नई दिल्ली (PaisaKhabar News Desk): दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण पर लगाम कसने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए परिवर्तन (PARIVARTAN) योजना को आधिकारिक रूप से मंजूरी दे दी है, जिसके तहत दिल्ली-NCR क्षेत्र में पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले कमर्शियल वाहनों को बदलने पर भारी सब्सिडी और टैक्स छूट दी जाएगी। इस योजना से इस पूरे क्षेत्र के लगभग 2.07 लाख बस और ट्रक मालिकों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। राजधानी में लगातार खराब होती हवा के बीच यह पहल ट्रांसपोर्टर्स को BS-6 और इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों अपनाने के लिए प्रेरित करेगी, जिससे कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी दर्ज की जा सकेगी और परिवहन क्षेत्र में ग्रीन टेक्नोलॉजी को तेजी से बढ़ावा मिलेगा।
📌 मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- दिल्ली-NCR में पुरानी बसें और ट्रक स्क्रैप कराकर नई BS-6 या इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने परिवर्तन योजना के तहत बंपर छूट दी जा रही है।
- इस योजना से दिल्ली-NCR क्षेत्र के करीब 2.07 लाख बस और ट्रक मालिकों को सीधा और बड़ा आर्थिक फायदा पहुंचेगा।
- नई गाड़ी खरीदने पर 100% रजिस्ट्रेशन फीस माफ होगी और नए वाहन पर 10 वर्षों के लिए 100% रोड टैक्स की पूरी छूट मिलेगी।
- गाड़ी फाइनेंस कराने पर 5% ब्याज सब्सिडी और वाहन निर्माता कंपनियों (OEM) द्वारा सीधे 8% तक का डिस्काउंट दिया जाएगा।
परिवर्तन योजना को मिली मंजूरी, 2.07 लाख वाहन मालिकों को मिलेगा सीधा फायदा
दिल्ली सरकार द्वारा हाल ही में मंजूर की गई परिवर्तन (PARIVARTAN) योजना राजधानी और उससे सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए एक बड़ा और अहम कदम साबित होने जा रही है। इस योजना के केंद्र में वे पुराने डीजल और पेट्रोल से चलने वाले कमर्शियल वाहन हैं जो पर्यावरण को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं। सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस विशेष योजना का लाभ दिल्ली-NCR के लगभग 2.07 लाख बस और ट्रक मालिकों को सीधे तौर पर मिलेगा, जो अपने पुराने फ्लीट को आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल वाहनों में बदलना चाहते हैं।
मौजूदा समय में दिल्ली में प्रवेश करने वाली और शहर के भीतर चलने वाली पुरानी कमर्शियल गाड़ियों पर कई तरह की पाबंदियां और सख्त नियम लागू किए जा रहे हैं, ऐसे में यह योजना वाहन मालिकों के लिए एक राहत भरा विकल्प बनकर आई है। इसके तहत अगर कोई ट्रांसपोर्टर या कमर्शियल वाहन मालिक अपनी पुरानी गाड़ी को स्क्रैप कराकर उसकी जगह आधुनिक तकनीक वाली BS-6 या इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदता है, तो उसे सरकार की तरफ से कई स्तरों पर वित्तीय सहायता और करों में भारी छूट प्रदान की जाएगी, जिससे नए वाहन की कुल लागत काफी कम हो जाएगी।
नए वाहनों की खरीद पर 10 साल तक रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में पूरी छूट
परिवर्तन योजना के तहत कमर्शियल वाहन मालिकों को वित्तीय मोर्चे पर कई जबरदस्त सौगातें दी गई हैं, जिनमें सबसे बड़ा आकर्षण रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में मिलने वाली पूर्ण छूट है। योजना के प्रावधानों के मुताबिक, यदि कोई वाहन मालिक अपनी पुरानी बस या ट्रक को स्क्रैप कराकर नया ग्रीन व्हीकल रजिस्टर्ड करवाता है, तो उससे किसी भी प्रकार की रजिस्ट्रेशन फीस नहीं वसूली जाएगी और यह शत-प्रतिशत माफ होगी। इसके अलावा, नए खरीदे गए वाहन पर मोटर वाहन टैक्स में पूरे 10 वर्षों के लिए 100% की पूर्ण छूट दी जाएगी, जिससे हर साल मालिकों पर पड़ने वाला टैक्स का वित्तीय बोझ पूरी तरह खत्म हो जाएगा।
इस वित्तीय प्रोत्साहन का उद्देश्य कमर्शियल ट्रांसपोर्ट सेक्टर को आर्थिक रूप से मजबूती देना है, क्योंकि अक्सर भारी भरकम टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क के कारण छोटे ट्रांसपोर्टर्स नई गाड़ियां खरीदने से बचते हैं। सरकार के इन दूरगामी प्रावधानों से न केवल फ्लीट आधुनिकीकरण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि दिल्ली-NCR की सड़कों पर चलने वाली पुरानी और अधिक धुआं छोड़ने वाली गाड़ियां भी तेजी से कम होंगी। वाहन मालिक इस योजना का लाभ तत्काल प्रभाव से उठा सकते हैं और अपने पुराने कमर्शियल वाहनों को नए व पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों से बदल सकते हैं।
5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी और वाहन निर्माता कंपनियों की तरफ से 8 प्रतिशत की सीधी छूट
केवल टैक्स छूट ही नहीं, बल्कि परिवर्तन योजना के तहत वाहन मालिकों को लोन और खरीद मूल्य पर भी दोतरफा वित्तीय लाभ दिए जा रहे हैं ताकि पूंजी की कमी आड़े न आए। यदि कोई ट्रांसपोर्टर अपनी नई बस या ट्रक खरीदने के लिए बैंक या वित्तीय संस्थान से लोन यानी गाड़ी फाइनेंस कराता है, तो उसे ब्याज दरों में 5 प्रतिशत की सीधी सब्सिडी सरकार की ओर से दी जाएगी। इस ब्याज अनुदान से लोन की कुल लागत काफी कम हो जाएगी और ईएमआई का बोझ भी वाहन मालिकों के लिए बेहद आसान हो जाएगा, जिससे वे बिना किसी वित्तीय संकट के अपने वाहन को अपग्रेड कर सकेंगे।
इसके साथ ही, इस योजना में वाहन निर्माता कंपनियों यानी ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEM) को भी शामिल किया गया है जो नई गाड़ी की खरीद पर ग्राहकों को 8 प्रतिशत तक की सीधी छूट प्रदान करेंगी। सरकार और ऑटोमोबाइल कंपनियों के बीच हुए इस समन्वय से खरीदार को भारी-भरकम डिस्काउंट का लाभ मिलेगा। विश्लेषकों का मानना है कि 5% ब्याज सब्सिडी और 8% कंपनी डिस्काउंट का यह संयोजन पुराने कमर्शियल वाहनों को बदलने की प्रक्रिया को आर्थिक रूप से बेहद आकर्षक और व्यावहारिक बना देता है, जिससे आने वाले महीनों में स्क्रैपेज सेंटर्स पर आवेदन तेजी से बढ़ेंगे।
दिल्ली-NCR में परिवर्तन योजना का लाभ उठाने की आधिकारिक आवेदन प्रक्रिया
दिल्ली-NCR के बस और ट्रक मालिक जो अपनी पुरानी गाड़ियों को बदलकर परिवर्तन योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित की गई आधिकारिक और पारदर्शी प्रक्रिया का पालन करना होगा। यह पूरी प्रक्रिया वाहन स्क्रैपेज से लेकर नए वाहन के रजिस्ट्रेशन और सब्सिडी ट्रांसफर तक डिजिटल माध्यम से पूरी की जाती है, ताकि वाहन मालिकों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। नीचे दिए गए चरणों का पालन करके आप इस योजना का पूरा लाभ प्राप्त कर सकते हैं:
- चरण 1: 1. सबसे पहले अपने पुराने कमर्शियल वाहन को किसी अधिकृत रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी (RVSF) केंद्र पर ले जाकर स्क्रैप कराएं और वहां से आधिकारिक स्क्रैपेज सर्टिफिकेट प्राप्त करें।
- चरण 2: 2. स्क्रैपेज सर्टिफिकेट के आधार पर किसी अधिकृत डीलरशिप से BS-6 मानक वाली नई कमर्शियल गाड़ी या इलेक्ट्रिक बस/ट्रक का चयन करें, जिस पर निर्माता कंपनियां 8% की सीधी छूट देंगी।
- चरण 3: 3. वाहन फाइनेंस कराते समय बैंक या वित्तीय संस्थान के माध्यम से परिवर्तन योजना के तहत मिलने वाली 5% ब्याज सब्सिडी के लिए आधिकारिक आवेदन पत्र भरें।
- चरण 4: 4. नए वाहन के रजिस्ट्रेशन के समय परिवहन विभाग के पोर्टल पर 100% रजिस्ट्रेशन फीस माफी और 10 साल के लिए 100% रोड टैक्स छूट के प्रावधानों के तहत अपना दावा प्रस्तुत करें।