नई दिल्ली (PaisaKhabar News Desk): राजस्व खुफिया निदेशालय (Directorate of Revenue Intelligence - DRI) ने 'ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट' (Operation Deep Manifest) के तहत एक बड़े अंतरराष्ट्रीय स्मगलिंग नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है. जांच एजेंसी ने मुंबई के न्हावा शेवा (JNPT) बंदरगाह पर पाकिस्तान से अवैध रूप से लाए जा रहे करीब 25,000 किलोग्राम (25 मीट्रिक टन) तरबूज के बीज जब्त किए हैं. जांच में अब तक कुल 46,920 किलोग्राम पाकिस्तानी बीज भारत में खपाने की साजिश का खुलासा हुआ है. इस मामले में दो प्रमुख आरोपियों को सीमा शुल्क अधिनियम (Customs Act) के तहत गिरफ्तार किया गया है.
📌 मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट: पाकिस्तानी वस्तुओं पर लगे भारतीय प्रतिबंध को दरकिनार करने की अंतरराष्ट्रीय साजिश नाकाम.
- बड़ी जब्ती: न्हावा शेवा पोर्ट पर 25,000 किलो पाकिस्तानी तरबूज के बीज पकड़े गए; कुल जांच में 46,920 किलो का खुलासा.
- दुबई रूट से हेराफेरी: माल को पहले कराची (पाकिस्तान) से जेबेल अली (दुबई) भेजा गया, फिर कंटेनर और मूल देश (Country of Origin) का फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर भारत भेजा गया.
- गलत घोषणा (Misdeclaration): आयातकों ने प्रतिबंध से बचने के लिए इसे तरबूज की जगह 'खरबूजे का बीज' (Muskmelon seeds) और 'UAE मूल' घोषित किया था.
- कड़ी कानूनी कार्रवाई: DRI ने मामले में संलिप्त 2 मुख्य व्यक्तियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
कैसे रची गई साजिश? (दुबई रूट और कंटेनर स्वैपिंग का खेल)
DRI अधिकारियों के अनुसार, तस्कर गिरोह ने भारतीय सुरक्षा और व्यापार नियमों को चकमा देने के लिए एक बेहद सुनियोजित Transshipment Scheme तैयार की थी:
- कराची से लोडिंग: बीजों की यह खेप मूल रूप से पाकिस्तान के कराची बंदरगाह से लोड होकर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के जेबेल अली (Jebel Ali) पोर्ट पहुंची.
- कंटेनर और दस्तावेज बदले: जेबेल अली बंदरगाह पर पुराने कंटेनरों से माल निकालकर नए कंटेनरों में शिफ्ट किया गया और फर्जी 'Country of Origin Certificate' तैयार किए गए, जिससे यह प्रतीत हो कि माल UAE का है.
- फर्जी डिक्लेरेशन: भारतीय सीमा शुल्क के कड़े नियमों और तरबूज बीज पर लगी पाबंदियों से बचने के लिए इसे न केवल UAE का माल बताया गया, बल्कि बीजों की किस्म भी गलत दर्ज की गई.
भारत में पाकिस्तानी वस्तुओं पर प्रतिबंध क्यों?
भारत सरकार ने पुलवामा हमले के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा और घरेलू आर्थिक हितों के मद्देनजर पाकिस्तान से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आने वाले सभी सामानों पर 200% सीमा शुल्क और कड़े प्रतिबंध लगाए हुए हैं. इसके अलावा, तरबूज और खरबूजे के बीजों के आयात पर पहले से ही कोटा और नीतिगत प्रतिबंध लागू हैं. तस्कर भारी मुनाफा कमाने के लिए खाड़ी देशों (Gulf Transshipment Hubs) के जरिए पाकिस्तान के कृषि उत्पादों को भारतीय बाजारों में अवैध रूप से खपाने की कोशिश करते हैं.
DRI का 'ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट' जारी
डीआरआई की यह कार्रवाई दर्शाती है कि विदेशी बंदरगाहों के शिपिंग मैनिफेस्ट और डिजिटल डेटा एनालिटिक्स की मदद से भारत सरकार की खुफिया एजेंसियां सीमा पार से होने वाली आर्थिक धोखेबाजी पर 24x7 नजर बनाए हुए हैं. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य वित्तीय लेन-देन, हवाला नेटवर्क और स्थानीय आयातकों की भी गहन जांच की जा रही है.