LIVE BAZAAR: NIFTY 50: 23,960.60 (+149.75) SENSEX: 77,301.40 (+383.55) GOLD (24K): ₹1,42,680 (+₹3,950) USD/INR: ₹94.64
₹
PAISAKHABAR.in
📸 👍
🔥 होम 🧮 स्मार्ट कैलकुलेटर 📈 आज का बाजार 🏛️ सरकारी योजना 📋 वैकेंसी 💰 बचत-SIP 🏦 बैंक-लोन 🛡️ फ्रॉड अलर्ट 💼 बिजनेस 🌐 सभी
← होमपेज पर वापस जाएं
News • PaisaKhabar Desk • 2 नवंबर 2026 | 06:30 PM IST

Binance Hack: क्रिप्टो एक्सचेंज से पैसे डूबने पर किसे मिलता है भुगतान?

Binance Hack: क्रिप्टो एक्सचेंज से पैसे डूबने पर किसे मिलता है भुगतान?

नई दिल्ली (PaisaKhabar News Desk): दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज Binance पर हुए इतिहास के सबसे बड़े साइबर हमले के बाद डिजिटल एसेट मार्केट में हड़कंप मच गया है। हैकर्स ने महज 20 मिनट के भीतर एक्सचेंज से लगभग $6.3 बिलियन (करीब ₹60,000 करोड़) से $6.4 बिलियन के फंड साफ कर दिए, जिसके बाद सुरक्षा चिंताओं के कारण बिटकॉइन $77,000 के स्तर से नीचे आ गया। इस भयावह चोरी के बाद निवेशकों में भारी घबराहट देखी गई और महज 9.5 घंटे के भीतर यूजर्स ने प्लेटफॉर्म से ₹39,000 करोड़ ($3.64 बिलियन से $5 बिलियन) की निकासी कर ली। इस घटना ने एक बड़ा विधिक और वित्तीय सवाल खड़ा कर दिया है कि क्रिप्टो एक्सचेंज डुबाने या हैक होने पर निवेशकों के नुकसान की भरपाई कौन करता है।

📌 मुख्य बिंदु (Key Highlights):

  • Binance हैक से $6.3 से $6.4 बिलियन (₹60,000 करोड़) चोरी होने का अनुमान
  • हैकिंग के बाद यूजर्स ने महज कुछ घंटों में $3.64 से $5 बिलियन निकाले
  • चोरी का आरोप उत्तर कोरिया के हैकर्स और लाउंडरिंग नेटवर्क पर लगा
  • ट्रेडिंग निलंबन के बाद बिटकॉइन गिरकर $77,000 के स्तर से नीचे पहुंचा

Binance पर सबसे बड़ा साइबर हमला और $6.3 बिलियन का नुकसान

क्रिप्टो रिस्क मैनेजमेंट और सिक्योरिटी डोमेन में इस घटना को इतिहास की सबसे बड़ी हैकिंग माना जा रहा है। महज 20 मिनट के भीतर हैकर्स ने सिस्टम की कमजोरियों का फायदा उठाते हुए Binance से $6.3 बिलियन से $6.4 बिलियन मूल्य के एसेट चुरा लिए। इस हैकिंग की खबर बाहर आते ही क्रिप्टो मार्केट में तेज बिकवाली देखी गई, जिससे सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन टूटकर $77,000 के स्तर से नीचे आ गई। एक्सचेंज ने सुरक्षा के तहत अस्थायी रूप से डिपॉजिट और विड्रॉल सेवाओं पर रोक लगा दी, लेकिन सेवाएं बहाल होते ही निवेशकों ने अपने एसेट सुरक्षित करने के लिए निकासी शुरू कर दी।

वैश्विक ब्लॉकचेन एनालिटिक्स फर्म Elliptic और सुरक्षा एजेंसियों की शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, इस चोरी के पीछे उत्तर कोरिया से जुड़े हैकर्स का हाथ माना जा रहा है। हैकर्स ने चुराए गए $6.4 बिलियन को मिक्सर और विकेंद्रीकृत प्रोटोकॉल के जरिए लाउंडर करना शुरू किया है। इस पैनिक के कारण केवल 9.5 घंटे में उपयोगकर्ताओं ने लगभग ₹39,000 करोड़ ($3.64 बिलियन) के फंड वापस निकाल लिए। कुछ ही समय में कुल विड्रॉल का आंकड़ा $5 बिलियन को पार कर गया, जिससे एक्सचेंज के लिक्विडिटी रिजर्व और रिस्क मैनेजमेंट फ्रेमवर्क पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

क्रिप्टो नुकसान पर विधिक प्रावधान और रिस्क रिजर्व के नियम

पारंपरिक बैंकिंग और शेयर बाजार के विपरीत जहां DICGC ₹5 लाख तक की डिपॉजिट इंश्योरेंस गारंटी देता है या SEBI निवेशक सुरक्षा कोष (IPF) प्रदान करता है, क्रिप्टो एक्सचेंज किसी भी केंद्रीय बैंक की कानूनी गारंटी के दायरे में नहीं आते। हालांकि, Binance जैसे बड़े वैश्विक एक्सचेंज 'SAFU' (Secure Asset Fund for Users) नामक एक आपातकालीन बीमा कोष बनाए रखते हैं। इस एसेट फंड में अमूमन $1 बिलियन तक की रिजर्व कैपिटल होती है, जिसका उपयोग गंभीर सुरक्षा उल्लंघनों के मामलों में यूजर्स के नुकसान की भरपाई के लिए किया जाता है।

यदि नुकसान SAFU फंड की सीमा से अधिक होता है, तो एक्सचेंज के यूजर एग्रीमेंट और टर्म्स ऑफ सर्विस के तहत विधिक जिम्मेदारी तय होती है। ज्यादातर क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स के टर्म्स में यह साफ लिखा होता है कि थर्ड-पार्टी हैक्स, ब्लॉकचेन नेटवर्क की विफलता या यूजर क्रेडेंशियल चोरी के मामले में एक्सचेंज की कोई वैधानिक देनदारी नहीं होगी। हालांकि, जब हमला एक्सचेंज के खुद के वॉल्ट या स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर की लापरवाही के कारण होता है, तो अंतरराष्ट्रीय कॉर्पोरेट कानूनों और आर्बिट्रेशन के तहत एक्सचेंज को स्वयं की इक्विटी और प्रॉफिट से भरपाई करनी पड़ती है।

नियामक अनिश्चितता और जमाकर्ताओं के अधिकारों का प्रभाव

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रिप्टो एसेट्स के लिए कोई एकीकृत कानूनी रिफंड फ्रेमवर्क न होने के कारण व्यक्तिगत निवेशकों को भारी कानूनी अनिश्चितता का सामना करना पड़ता है। यदि कोई क्रिप्टो एक्सचेंज दिवालिया हो जाता है या हैकिंग के बाद देनदारियां पूरी करने में असमर्थ रहता है, तो निवेशकों को बिना गारंटी वाले देनदारों (Unsecured Creditors) की श्रेणी में रखा जाता है। पूर्व में FTX और Celsius के मामलों में देखा गया है कि दिवालियापन की कार्यवाही के दौरान निवेशकों को अपने फंड का केवल एक अंश वापस पाने में सालों का समय लग गया था।

भारतीय विधिक और टैक्स परिदृश्य में क्रिप्टोकरेंसी को केवल विर्चुअल डिजिटल एसेट (VDA) का दर्जा प्राप्त है, जहां Section 195/194S के तहत 1% TDS लागू होता है, लेकिन यहां किसी विधिक क्लेम या डिपॉजिट इंश्योरेंस की व्यवस्था नहीं है। अंतरराष्ट्रीय न्यायशास्त्र के तहत, यदि Binance अपने SAFU फंड और कॉर्पोरेट ट्रेजरी का उपयोग करके नुकसान की भरपाई नहीं करता है, तो निवेशकों के पास अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता कोर्ट (Arbitration Court) या संबंधित विदेशी क्षेत्राधिकार में क्लास-एक्शन मुकदमा दायर करने के अलावा कोई सीधा कानूनी विकल्प नहीं बचता है।

क्रिप्टो हैक या एक्सचेंज संकट पर निवेशकों के लिए जरूरी कदम

यदि किसी क्रिप्टो एक्सचेंज पर साइबर हमला होता है या लिक्विडिटी का संकट उत्पन्न होता है, तो व्यक्तिगत निवेशकों को अपनी पूंजी की सुरक्षा के लिए तुरंत एक व्यवस्थित रणनीति अपनानी चाहिए:

  • चरण 1: पैनिक्स विड्रॉल की स्थिति में एक्सचेंज के आधिकारिक 'SAFU' रिजर्व क्लेम की स्थिति जांचें
  • चरण 2: हॉट वॉलेट की बजाय अपने क्रिप्टो एसेट्स को नॉन-कस्टोडियल या हार्डवेयर वॉलेट में ट्रांसफर करें
  • चरण 3: एक्सचेंज द्वारा दी जाने वाली आधिकारिक रिफंड टाइमलाइन और स्टेटस की पुष्टि सिर्फ आधिकारिक डोमेन से करें
  • चरण 4: यदि फंड में क्षति होती है तो अपने ट्रांजैक्शन हैश और वॉलेट एड्रेस का रिकॉर्ड विधिक कार्रवाई हेतु सुरक्षित रखें
🧮 PAISAKHABAR मुफ़्त फाइनेंशियल टूल्स

अपने पैसे, टैक्स और क्लेम की 5 सेकंड में लाइव गणना करें

सभी कैलकुलेटर देखें ➔
📋 संपादकीय सत्यापन एवं वित्तीय अस्वीकरण (Editorial Verification & Disclaimer):

यह विश्लेषण PaisaKhabar Financial Research Desk द्वारा आधिकारिक सरकारी अधिसूचनाओं, RBI/SEBI/IRDAI दिशानिर्देशों और बाजार के प्रमाणित आंकड़ों के आधार पर तैयार किया गया है। यह लेख केवल वित्तीय जागरूकता और शैक्षिक जानकारी के लिए है; किसी भी निवेश या बीमा निर्णय से पूर्व अपने SEBI-पंजीकृत वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।

PaisaKhabar — निष्पक्ष और सटीक वित्तीय विश्लेषण

हर खबर सीधे भारतीय शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड और अर्थव्यवस्था से।

सभी खबरें देखें ➔