LIVE BAZAAR: NIFTY 50: 24,536.60 (+576.00) SENSEX: 79,310.01 (+2008.61) GOLD (24K): ₹1,44,840 (+₹1,410) USD/INR: ₹94.47
₹
PAISAKHABAR.in
📸 👍
🔥 होम 🧮 स्मार्ट कैलकुलेटर 📈 आज का बाजार 🏛️ सरकारी योजना 📋 वैकेंसी 💰 बचत-SIP 🏦 बैंक-लोन 🛡️ फ्रॉड अलर्ट 💼 बिजनेस 🌐 सभी
← होमपेज पर वापस जाएं
आज का बाजार • PaisaKhabar Desk • 5 नवंबर 2026 | 08:28 PM IST

भारतीय शेयर बाजार के बुरे दिन खत्म? दिग्गज फंड मैनेजर समीर अरोड़ा ने बताईं 3 बड़ी वजहें, जानें कहां बनेगा पैसा

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की रिकॉर्ड बिकवाली और हालिया गिरावट के बाद क्या भारतीय शेयर बाजार में बड़ा रिवर्सल आने वाला है? हेलियोस कैपिटल के समीर अरोड़ा ने बाजार के बॉटम आउट होने की 3 ठोस वजहें बताई हैं। जानिए पूरा विश्लेषण।

भारतीय शेयर बाजार के बुरे दिन खत्म? दिग्गज फंड मैनेजर समीर अरोड़ा ने बताईं 3 बड़ी वजहें, जानें कहां बनेगा पैसा

नई दिल्ली (PaisaKhabar News Desk): भारतीय शेयर बाजार में 5 नवंबर 2026 को ऐतिहासिक उछाल देखने को मिली, जहां बीएसई सेंसेक्स 2,008.61 अंक की बढ़त के साथ 79,310.01 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 50 में 576 अंकों का उछाल दर्ज किया गया और यह 24,536.60 के स्तर पर पहुंच गया। इस तेजी के पीछे विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की जबरदस्त सक्रियता रही, जिन्होंने पिछले चार सत्रों में 20,834 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया है। दिग्गज फंड मैनेजर समीर अरोड़ा ने इसे बाजार का पुनरुद्धार बताते हुए कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ और आर्थिक स्थिरता को इसकी आधारशिला करार दिया है, जिससे निवेशकों का भरोसा फिर से बहाल हो रहा है।

📌 मुख्य बिंदु (Key Highlights):

  • सेंसेक्स में 2,008.61 अंक (+2.60%) और निफ्टी में 576 अंक (+2.40%) की जोरदार तेजी रही
  • विदेशी निवेशकों (FIIs) ने 5 नवंबर को 14,974.68 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की
  • कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ में 14-15% की मजबूती बाजार के लिए मुख्य सकारात्मक उत्प्रेरक है
  • ब्रेंट क्रूड ऑयल कीमतों में 8.7% की गिरावट ने घरेलू बाजार के लिए बेहतर माहौल बनाया है

समीर अरोड़ा ने बताई बाजार की तेजी की 3 वजह

दिग्गज फंड मैनेजर समीर अरोड़ा ने भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए तीन प्रमुख कारणों को रेखांकित किया है, जो बाजार को नई ऊंचाई देने के लिए सक्षम हैं। सबसे पहला और महत्वपूर्ण कारक कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ है, जिसमें अनुमानित 14-15% की वृद्धि देखने को मिल रही है, जो कि बीते दो वर्षों के 9-10% के औसत प्रदर्शन से काफी बेहतर है। दूसरी प्रमुख वजह रुपये में आ रही स्थिरता है, जिसने डॉलर के मुकाबले बाजार की धारणा को मजबूत किया है। तीसरा महत्वपूर्ण पहलू बाजार के मूल्यांकन और टैक्स राहत की संभावनाओं से जुड़ा है, जो दीर्घकालिक निवेशकों के लिए काफी उत्साहजनक साबित हो रहा है।

अरोड़ा के अनुसार, भारतीय बाजार की यह तेजी केवल एक दिन की प्रतिक्रिया नहीं है, बल्कि यह देश के व्यापक आर्थिक बुनियादी ढांचे (Macroeconomic Fundamentals) में सुधार का संकेत है। पिछले 48 घंटों में जिस तरह से संस्थागत निवेशकों ने बाजार में पूंजी का प्रवाह बढ़ाया है, उससे यह स्पष्ट होता है कि वैश्विक निवेशक अब भारतीय इक्विटी पर दांव लगाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। रुपया प्रति डॉलर के स्तर पर स्थिर होने के कारण कंपनियों के मार्जिन पर पड़ने वाला दबाव भी अब काफी हद तक कम हो गया है। इन कारकों का संचयी प्रभाव बाजार के सेंटिमेंट में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए पर्याप्त है।

संस्थागत निवेशक (FII और DII) का कैश मार्केट डेटा (05-Nov-2026)

बाजार के इस बड़े कमबैक के पीछे विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) का आक्रामक रुख रहा है, जिन्होंने 5 नवंबर 2026 को बाजार में कुल 31,797.86 करोड़ रुपये की खरीदारी की। इसके मुकाबले उनकी बिकवाली 16,823.18 करोड़ रुपये रही, जिससे उनका शुद्ध प्रवाह 14,974.68 करोड़ रुपये सकारात्मक रहा। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की ओर से 22,168.28 करोड़ रुपये की खरीदारी और 32,612.82 करोड़ रुपये की बिकवाली देखी गई, जिससे उनका नेट फ्लो -10,444.54 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। दोनों का संयुक्त शुद्ध प्रवाह 4,530.14 करोड़ रुपये सकारात्मक रहा, जो बाजार की रैली को समर्थन देने के लिए पर्याप्त था।

संस्थागत डेटा यह स्पष्ट करता है कि बाजार में विदेशी बिकवाली का दौर अब थम चुका है और खरीदारी की लहर वापस आई है। घरेलू निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली किए जाने के बावजूद विदेशी फंडों का बड़ा प्रवाह इंडेक्स को ऊंचे स्तरों पर बनाए रखने में सफल रहा। 24,536 के निफ्टी स्तर पर पहुंचने के बाद, बाजार का ध्यान अब अगले प्रमुख रेजिस्टेंस लेवल पर है। यह डेटा न केवल बाजार की आज की चाल को परिभाषित करता है, बल्कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा और गति को समझने के लिए एक मुख्य बेंचमार्क के रूप में भी काम कर रहा है।

बाजार के लिए तकनीकी स्तर और आगामी प्रमुख चुनौतियां

भारतीय शेयर बाजार अब एक महत्वपूर्ण तकनीकी मोड़ पर खड़ा है, जहां निफ्टी और सेंसेक्स दोनों ने अपने तत्काल सपोर्ट स्तरों को पीछे छोड़ते हुए ऊपर की ओर रुख किया है। निफ्टी के लिए 24,400 का स्तर तत्काल सपोर्ट के रूप में कार्य कर रहा है, जबकि 24,950 का स्तर ऊपरी रेजिस्टेंस के रूप में चिह्नित किया गया है। सेंसेक्स के लिए 78,900 का सपोर्ट और 80,700 का रेजिस्टेंस महत्वपूर्ण लेवल है। इन स्तरों को ध्यान में रखना निवेशकों के लिए आगामी कारोबारी सत्रों में जोखिम प्रबंधन और निवेश पोर्टफोलियो को संतुलित करने के लिए अत्यंत अनिवार्य हो गया है।

प्रमुख इंडेक्सपिछला क्लोजिंग स्तरताज़ा स्तर व बदलावप्रमुख सपोर्ट और रेजिस्टेंस
BSE Sensex77,301.4079,310.01 (+2,008.61 pts)S: 78,900 / R: 80,700
NSE Nifty 5023,960.6024,536.60 (+576.00 pts)S: 24,400 / R: 24,950
NSE Bank Nifty55,913.6057,773.65 (+1,860.05 pts)S: 57,250 / R: 58,950

वैश्विक परिप्रेक्ष्य में ब्रेंट क्रूड ऑयल का 94.62 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए संतुलित स्थिति बनाए हुए है। अगर तेल कीमतों में और अधिक गिरावट आती है, तो यह बाजार के लिए और भी सकारात्मक हो सकता है। ब्रोकरेज फर्मों और मार्केट एनालिस्ट्स का मानना है कि यदि अर्निंग्स की रफ्तार 14-15% बनी रहती है, तो निफ्टी में आने वाले महीनों में और अधिक रिकवरी की संभावना है। निवेशकों को सलाह है कि वे बाजार की इस तेजी में केवल मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर फोकस करें, क्योंकि बाजार में अस्थिरता कम होने के साथ ही चुनिंदा शेयरों में तेजी की उम्मीद बरकरार है।

आगामी कारोबारी सत्र के लिए तकनीकी कार्ययोजना

आगामी सत्र में बाजार की चाल समझने के लिए निवेशकों को तकनीकी लेवल्स और संस्थागत डेटा के तालमेल पर बारीकी से नजर रखने की आवश्यकता है। एक व्यवस्थित निवेश रणनीति ही अस्थिरता से बचने और मुनाफा सुनिश्चित करने का एकमात्र मार्ग है, जिसके लिए निम्न चार बिंदुओं का पालन करें:

  • चरण 1: निफ्टी के 24,400 के सपोर्ट लेवल पर नजर रखें, इसके टूटने पर सतर्क रहें
  • चरण 2: 24,950 के रेजिस्टेंस लेवल को पार करने पर नई खरीदारी की रणनीति अपनाएं
  • चरण 3: सेंसेक्स के 80,700 के रेजिस्टेंस स्तर तक पहुंचने पर प्रॉफिट बुकिंग पर विचार करें
  • चरण 4: FIIs के दैनिक नेट फ्लो डेटा की निगरानी करें, जो तेजी की दिशा तय करेगा
🧮 PAISAKHABAR मुफ़्त फाइनेंशियल टूल्स

अपने पैसे, टैक्स और क्लेम की 5 सेकंड में लाइव गणना करें

सभी कैलकुलेटर देखें ➔
📋 संपादकीय सत्यापन एवं वित्तीय अस्वीकरण (Editorial Verification & Disclaimer):

यह विश्लेषण PaisaKhabar Financial Research Desk द्वारा आधिकारिक सरकारी अधिसूचनाओं, RBI/SEBI/IRDAI दिशानिर्देशों और बाजार के प्रमाणित आंकड़ों के आधार पर तैयार किया गया है। यह लेख केवल वित्तीय जागरूकता और शैक्षिक जानकारी के लिए है; किसी भी निवेश या बीमा निर्णय से पूर्व अपने SEBI-पंजीकृत वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।

संबंधित खबरें व वित्तीय विश्लेषण

और पढ़ें ➔

PaisaKhabar — निष्पक्ष और सटीक वित्तीय विश्लेषण

हर खबर सीधे भारतीय शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड और अर्थव्यवस्था से।

सभी खबरें देखें ➔