📌 त्वरित सार (Executive Brief)
- इनएक्टिव बनाम डॉरमेंट: अगर आपने 12 महीने तक बचत खाते में कोई लेनदेन नहीं किया, तो यह 'Inactive' हो जाता है। 24 महीने (2 साल) पूरे होते ही यह 'Dormant' (निष्क्रिय) श्रेणी में चला जाता है।
- पैसे की सुरक्षा: डॉरमेंट होने पर भी आपके खाते का पैसा और उस पर मिलने वाला ब्याज 100% सुरक्षित रहता है, लेकिन एटीएम निकासी, चेक और यूपीआई ब्लॉक हो जाते हैं।
- आरबीआई का नियम: आरबीआई के सर्कुलर के मुताबिक खाते को पुनः सक्रिय करने के लिए बैंक कोई भी चार्ज नहीं ले सकते।
1. डॉरमेंट खाता एक्टिवेट करने के 2 आसान तरीके
तरीका 1: नेटबैंकिंग / मोबाइल ऐप से Video-KYC (घर बैठे)
SBI, HDFC, ICICI, PNB और Bank of Baroda जैसे बड़े बैंकों ने अब नेटबैंकिंग और मोबाइल ऐप पर Re-KYC / Video KYC की सुविधा शुरू कर दी है।
- बैंक की आधिकारिक ऐप में लॉगिन करें और 'Services > KYC Update' चुनें।
- आधार ओटीपी प्रमाणीकरण के बाद बैंक अधिकारी के साथ 2 मिनट की वीडियो कॉल करें।
- अपना मूल पैन कार्ड और सादे कागज पर हस्ताक्षर दिखाएं। खाता 24 घंटे में एक्टिवेट हो जाएगा।
तरीका 2: बैंक ब्रांच जाकर 10 मिनट में समाधान
यदि ऑनलाइन सुविधा नहीं मिल रही है:
- नजदीकी होम ब्रांच में जाएं और 'Account Re-activation Application Form' भरें।
- आधार कार्ड और पैन कार्ड की स्व-हस्ताक्षरित (Self-Attested) फोटोकॉपी और 1 पासपोर्ट साइज फोटो संलग्न करें।
- खाता एक्टिवेट होते ही कैशियर के पास ₹100 जमा या निकासी का एक छोटा लेनदेन (Transaction) करें।
⚠️ अनक्लेम्ड डिपॉजिट्स (Unclaimed Deposits): यदि खाता 10 साल से अधिक समय तक बिना लेनदेन के पड़ा रहे, तो यह रकम आरबीआई के DEA Fund (Depositor Education and Awareness Fund) में चली जाती है, जिसे आप RBI के UDGAM पोर्टल के जरिए आसानी से खोजकर वापस पा सकते हैं।