नई दिल्ली (PaisaKhabar News Desk): दिवाली, दशहरा और धनतेरस के फेस्टिव सीजन में E-Commerce प्लेटफॉर्म्स पर बाय नाउ पे लेटर यानी BNPL का चलन तेजी से बढ़ा है। बिना तुरंत पैसे चुकाए खरीदारी करने की यह सुविधा पहली नजर में बेहद आकर्षक लगती है, लेकिन वित्तीय अनुशासन की अनदेखी भारी कर्ज कारण बन सकती है। फिनटेक प्लेटफॉर्म्स और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) द्वारा दी जा रही इस सुविधा में छिपे हुए शुल्क, डिफॉल्ट पर 30% से 40% तक का भारी पेनल्टी ब्याज और CIBIL Score बिगड़ने का बड़ा जोखिम शामिल है। विशेषज्ञों ने त्योहारों के दौरान बिना बजट अनियंत्रित खरीदारी से बचने की सख्त चेतावनी दी है।
📌 मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- फेस्टिव सीजन खरीदारी में BNPL से बिना सोचे-समझे ओवरस्पेंडिंग का जोखिम 30% से अधिक बढ़ता है।
- पेमेंट चूकने पर फिनटेक कंपनियां 24% से 36% सालाना तक का दंडात्मक ब्याज और लेट फीस वसूलती हैं।
- समय पर पुनर्भुगतान न होने से उपभोक्ता का CIBIL Score 50 से 100 अंक तक गिर सकता है।
- BNPL खाता बैकएंड पर एक पर्सनल लोन की तरह क्रेडिट ब्यूरो में दर्ज होता है, जिससे भविष्य के लोन प्रभावित होते हैं।
फेस्टिव सीजन में बाय नाउ पे लेटर के 5 बड़े वित्तीय खतरे
त्योहारी सीजन में फ्लिपकार्ट, अमेजन और अन्य शॉपिंग पोर्टल्स पर बाय नाउ पे लेटर का विकल्प ग्राहकों को तुरंत चेकआउट की सुविधा देता है। इसका सबसे पहला बड़ा खतरा फिजूलखर्ची यानी ओवरस्पेंडिंग का है, जहां जेब में पैसे न होने के बावजूद लोग गैर-जरूरी सामान खरीद लेते हैं। दूसरा बड़ा खतरा यह है कि यह कोई मुफ्त सुविधा नहीं बल्कि एक अल्पकालिक अनसिक्योर्ड लोन है, जिसकी रिपोर्टिंग सीधे क्रेडिट ब्यूरो को होती है। यदि उपभोक्ता 15 से 30 दिनों की निर्धारित अवधि में बिल नहीं चुकाता, तो उस पर भारी लेट फीस और पेनल्टी लगाई जाती है।
तीसरा खतरा लोन ट्रैप का है, जहां कई छोटे-छोटे BNPL भुगतानों को मिलाकर महीने के अंत में एक बड़ी देनदारी बन जाती है। चौथा खतरा Credit Card की तुलना में सीमित उपभोक्ता सुरक्षा और अस्पष्ट रिफंड नियमों का होना है, जिसमें कैंसिलेशन के बावजूद EMI कटती रहती है। पांचवां और सबसे गंभीर खतरा CIBIL Score का तेजी से गिरना है। फिनटेक लेंडर्स एक दिन की भी देरी होने पर डिफॉल्ट रिपोर्ट कर देते हैं, जिससे भविष्य में होम लोन या कार लोन मिलना बेहद कठिन हो जाता है।
आरबीआई डिजिटल लेंडिंग गाइडलाइंस और छिपी ब्याज दरों का सच
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने डिजिटल लेंडिंग गाइडलाइंस के जरिए स्पष्ट किया है कि कोई भी BNPL प्लेटफॉर्म बिना विनियमित बैंक या NBFC पार्टनर के लोन नहीं दे सकता। इसके बावजूद कई उपभोक्ता यह नहीं समझ पाते कि 'नो कॉस्ट' का दावा करने वाले इन विकल्पों में प्रोसेसिंग फीस या प्री-क्लोजर चार्ज जैसे छिपे हुए घटक शामिल हो सकते हैं। यदि नियत तारीख तक भुगतान नहीं होता है, तो कंपनियों द्वारा 2% से 3% प्रति माह यानी 24% से 36% सालाना तक का अत्यधिक ब्याज वसूला जाता है, जो सामान्य पर्सनल लोन से कहीं अधिक महंगा साबित होता है।
क्रेडिट इंफॉर्मेशन ब्यूरो (CIBIL, Experian) के नियमों के अनुसार, हर एक BNPL एक्टिवेशन को एक नए एक्टिव लोन अकाउंट के रूप में दर्ज किया जाता है। यदि किसी युवा उपभोक्ता के प्रोफाइल पर 4 या 5 अलग-अलग BNPL खाते सक्रिय दिखते हैं, तो बैंक उसे 'क्रेडिट हंग्री' मान लेते हैं। इससे उपभोक्ता की साख पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और उसका क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेश्यो (CUR) 30% की सुरक्षित सीमा को पार कर जाता है, जो वित्तीय रेटिंग्स के लिए बेहद नुकसानदेह साबित होता है।
उपभोक्ता क्रेडिट प्रोफाइल पर गहरा असर और लीगल रिकवरी प्रक्रिया
त्योहारी उल्लास में BNPL का अत्यधिक इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि डिफॉल्ट की स्थिति में लेंडर्स कानूनी रिकवरी प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। लोन एग्रीमेंट में दर्ज शर्तों के तहत डिजिटल रिकवरी नोटिस जारी किए जा सकते हैं। समय पर किस्तें न चुकाने पर उपभोक्ता को केवल वित्तीय नुकसान ही नहीं होता, बल्कि रिकवरी एजेंसियों के फोन कॉल्स और मानसिक तनाव का सामना भी करना पड़ता है। अधिकांश युवा नौकरीपेशा बिना सोचे-समझे डिजिटल साइन कर देते हैं, जिससे वे सख्त रिकवरी शर्तों से बंध जाते हैं।
पारंपरिक Credit Card में जहां 45 से 50 दिनों का ब्याज-मुक्त ग्रेस पीरियड और फिक्स्ड क्रेडिट लिमिट मिलती है, वहीं BNPL में आमतौर पर केवल 14 से 30 दिनों का समय मिलता है। यदि इस छोटी अवधि में नकदी प्रवाह नहीं बना, तो डिफॉल्ट तय हो जाता है। वित्तीय सलाहकारों का मानना है कि उपभोक्ताओं को त्योहारी खरीदारी केवल अपनी वास्तविक बचत या मासिक बजट के 20% हिस्से तक ही सीमित रखनी चाहिए, ताकि बाद में सैलरी आते ही किसी भारी कर्ज का बोझ न उठाना पड़े।
सुरक्षित डिजिटल खरीदारी और क्रेडिट स्कोर बचाने के 4 उपाय
त्योहारी सीजन में खरीदारी करते समय वित्तीय अनुशासन बनाए रखने और BNPL के नुकसान से बचने के लिए उपभोक्ताओं को एक सुनियोजित रणनीति का पालन करना अनिवार्य है। नीचे दिए गए आधिकारिक सुरक्षा चरणों को अपनाकर आप कर्ज के जाल और क्रेडिट स्कोर के नुकसान से पूरी तरह बच सकते हैं।
- बजट अनुशासन: अपनी मासिक टेक-होम सैलरी के 25% से अधिक की खरीदारी कभी भी BNPL या लोन पर न करें।
- Auto-Debit सक्रियण: लेट फीस से बचने के लिए अपने प्राथमिक बैंक खाते में पर्याप्त बैलेंस रखकर Auto-Debit सेट करें।
- क्रेडिट रिपोर्ट की जांच: हर 30 दिन में cibil.com पर जाकर अपनी रिपोर्ट जांचें कि कोई गलत एक्टिव लोन तो दर्ज नहीं है।
- अनावश्यक खाते बंद करना: इस्तेमाल न होने वाले पुराने BNPL खातों को लेंडर की ऐप से एनओसी लेकर विधिवत बंद कराएं।