10 वर्षों का ऐतिहासिक रुझान: अक्टूबर सीरीज में क्यों मजबूत रहता है निफ्टी का ‘विन-रेट’?

भारतीय शेयर बाजार में सितंबर महीने की उतार-चढ़ाव भरी बिकवाली के बाद अब ट्रेडर्स और पोजीशनल निवेशकों की निगाहें अक्टूबर एफएंडओ (F&O) सीरीज पर टिक गई हैं। ऐतिहासिक आंकड़ों के विस्तृत अध्ययन से यह बात सामने आती है कि पिछले 10 वर्षों में अक्टूबर डेरिवेटिव सीरीज के दौरान निफ्टी 50 का विन-रेट (Win-Rate) 70% रहा है। यानी पिछले 10 में से 7 अक्टूबर सीरीज में भारतीय शेयर बाजार ने सकारात्मक रिटर्न दर्ज किया है। सितंबर माह में मुनाफावसूली और वैश्विक दबाव के कारण सूचकांकों में आई गिरावट के बाद, तकनीकी और मौसमी (seasonality) कारक बाजार में बड़े बाउंसबैक का आधार तैयार कर रहे हैं।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज (HDFC Securities) और मोतीलाल ओसवाल (Motilal Oswal) के डेरिवेटिव रिसर्च डेस्क के ऐतिहासिक विश्लेषण के अनुसार, अक्टूबर सीरीज की इस मजबूती के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े ट्रिगर काम करते हैं। पहला, दूसरी तिमाही (Q2) के कॉरपोरेट नतीजों की शुरुआत, जो बाजार की अर्निंग्स विजिबिलिटी को बढ़ाती है। दूसरा, भारत में त्यौहारी सीजन (नवरात्रि, दशहरा और दिवाली) का आगमन, जिससे एफएमसीजी, ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और बैंकिंग सेक्टर में घरेलू मांग में तेज उछाल दर्ज किया जाता है। तीसरा कारक सितंबर सीरीज के अंत में ओवरसोल्ड जोन में पहुंचे सूचकांकों में होने वाली आक्रामक शॉर्ट-कवरिंग है।

बेंचमार्क इंडेक्स मौजूदा स्तर / लाइव भाव नेट बदलाव सपोर्ट (S1 / S2) रेजिस्टेंस (R1 / R2)
Nifty 50 22,606.40 ▼ -109.80 (-0.48%) 22,531.29 / 22,456.17 22,745.44 / 22,884.47
BSE Sensex 72,511.09 ▼ -17.98 (-0.02%) 72,230.95 / 71,950.80 72,926.74 / 73,342.38

सितंबर की गिरावट के बाद अक्टूबर का ऐतिहासिक परिदृश्य: प्रमुख कारण और सेक्टोरल ड्राइवर

दलाल स्ट्रीट पर पिछले 15 वर्षों के आंकड़ों को खंगालने पर एक स्पष्ट ट्रेंड उभरता है। जब भी सितंबर महीने में सूचकांकों में करेक्शन या 9-माह के लाभ के बाद मुनाफावसूली दर्ज की जाती है, तो अक्टूबर महीने में स्मार्ट मनी वापस इक्विटी मार्केट का रुख करती है। सितंबर की समाप्ति पर विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा निर्मित किए गए शार्ट पोजीशंस जब अक्टूबर में रोलओवर होते हैं, तो कम कीमत पर उपलब्ध गुणवत्ता वाले शेयरों में घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) का आक्रामक खरीदारी का रुझान बनता है।

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के अनुसार, इस बार अक्टूबर एफएंडओ सीरीज के लिए दो बड़े मैक्रो-ट्रिगर्स बेहद अहम रहने वाले हैं। पहला, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती का चक्र और डॉलर इंडेक्स (DXY) में आने वाली स्थिरता, जिससे उभरते बाजारों (Emerging Markets) में लिक्विडिटी का प्रवाह बना रहता है। दूसरा ट्रिगर घरेलू स्तर पर ग्रामीण मांग में मजबूती और जीएसटी कलेक्शन में संभावित रिकॉर्ड बढ़त है। सेक्टोरल स्तर पर, सितंबर में दबाव झेलने वाले निफ्टी बैंक, ऑटो सूचकांक और कंज्यूमर डिस्क्रेप्शनरी सेक्टर्स अक्टूबर सीरीज के दौरान लीडरशिप हासिल कर सकते हैं।

30 सितंबर लाइव ट्रेडिंग सेटअप: निफ्टी और सेंसेक्स के महत्वपूर्ण टेक्निकल लेवल्स

लाइव ट्रेडिंग सत्र में भारतीय शेयर बाजार दायरे में कारोबार कर रहा है। निफ्टी 50 इस समय 105.35 अंक (-0.46%) की गिरावट के साथ 22,610.85 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। दिन के कारोबार के दौरान निफ्टी ने 22,809.35 का उच्च स्तर और 22,595.20 का निचला स्तर छुआ है। वहीं, बीएसई सेंसेक्स 12.59 अंक (-0.02%) की मामूली गिरावट के साथ 72,516.48 के स्तर पर बना हुआ है, जिसका इंट्राडे हाई 73,062.23 और लो 72,366.44 दर्ज किया गया है।

पैसाखबर रिसर्च डेस्क के टेक्निकल चार्ट्स दिखाते हैं कि निफ्टी के लिए 22,534.25 का स्तर पहला तात्कालिक सपोर्ट (S1) है, जबकि 22,457.65 का स्तर एक मजबूत बेस (S2) के रूप में कार्य कर रहा है। तेजी की स्थिति में निफ्टी के लिए 22,748.40 पर पहला रेजिस्टेंस (R1) और 22,885.95 पर प्रमुख ब्रेकआउट रेजिस्टेंस (R2) मौजूद है। इंट्राडे ट्रेडर्स को इन लेवल्स के आधार पर ही अपने स्टॉप-लॉस और टारगेट तय करने की सख्त सलाह दी जाती है।

इंडेक्स (Index) लाइव स्तर (Live Price) बदलाव (%) तात्कालिक सपोर्ट (S1) प्रमुख सपोर्ट (S2) तात्कालिक रेजिस्टेंस (R1) प्रमुख रेजिस्टेंस (R2)
NIFTY 50 22,610.85 -0.46% (-105.35) 22,534.25 22,457.65 22,748.40 22,885.95
BSE SENSEX 72,516.48 -0.02% (-12.59) 72,234.53 71,952.59 72,930.32 73,344.17

ऑप्शन चेन और FII/DII डेटा का विश्लेषण: क्या शार्ट-कवरिंग के बन रहे हैं आसार?

अक्टूबर F&O सीरीज की शुरुआत से ठीक पहले डेरिवेटिव मार्केट का पुट-कॉल रेशियो (PCR) 0.82 के करीब पहुंच चुका है। जब भी पीसीआर 0.85 से नीचे जाता है, तो बाजार को तकनीकी रूप से ‘ओवरसोल्ड’ माना जाता है। ऐसे में किसी भी सकारात्मक वैश्विक या घरेलू ट्रिगर पर बिकवालों (Bears) द्वारा अपनी शार्ट पोजीशंस को तेजी से काटने यानी शॉर्ट-कवरिंग का जोखिम बढ़ जाता है। यही शॉर्ट-कवरिंग निफ्टी में 300 से 400 अंकों की सीधी एकतरफा तेजी पैदा करने का काम करती है।

एंजेल वन (Angel One) के ऑप्शन चेन डेटा के अनुसार, निफ्टी के 22,500 के पुट स्ट्राइक पर भारी ओपन इंटरेस्ट (OI) जमा हुआ है, जो यह दर्शाता है कि बड़े संस्थागत राइटर्स 22,500 को एक मजबूत बॉटम मान रहे हैं। दूसरी ओर, 22,800 के कॉल स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा ओपन इंटरेस्ट केंद्रित है। यदि निफ्टी 22,748.40 (R1) के ऊपर टिकाऊ ब्रेकआउट देता है, तो कॉल राइटर्स का अनवाइंडिंग प्रेशर निफ्टी को सीधे 22,885.95 और उसके पार ले जा सकता है। संस्थागत मोर्चे पर डीआईआई की लगातार खरीदारी एफआईआई की बिकवाली के असर को काफी हद तक बेअसर कर रही है।

PaisaKhabar वर्डिक्ट: डे-ट्रेडर्स व पोजीशनल निवेशकों के लिए 4 गोल्डन रूल्स

अक्टूबर F&O सीरीज के 70% ऐतिहासिक विन-रेट और मौजूदा बाजार संरचना को ध्यान में रखते हुए, ट्रेडर्स को अंधाधुंध तेजी के बजाय अनुशासित रणनीति अपनाने की जरूरत है। पैसाखबर की शोध टीम डे-ट्रेडर्स और पोजीशनल निवेशकों के लिए चार बेहद व्यावहारिक नियम प्रस्तुत कर रही है:

  • बाय-ऑन-डिप्स रणनीति: जब तक निफ्टी 22,457.65 (S2) के प्रमुख सपोर्ट लेवल से ऊपर ट्रेड कर रहा है, हर गिरावट में गुणवत्ता वाले लार्ज-कैप शेयरों में खरीदारी का अवसर तलाशें।
  • स्टॉप-लॉस में शून्य ढिलाई: वायदा बाजार में उच्च लिक्विडिटी के बावजूद वोलेटिलिटी बनी रह सकती है। लॉन्ग पोजीशंस के लिए 22,534.25 के नीचे सख्त स्टॉप-लॉस बनाकर रखें।
  • सेक्टोरल रोटेशन पर नजर: आईटी और एफएमसीजी जैसे डिफेंसिव सेक्टर्स से पैसा निकलकर फेस्टिव डिमांड वाले ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और प्राइवेट बैंकिंग स्टॉक्स में शिफ्ट हो सकता है।
  • ओवरनाइट लेवरेज कंट्रोल: अक्टूबर सीरीज की शुरुआत में इवेंट-बेस्ड उतार-चढ़ाव (Q2 रिजल्ट्स) देखने को मिल सकते हैं, इसलिए नग्न (naked) ऑप्शंस कैरी करने के बजाय हेज्ड स्ट्रैटेजी (Bull Call Spread) का प्रयोग करें।

📊 डेटा स्रोत: NSE, BSE, TradingView एवं ICE लाइव टिकर। आंकड़े बाजार समय के अनुसार रियल-टाइम सत्यापित हैं (अपडेट: 30 September 2026, 03:14 PM IST)।

By Deepak Singh

Founder and Financial Content Writer at PaisaKhabar.in. Covering Banking, Loans, Government Schemes, and Personal Finance in simple Hindi.

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