नई दिल्ली (PaisaKhabar News Desk): आयकर विभाग के नियमों के अनुसार 18 वर्ष की आयु पूरी करते ही माइनर पैन कार्ड धारक को अपने दस्तावेज को मेजर पैन कार्ड में बदलना अनिवार्य होता है। नाबालिग अवस्था में जारी किए गए पैन कार्ड पर धारक की तस्वीर और हस्ताक्षर दर्ज नहीं होते हैं, बल्कि अभिभावक के हस्ताक्षर मान्य रहते हैं। बालिग होने के बाद बैंक खाता संचालन, डीमैट ट्रेडिंग और वित्तीय लेनदेन में कानूनी वैधता बनाए रखने के लिए पैन कार्ड को नए फोटो और हस्ताक्षर के साथ अपडेट कराना जरूरी है। करदाता NSDL (Protean) या UTIITSL पोर्टल के जरिए आवश्यक शुल्क देकर यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
📌 मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- 18 वर्ष की उम्र पूरी होते ही माइनर पैन को मेजर स्टेटस में अपडेट करना विधिक रूप से अनिवार्य
- नाबालिग पैन कार्ड पर धारक की फोटो की जगह सिर्फ माइनर लिखा होता है और हस्ताक्षर अभिभावक के होते हैं
- NSDL या UTIITSL पोर्टल पर पैन डेटा चेंज रिक्वेस्ट फॉर्म भरकर ऑनलाइन आवेदन की सुविधा
- नए फोटो, हस्ताक्षर और एड्रेस प्रूफ के साथ 10-अंकीय अल्फान्यूमेरिक पैन नंबर हमेशा अपरिवर्तित रहता है
18 वर्ष की आयु पूरी होने पर पैन कार्ड अपडेशन का नियम
आयकर अधिनियम के तहत 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का भी पैन कार्ड बनवाया जा सकता है, जिसे माइनर पैन कार्ड कहा जाता है। आमतौर पर माता-पिता बच्चों के नाम पर म्यूचुअल फंड निवेश, बैंक खाता या सुकन्या समृद्धि योजना जैसी स्कीमों के लिए यह कार्ड बनवाते हैं। इस कार्ड पर बच्चे की तस्वीर नहीं होती और हस्ताक्षर की जगह माता-पिता या कानूनी अभिभावक के हस्ताक्षर दर्ज होते हैं। जैसे ही व्यक्ति 18 वर्ष की आयु प्राप्त कर लेता है, वह कानूनन बालिग माना जाता है और उसके पैन कार्ड का पुराना स्वरूप वित्तीय संस्थाओं में अमान्य होने लगता है।
वयस्क होने के बाद स्वतंत्र रूप से बैंक खाता संचालित करने, Credit Card लेने, शेयर बाजार में डीमैट खाता खोलने और आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए व्यक्ति के स्वयं के हस्ताक्षर और नवीनतम तस्वीर वाला पैन कार्ड आवश्यक होता है। यदि समय रहते पैन कार्ड को मेजर कैटेगरी में अपडेट नहीं कराया जाता, तो वित्तीय संस्थानों में केवाईसी प्रक्रिया अटक सकती है। करदाताओं को ध्यान रखना चाहिए कि इस प्रक्रिया में उनका मूल 10-अंकीय स्थायी खाता संख्या (पैन) नहीं बदलता, केवल आयकर विभाग के रिकॉर्ड में उनकी व्यक्तिगत पहचान और बायोमेट्रिक्स अपडेट होते हैं।
माइनर से मेजर पैन अपग्रेड के लिए आवश्यक दस्तावेज
माइनर पैन कार्ड को मेजर में बदलने के लिए आवेदक को अपनी बालिग पहचान स्थापित करने वाले वैध दस्तावेज जमा करने होते हैं। इसके तहत आयु प्रमाण पत्र, पहचान प्रमाण और निवास प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है। आधार कार्ड इस पूरी प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण और सुगम दस्तावेज साबित होता है क्योंकि यह जन्मतिथि, पहचान और पते तीनों की पुष्टि एक साथ करता है। इसके अलावा आवेदक के पास पासपोर्ट साइज की नई रंगीन फोटो और श्वेत कागज पर काली स्याही से किए गए स्पष्ट हस्ताक्षर की डिजिटल कॉपी होना जरूरी है।
यदि आवेदक के पास आधार कार्ड उपलब्ध नहीं है, तो वह पहचान के लिए मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट का इस्तेमाल कर सकता है। पते के प्रमाण के रूप में बिजली बिल, बैंक पासबुक या टेलीफोन बिल की प्रति दी जा सकती है। जन्मतिथि सत्यापन के लिए 10वीं कक्षा का अंकपत्र या नगर निगम द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र मान्य होता है। ऑनलाइन आवेदन करते समय इन सभी दस्तावेजों की साफ स्कैन कॉपी अपलोड करनी होती है ताकि आयकर विभाग के सत्यापन तंत्र में कोई विसंगति न आए।
केवाईसी अनुपालन और वित्तीय स्वतंत्रता पर सीधा प्रभाव
बैंकिंग प्रणाली में एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग नियमों और रिजर्व बैंक के दिशानिर्देशों के तहत हर खाताधारक का वैध केवाईसी होना अनिवार्य है। जब कोई नाबालिग 18 वर्ष का होता है, तो उसका बैंक खाता भी माइनर से मेजर खाते में बदला जाता है। बैंक इस बदलाव के समय ग्राहक से स्वयं के हस्ताक्षर वाला अपडेटेड पैन कार्ड मांगते हैं। यदि पैन कार्ड पर अभिभावक के हस्ताक्षर रह जाते हैं, तो चेक जारी करने, बड़ी नकद निकासी करने या लोन आवेदन की प्रक्रिया में तकनीकी रुकावटें आ सकती हैं।
इसके अलावा डीमैट खाता खोलने और म्यूचुअल फंड फोलियो को स्वतंत्र रूप से प्रबंधित करने के लिए सेबी के नियम स्पष्ट हैं कि निवेशक का स्व-हस्ताक्षरित पैन होना चाहिए। स्वतंत्र करदाता के रूप में फॉर्म 16 प्राप्त करने और वित्तीय वर्ष के अंत में ITR दाखिल करने के लिए भी मेजर पैन अनिवार्य शर्त है। अत: 18 वर्ष का होते ही पैन डेटा अपडेट कराना भविष्य की कानूनी और वित्तीय अड़चनों से बचने का सबसे सुरक्षित तरीका है।
NSDL पोर्टल पर माइनर पैन को मेजर अपडेट करने की प्रक्रिया
आयकर विभाग की अधिकृत एजेंसियों के ऑनलाइन पोर्टल का उपयोग करके घर बैठे माइनर पैन कार्ड को मेजर में अपडेट किया जा सकता है। इसके लिए निर्धारित सेवा शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करना होता है।
सफल आवेदन के बाद जनरेट हुई पावती पर्ची से स्टेटस ट्रैक किया जा सकता है और नया भौतिक पैन कार्ड डाक द्वारा पते पर भेज दिया जाता है।
- चरण 1: Protean (NSDL) या UTIITSL पोर्टल पर जाएं और 'पैन डेटा में सुधार/अपडेट' विकल्प चुनें
- चरण 2: मौजूदा 10-अंकीय पैन नंबर दर्ज करें और श्रेणी में 'इंडिविजुअल' का चयन करें
- चरण 3: फॉर्म में फोटो मिसमैच और सिग्नेचर मिसमैच के बॉक्स को टिक कर अपनी नई फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करें
- चरण 4: पहचान व जन्मतिथि प्रमाण के रूप में आधार विवरण दर्ज करें और निर्धारित ऑनलाइन शुल्क का भुगतान करें