नई दिल्ली (PaisaKhabar News Desk): भारतीय शेयर बाजार में पिछले कारोबारी सत्र 13 अक्टूबर 2026 को ऐतिहासिक तेजी दर्ज की गई, जिसमें बीएसई सेंसेक्स 1,109.10 अंकों यानी 1.54% की छलांग के साथ 73,033.78 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 ने 358.60 अंकों की जोरदार तेजी दिखाते हुए 1.60% की बढ़त के साथ 22,721.95 पर क्लोजिंग दी। बैंक निफ्टी भी 563.05 अंकों यानी 1.03% की मजबूती के साथ 55,481.05 के स्तर पर बंद हुआ। आज 14 अक्टूबर 2026 के प्री-मार्केट सेशन में ग्लोबल संकेतों, आईटी शेयरों में आई खरीदारी और घरेलू संस्थागत निवेशकों के मजबूत समर्थन के बीच निवेशकों की नजर निफ्टी के 22,500 के सपोर्ट और 22,950 के रेजिस्टेंस स्तर पर टिकी है।
📌 मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- सेंसेक्स 13 अक्टूबर 2026 को 1,109.10 अंक यानी 1.54% उछलकर 73,033.78 पर बंद हुआ
- निफ्टी 50 इंडेक्स 358.60 अंक यानी 1.60% मजबूत होकर 22,721.95 के स्तर पर पहुंचा
- घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने ₹2,439.24 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की
- निफ्टी के लिए आज का प्रमुख सपोर्ट स्तर 22,500 और रेजिस्टेंस 22,950 पर है
शेयर बाजार में रिकॉर्ड तेजी और प्रमुख सूचकांकों का हाल
भारतीय शेयर बाजार में पिछले कारोबारी सत्र के दौरान चौतरफा खरीदारी देखने को मिली, जिससे बेंचमार्क इंडेक्स ने पिछले चार महीनों की सबसे बड़ी तेजी दर्ज की। बीएसई सेंसेक्स पिछले सत्र में 71,924.68 के पिछले बंद स्तर से छलांग लगाते हुए 73,033.78 पर बंद हुआ, जिसके दौरान इंडेक्स ने 73,045.67 का उच्च स्तर भी छुआ। बाजार में इस शानदार उछाल की मुख्य वजह आईटी शेयरों में जोरदार लिवाली और ग्लोबल मार्केट्स से मिले सकारात्मक संकेत रहे। विश्लेषकों के अनुसार, एचसीएलटेक (HCLTech) और अन्य प्रमुख टेक्नोलॉजी शेयरों के मजबूत प्रदर्शन ने बाजार को एक नई ऊंचाई प्रदान की, जिससे निवेशकों की धारणा बेहद मजबूत बनी हुई है।
एनएसई निफ्टी 50 ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 22,363.35 के पिछले बंद स्तर के मुकाबले 22,721.95 पर कारोबार समाप्त किया। दिन के कारोबार के दौरान निफ्टी ने 22,288.45 के निचले स्तर से उबरते हुए 22,721.95 का ऊपरी स्तर छुआ। इस बीच, एनएसई बैंक निफ्टी इंडेक्स ने भी 54,918.00 के पिछले बंद से शुरुआत करते हुए 55,481.05 के स्तर पर अपनी क्लोजिंग दी। बैंकिंग शेयरों में आई इस स्थिरता और खरीदारी ने बाजार की इस तेजी को व्यापक आधार प्रदान किया, जिससे आज के आगामी कारोबारी सत्र में भी सकारात्मक रुख की उम्मीद की जा रही है।
संस्थागत निवेशकों का कैश मार्केट डेटा और FII-DII प्रवाह
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII / FPI) और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) के पिछले कारोबारी सत्र के कैश मार्केट डेटा के अनुसार, बाजार में संस्थागतिविधियों का संतुलन दिलचस्प रहा। FII ने कुल ₹13,465.39 करोड़ की खरीद के मुकाबले ₹14,770.52 करोड़ की बिकवाली की, जिससे उनका शुद्ध प्रवाह (Net Flow) -1,305.13 करोड़ रुपये यानी शुद्ध बिकوال (Net Seller) के रूप में दर्ज किया गया। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने भारतीय बाजारों में गहरी आस्था दिखाते हुए कुल ₹16,232.97 करोड़ की खरीदारी की और ₹13,793.73 करोड़ की बिकवाली की, जिससे उनका शुद्ध प्रवाह +2,439.24 करोड़ रुपये रहा और वे शुद्ध खरीदार (Net Buyer) बने रहे।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बावजूद घरेलू संस्थागत निवेशकों की भारी-भरकम खरीदारी ने बाजार के निचले स्तरों पर मजबूत सपोर्ट प्रदान किया। FII और DII के कुल संयुक्त संस्थागत नेट प्रवाह (Total Net Flow) का आंकड़ा +1,134.11 करोड़ रुपये के नेट पॉजिटिव फ्लो के रूप में दर्ज किया गया। इस मजबूत संस्थागत समर्थन ने यह साबित कर दिया है कि घरेलू पूंजी बाजार में मंदी की किसी भी आशंका को DII की खरीदारी द्वारा प्रभावी ढंग से अवशोषित किया जा रहा है, जो आज के कारोबारी सत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
ग्लोबल संकेत और सेक्टोरल लीडरशिप का व्यापक विश्लेषण
आज के कारोबारी सत्र के लिए ग्लोबल मोर्चे पर अमेरिकी बाजारों जैसे डॉव जोंस, एसएंडपी 500 और नैस्डैक के साथ-साथ गिफ्ट निफ्टी, कोस्पी और निक्केई के रुझान महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) कीमतों में नरमी आने और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा उठाए गए कदमों ने निवेशकों के भरोसे को और मजबूत किया है। इसके अलावा, वित्तीय और आईटी सेक्टर के शेयरों में आई तेजी ने बाजार को मंदी के दौर से निकालकर एक नए उच्च प्रवृत्ति की ओर अग्रसर किया है। विश्लेषकों का मानना है कि जब तक ग्लोबल मैक्रोइकॉनॉमिक आंकड़े स्थिर बने हुए हैं, तब तक भारतीय बाजार अपनी रिकवरी की रफ्तार को बनाए रखने में सक्षम रहेंगे।
बाजार के जानकारों का यह भी कहना है कि निवेशकों को मौजूदा उच्च स्तरों पर मुनाफावसूली के साथ-साथ चुनिंदा शेयरों में निवेश की रणनीति अपनानी चाहिए। पिछले सत्र में तकनीकी शेयरों की अगुवाई में बाजार ने जो छलांग लगाई है, उसने संकेत दिया है कि बड़े इंस्टीट्यूशनल प्लेयर्स अब वैल्यू बाइंग पर फोकस कर रहे हैं। हालांकि, एक्सपायरी से पहले बाजार में वोलैटिलिटी ( उतार-चढ़ाव) बने रहने की पूरी संभावना है, जिसके चलते ट्रेडर्स को सख्त स्टॉपलॉस के साथ अपने पोजीशन को मैनेज करने की सलाह दी जा रही है ताकिसी भी अचानक आने वाले करेक्शन से बचा जा सके।
आज के कारोबारी सत्र के प्रमुख टेक्निकल लेवल्स और स्ट्रैटेजी
आज 14 अक्टूबर 2026 के कारोबारी सत्र में निफ्टी 50 और बैंक निफ्टी के तकनीकी लेवल्स पर निवेशकों और ट्रेडर्स की पैनी नजर रहेगी। पिछले सत्र की मजबूत क्लोजिंग के बाद निफ्टी के लिए आज तत्काल सपोर्ट (Immediate Support) लगभग 22,500 के स्तर पर और तत्काल रेजिस्टेंस (Immediate Resistance) लगभग 22,950 के स्तर पर देखा जा रहा है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 55,100 के आसपास और रेजिस्टेंस 55,900 के स्तर पर बना हुआ है। सेंसेक्स के लिए आज का प्रमुख सपोर्ट स्तर लगभग 72,350 और रेजिस्टेंस स्तर 73,700 पर आंका गया है, जिसके आधार पर ट्रेडर्स अपनी इंट्राडे रणनीतियां तय कर सकते हैं।
- Point 1: Nifty 50 के लिए 22,500 के महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर पर कड़ी नजर रखें और गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनाएं।
- Point 2: Bank Nifty में 55,100 के सपोर्ट स्तर का बचाव होने पर लॉन्ग पोजीशन में बने रहने का विचार करें।
- Point 3: Sensex के लिए 73,700 के रेजिस्टेंस जोन के आसपास अपने मुनाफे को समय पर बुक करने की तैयारी रखें।
- Point 4: एक्सपायरी से पहले किसी भी बड़े उतार-चढ़ाव से बचने के लिए अपने ट्रेड में स्ट्रिक्ट स्टॉपलॉस का अनिवार्य रूप से पालन करें।