्क प्रोफाइल को प्रमुखता से शामिल करना होगा। यदि कोई स्कीम 75% तक इक्विटी में निवेश करती है, तो उसके नाम में जोखिम का दायरा स्पष्ट झलकना अनिवार्य है। इस सुधार से वित्तीय पारदर्शिता बढ़ेगी और सेवानिवृत्ति निधि प्रबंधन के वैश्विक मानकों के अनुरूप भारतीय पेंशन प्रणाली को मजबूती मिलेगी।

सब्सक्राइबर्स के पोर्टफोलियो और विकल्प चयन पर सीधा असर

इस नियम परिवर्तन का मौजूदा सब्सक्राइबर्स के फंड कॉर्पस या जमा राशि पर कोई प्रतिकूल सीधा असर नहीं पड़ेगा। उनके द्वारा पूर्व में किया गया निवेश और यूनिट आवंटन पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। 1 दिसंबर 2026 के बाद जब सब्सक्राइबर्स अपने NPS पोर्टल या मोबाइल ऐप में लॉगिन करेंगे, तो उन्हें केवल अपनी स्कीमों के नाम में आंशिक संशोधन दिखाई देगा। यह नामकरण उनके निवेश पैटर्न को अधिक स्पष्टता से दर्शाएगा।

नए निवेशकों के लिए यह व्यवस्था बेहद लाभदायक साबित होगी, क्योंकि वे अब विभिन्न पेंशन फंडों द्वारा दी जा रही MSF स्कीमों की तुलना आसानी से कर सकेंगे। पारदर्शी नामकरण और डिजिटल डिस्प्ले से PoP डिस्ट्रीब्यूटर्स द्वारा गलत बिक्री (mis-selling) की संभावना पर पूरी तरह रोक लगेगी। इसके अतिरिक्त, चार्ज स्ट्रक्चर और सर्विस शुल्क भी अधिक स्पष्ट रूप से दिखाई देंगे, जिससे सब्सक्राइबर्स को सूचित निर्णय लेने में मदद मिलेगी।

NPS पोर्टल पर स्कीम बदलने और सही चुनाव की ऑनलाइन प्रक्रिया

सब्सक्राइबर्स PFRDA के नए नियमों के तहत अपनी पसंदीदा स्कीम या पेंशन फंड मैनेजर का चुनाव आसानी से कर सकते हैं। इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल का उपयोग करने हेतु आधिकारिक प्रक्रिया इस प्रकार है:

  • Point 1: cra-nsdl.com या npscra.kfintech.com पोर्टल पर जाकर अपने 12-अंकीय PRAN और पासवर्ड से लॉगिन करें।
  • Point 2: 'Scheme Details' मेनू में जाकर 'Change Scheme/Pension Fund Manager' विकल्प पर क्लिक करें।
  • Point 3: संशोधित 1 दिसंबर 2026 नियमों के अनुसार मानकीकृत नाम वाली नई MSF स्कीम और एसेट एलोकेशन (E, C, G) चुनें।
  • Point 4: ओटीपी (OTP) सत्यापन के माध्यम से अपना सबमिशन पूरा करें और पावती रसीद डाउनलोड करें।
🧮 PAISAKHABAR मुफ़्त फाइनेंशियल टूल्स

अपने पैसे, टैक्स और क्लेम की 5 सेकंड में लाइव गणना करें

सभी कैलकुलेटर देखें ➔
📋 संपादकीय सत्यापन एवं वित्तीय अस्वीकरण (Editorial Verification & Disclaimer):

यह विश्लेषण PaisaKhabar Financial Research Desk द्वारा आधिकारिक सरकारी अधिसूचनाओं, RBI/SEBI/IRDAI दिशानिर्देशों और बाजार के प्रमाणित आंकड़ों के आधार पर तैयार किया गया है। यह लेख केवल वित्तीय जागरूकता और शैक्षिक जानकारी के लिए है; किसी भी निवेश या बीमा निर्णय से पूर्व अपने SEBI-पंजीकृत वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।

PaisaKhabar — निष्पक्ष और सटीक वित्तीय विश्लेषण

हर खबर सीधे भारतीय शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड और अर्थव्यवस्था से।

सभी खबरें देखें ➔